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बीटेक के दो छात्रों को दी थर्ड डिग्री सजा, कसूर था सिर्फ इतना

Mon, 30 Jan 2017 12:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Mon, 30 Jan 2017 12:32 PM IST
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third degree give a student
चोट के निशान दिखाता छात्र। - फोटो : अमर उजाला

आचार संहिता लगने के बाद पुलिसकर्मी मनमानी पर उतारू हो गए हैं। रविवार को पुलिस ने बीटेक के दो छात्रों को थर्ड डिग्री दी। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। छात्रों का कसूर सिर्फ इतना था कि वह चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों से दस कदम की दूरी पर रुके। अफसरों से शिकायत करने पर छात्रों को फर्जी मामले में फंसाने की भी धमकी दी गई।

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सिविल लाइन थाना क्षेत्र के प्रभातनगर निवासी सुभाष सिंह व्यापारी हैं। उनकी विजय नगर में सुमन प्रकाशन के नाम से फर्म है। उनका बेटा सचिन सिंह जयपुर में बीटेक फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है। शनिवार को सचिन घर आया था। शाम के समय वह अपने साथी अक्षय के साथ लैपटॉप सही कराने स्कूटी से पीएल शर्मा रोड निकला। अक्षय भी लखनऊ विश्वविद्यालय से बीटेक फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है। साकेत चौकी के पास चौकी इंचार्ज धनवीर यादव और दो पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में चेकिंग कर रहे थे। एक सिपाही ने छात्रों को रुकने का इशारा किया। गति तेज होने के कारण छात्र सिपाही से दस कदम आगे निकलकर रुके। आरोप है कि सिपाही ने सचिन का कॉलर पकड़कर स्कूटी से खींच लिया। छात्रों को पहले तो घसीटकर सड़क पर गिरा लिया। उसके बाद चौकी में ले गये। दरोगा और तीनों सिपाहियों ने उन्हें थर्ड डिग्री दी। छात्रों को बेहोश होने तक पीटते रहे। बाद में धमकी देकर छोड़ दिया। किसी तरह सचिन अपने घर पहुंचा और पिता को पूरा मामला बताया। परिजन दोनों को अस्पताल ले गए। सुभाष सिंह ने एसएसपी को फोन पर मामले की जानकारी दी। रविवार को व्यापारी ने एसपी सिटी को तहरीर देकर एसआई धनवीर यादव और सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। 
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‘इंसाफ नहीं मिला तो चुप नहीं बैठेंगे’
सुभाष सिंह ने एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी से कहा कि दोनों छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने अपने आईकार्ड भी पुलिस को दिखाए थे। लेकिन उनकी एक न सुनी गई। छात्रों के शरीर पर चोट के निशान पुलिस की बर्बरता की कहानी बता रही है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को कार्रवाई करनी थी तो स्कूटी का चालान काटते या छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते। लेकिन पुलिस ने अपराधियों की तरह पीटा है। उन्होंने कहा कि अगर इंसाफ नहीं मिला तो वह चुप नहीं बैठेंगे। एसपी सिटी ने दरोगा और सिपाहियों को बुलाकर पुलिस लाइन में फटकार लगाई। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी सिपाही राहुल, सौरभ और मोहित की भी जांच कराई जा रही है।
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‘सरकार तो हमारी है’
छात्र सचिन और अक्षय ने बताया कि जब वह पुलिसकर्मियों से छोड़ने की गुहार लगा रहे थे तो वह गालियां दे रहे थे। एक सिपाही ने कहा कि सरकार हमारी है, इस समय कुछ नहीं हो सकता। अब भी हमारी नहीं चली तो कब चलेगी।

मैं निर्देश हूं 
पुलिस चौकी के पास चेकिंग कर रहे थे। छात्रों ने स्कूटी से एक सिपाही को टक्कर मार दी थी। दोनों युवक अपने आप गिरे थे। मैं निर्दोष हूं, मैंने मारपीट नहीं की है। - धनवीर यादव, एसआई


कड़ी कार्रवाई होगी 
छात्रों की गलती थी तो स्कूटी का चालान काटकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। किसी भी पुलिसकर्मी को मारपीट का अधिकार नहीं है। जांच कराकर पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - आलोक प्रियदर्शी, एसपी सिटी

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