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दो घंटे कप्तान की चौखट पर रोते रहे पीड़ित

Sat, 24 Oct 2015 02:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ Updated Sat, 24 Oct 2015 02:39 AM IST
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Two hours on the door of the captain mourned victims
कप्तान की चौखट पर शुक्रवार दोपहर करीब दो घंटे तक परतापुर की महिलाएं रोती तो कभी पुलिस से भिड़ जातीं। गुस्साए लोगों को देखते हुए कई बार पुलिसकर्मियों को कप्तान आवास की तालाबंदी करनी पड़ी।
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जिस पर पुलिस और महिलाओं धक्का मुक्की, हाथापाई तक हुई। आरोप है कि प्रेम प्रसंग में उनके इकलौते बेटे की हत्या कर दी गई और पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की।
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मामला परतापुर थानाक्षेत्र के कायस्थ गावड़ी का है। राजकुमार का इकलौता बेटा अंकुर एक अक्टूबर को रेलवे ट्रैक पर लहूलुहान हालत में मिला था। पुलिस ने उसको निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चार अक्टूबर को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले को हादसा बताकर पोस्टमार्टम कराया था।
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17 अक्टूबर को परिजनों ने आरोप लगाया कि अंकुर की हत्या की गई है। हत्या का कारण पीड़ित परिवार ने अंकुर का एक युवती से प्रेम प्रसंग होना बताया है। पुलिस ने उनकी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। शुक्रवार को पीड़ित परिवार का गुस्सा फूट गया और उन्होंने एसएसपी आवास का घेराव किया।

ग्रामीणों को गेट पर रोकने के लिए सिविल लाइन और लालकुर्ती थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने महिलाओं को गेट पर रोकने की कोशिश की तो उन्होंने हंगामा कर दिया। महिलाएं रोने लगीं तो महिला थाना पुलिस भी पहुंच गई। करीब दो घंटे तक महिला हंगामा करती रहीं और पुलिस बेबस होकर तमाशबीन बनकर देखती रही।

सपा नेता से कप्तान की चल रही थी वार्ता
महिलाएं एसएसपी से मुलाकात कर परतापुर पुलिस की शिकायत करने की जिद पर अड़ी थी। लेकिन पुलिस ने दो घंटे तक उनकी मुलाकात नहीं होनी दी। पुलिस कभी पीड़ित परिवार को एसपी सिटी से मिलने की बात कहती तो कभी एसओ परतापुर को बुलाने की बात कहकर उलझते रही। ग्रामीणों को जब पता चला कि कप्तान तो एक सपा नेता से वार्ता करने में मशगूल हैं। इसके बाद महिलाएं कप्तान का दरवाजे धकेल अंदर घुस गईं और कप्तान से शिकायत की।

दरोगा के पीछे भागी महिलाएं
एसएसपी आवास पर हंगामे की सूचना पर एसओ परतापुर राकेश यादव दरोगा रविंद्र सिंह को लेकर पहुंचे। दरोगा रविंद्र सिंह को देखते ही महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने दरोगा पर अभद्रता करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। जिस पर दरोगा ने महिलाओं से गाली गलौज कर दी। मामला तूल पकड़ा और महिला दरोगा के पीछे दौड़ पड़ी। दरोगा को सरकारी गाड़ी में बैठकर वहां से जान बचाकर भागना पड़ा।

साहब? दरोगा टिप्पणी करता है
महिलाओं ने बताया परतापुर पुलिस उनके साथ अत्याचार करने में लगी है। इतना सुनते कप्तान बोले, बताओ क्या है। एक महिला ने बताया कि दरोगा रविंद्र पाल सिंह पीड़ित परिवार की महिलाओं पर टिप्पणी करता है कि अगर आपकी लड़की से कोई गलत संबंध करे ले तो क्या करोगे। इतना सुनते ही एसएसपी ने दरोगा को निलंबित और दूसरे जनपद में ट्रांसफर करने के निर्देश दे दिए। वहीं, एसपी सिटी को फोन कर एसओ परतापुर पर जांच बैठाकर पीड़ित परिवार की शिकायत पर तत्काल हत्या का केस दर्ज करने के निर्देश दिए।


अंकुर की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते परिजनों ने होना बताया है। परतापुर थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश जारी कर दिए है। एक दरोगा निलंबित किया और एसओ पर जांच बैठा दी। सीओ ब्रह्मपुरी से भी मामले में पूछताछ की जाएगी।
डीसी दूबे, एसएसपी
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