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जीआरपी ने मेरठ और मुजफ्फरनगर के पांच कस्बों में दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Thu, 29 Sep 2016 03:46 PM IST
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ट्रेन फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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कोचुवेली-देहरादून एक्सप्रेस में 21 मार्च को हुए खूनी संघर्ष में जीआरपी की पांच टीमों ने मेरठ और मुजफ्फरनगर के पांच कस्बों में दबिश दी। इस दौरान कई लोगों और कारीगरों से पूछताछ की गई। जीआरपी ने जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है।
ट्रेन में खूनी संघर्ष के मामले की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज हुई है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए जीआरपी की पांच टीमों को लगाया गया है। ट्रेनों में सीट पर बैठने को लेकर मारपीट अधिकांश वही लोग करते हैं जो ग्रुप में चलते हैं, या फिर डेली पैसेंजर होते हैं।
लिहाजा जीआरपी ने संभावना जताई है कि कोचुवेली में वारदात करने वाले लोग भी ग्रुप में चलने वाले यात्री हो सकते हैं, इसी लाइन पर जीआरपी ने काम शुरू किया है। जांच में पता चला है कि मेरठ और मुजफ्फरनगर जनपदों से बड़ी संख्या में कारीगर केरल में काम करने जाते हैं।
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जिस ट्रेन में यह वारदात हुई उसमें भी स्थानीय कारीगर केरल से लौट रहे थे। इस जानकारी के आधार पर शनिवार को जीआरपी की पांच टीमों ने मेरठ के रोहटा, जानी और लावड़ में दबिश दी। मुजफ्फरनगर के खतौली और मीरापुर में भी टीमों ने कारीगरों से पूछताछ की।
सूत्रों के अनुसार कुछ कारीगर उस ट्रेन में आए थे, लेकिन वह दूसरे डिब्बों में थे, लेकिन उस दिन ट्रेन से आए कुछ और लोकल कारीगरों के बारे में पता चला है। टीमें अब उनसे पूछताछ कर जानकारी जुटाएगी।
यह भी संभावना है कि आरोपी ट्रेन में कन्नौर से चढे़ हों, लेकिन उस स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं है, रास्ते में पड़ने वाले अन्य स्टेशनों की सीसीटीवी फुटेज का इंतजार है।
---------------कोट
पांच टीमें जांच में जुटी हैं। कई जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पूछताछ की जा रही है। केरल आने-जाने वाले कारीगरों से भी पूछताछ की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों का पता लग जाएगा। -अशोक वर्मा, जीआरपी प्रभारी मेरठ
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ट्रेन में खूनी संघर्ष के मामले की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज हुई है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए जीआरपी की पांच टीमों को लगाया गया है। ट्रेनों में सीट पर बैठने को लेकर मारपीट अधिकांश वही लोग करते हैं जो ग्रुप में चलते हैं, या फिर डेली पैसेंजर होते हैं।
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लिहाजा जीआरपी ने संभावना जताई है कि कोचुवेली में वारदात करने वाले लोग भी ग्रुप में चलने वाले यात्री हो सकते हैं, इसी लाइन पर जीआरपी ने काम शुरू किया है। जांच में पता चला है कि मेरठ और मुजफ्फरनगर जनपदों से बड़ी संख्या में कारीगर केरल में काम करने जाते हैं।
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जिस ट्रेन में यह वारदात हुई उसमें भी स्थानीय कारीगर केरल से लौट रहे थे। इस जानकारी के आधार पर शनिवार को जीआरपी की पांच टीमों ने मेरठ के रोहटा, जानी और लावड़ में दबिश दी। मुजफ्फरनगर के खतौली और मीरापुर में भी टीमों ने कारीगरों से पूछताछ की।
सूत्रों के अनुसार कुछ कारीगर उस ट्रेन में आए थे, लेकिन वह दूसरे डिब्बों में थे, लेकिन उस दिन ट्रेन से आए कुछ और लोकल कारीगरों के बारे में पता चला है। टीमें अब उनसे पूछताछ कर जानकारी जुटाएगी।
यह भी संभावना है कि आरोपी ट्रेन में कन्नौर से चढे़ हों, लेकिन उस स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं है, रास्ते में पड़ने वाले अन्य स्टेशनों की सीसीटीवी फुटेज का इंतजार है।
---------------कोट
पांच टीमें जांच में जुटी हैं। कई जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पूछताछ की जा रही है। केरल आने-जाने वाले कारीगरों से भी पूछताछ की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों का पता लग जाएगा। -अशोक वर्मा, जीआरपी प्रभारी मेरठ