फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   tear gas shells lobbed by policemen in meerut

हॉस्टल-मेस में अफरातफरी, बाहर चीख-पुकार

Sat, 12 Sep 2015 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 12 Sep 2015 02:10 AM IST
विज्ञापन
tear gas shells lobbed by policemen in meerut

मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से इमरजेंसी तक हर तरफ अफरातफरी और चीख-पुकार मची थी। कोई दर्द से कराह रहा था तो किसी की आंखें जलन से लाल हो गई थी। किसी को सांस लेने में तकलीफ थी तो कोई पेट में भयंकर दर्द से तड़प रहा था। आंसू गैस के गोले की चपेट में आने से बेहोश हुई छात्राओं के हॉस्टल से इमरजेंसी पहुंचने का सिलसिला शाम चार बजे तक चलता रहा।

विज्ञापन


सुबह साढ़े आठ बजे थे। मेडिकल कॉलेज गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं अपने रूटीन प्रैक्टिस और क्लॉस के लिए तैयार हो रही थीं। करीब 37 छात्राएं हॉस्टल के मेस में नाश्ता ले रही थीं। उधर, दूसरी तरफ मेडिकल थाना पुलिस हॉस्टल के सामने दंगा नियंत्रण रिहर्सल कर रही थी। जिसकी छात्राओं को कोई जानकारी नहीं थी।
विज्ञापन


अचानक आंसू गैस का गोले हॉस्टल और मेस में गिरे और तेजी से धुआं उठने लगा। मेस में बैठी छात्राएं इसकी चपेट में आ गई। अफरातफरी के बीच छात्राएं चिल्लाते हुए मेस और हॉस्टल से बाहर भागने लगीं। लेकिन आंसू गैस का असर छात्राओं पर इतनी तेजी से हुआ कि वह गैलरी में ही बेहोश होकर गिरने लगीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्राओं के बेहोश होने और दर्द से कराहने की सूचना मेडिकल प्रशासन के पास पहुंची और तत्काल छात्राओं को इमरजेंसी में भर्ती कराना शुरू कर दिया गया। देखते ही देखते इमरजेंसी वार्ड में बेहोश छात्राओं की लाइन लग गई।

समझ नहीं आया आखिर हो गया
आंसू गैस की चपेट में आने से कराह रही एक छात्रा बार-बार कहती रही कि उसके मम्मी-पापा को बुला दो। वह उनसे मिलना चाहती है। नगीना, बिजनौर की फरजाना ने बताया कि आंसू गैस के कारण आंखों में जलन हो रही थी और आंखें बंद हो गई। मुझे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। मुझे समझ में नहीं आ रहा था आखिर हो क्या रहा है।

कानपुर निवासी पूनम त्रिपाठी ने बताया कि वह नाश्ता कर रही थी और अचानक चेहरे पर खुजली शुरू हो गई। सांस लेने में तकलीफ होने लगी। बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा तरुणा ऑलिवर ने बताया कि आंसू गैस का असर इतना तेज था कि मैं अचानक बेहोश हो गई और मुझे वैन में डालकर इमरजेंसी लाया गया।

नगीना निवासी बीएससी चतुर्थ वर्ष की छात्रा फरजाना ने बताया कि नाश्ता करते समय अचानक मेस के लॉन की तरफ गोले गिरे और उसका धुआं फैल गया। धुएं से आंखों में इतनी जलन हो रही थी कि आंखें ही बंद हो गईं और वह बेहोश होकर गिर गई।


मदद को नहीं आई पुलिस
पुलिस की इससे बड़ी संवदेनहीनता क्या हो सकती है कि उनकी लापरवाही से बेहोश हुई छात्राओं की मदद को भी कोई आगे नहीं आया। मौके पर मौजूद मेडिकल एसओ बीएस सिरोही ने तो छात्राओं की स्थिति देखने तक की जहमत तक नहीं उठाई। एसओ का कहना है कि कोई बड़ी घटना नहीं है। आंसू गैस के गोले से किसी को कोई खतरा नहीं होता, बस थोड़ी सी जलन होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed