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महिला आयोग की टीम ने छात्रा से जाना हाल, शोहदों से तंग आकर शख्स ने पत्नी-बेटी संग खाया था ज़हर

Fri, 19 Apr 2019 05:30 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 19 Apr 2019 05:30 PM IST
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Suicide case Meerut, Women's Commission team got information from the victim family
मामले की जानकारी लेते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

छेड़छाड़ व मारपीट से अजीज आकर एक परिवार द्वारा जहरीले पदार्थ का सेवन करने के मामले में महिला आयोग की सदस्य राखी त्यागी शुक्रवार को एसपी देहात अविनाश पांडेय के साथ गांव पहुंची और पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी। राखी त्यानी ने पीड़िता से भी बातचीत की। पीड़ित छात्रा ने बताया कि उन्होंने कई बार थाने में शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ही परिवार ने यह कदम उठाया। हालांकि महिला आयोग की टीम ने परिवार को इंसाफ दिलाने का पूरा आश्वासन दिया है। वहीं पिता और बेटी की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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ये था पूरा मामला
खाकी की लापरवाही के कारण मेरठ में हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव पल्टूपुरी में शुक्रवार को एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी व बेटी के साथ जहरीला पदार्थ खाकर जीवनलीला समाप्त करने का प्रयास किया। इस घटना में महिला की मौत हो गई थी। पीड़ित छात्रा दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रही है। 
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गौरतलब है कि गुरुवार को महिला की मौत के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए घर पर दबिश दी। हालांकि आरोपी घर से फरार मिले। परंतु पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए दो महिलाओं को हिरासत में लिया है। 
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गांव पल्टूपुरी निवासी दलित वेदपाल पुत्र फूलसिंह अपनी पत्नी राजवीरी, बेटी शिवानी व बेटे राहुल कैम के साथ रहता है। वेदपाल खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। आरोप है कि गांव में दलित बिरादरी से केवल उनका परिवार ही रहता है। गांव में अधिकतर कश्यप बिरादरी के परिवार है। वेदपाल के घर से लगभग 500 मीटर दूर रहने वाले रवि, गोपाल, आदेश, सोनू, पप्पू, सत्ते, कृष्णपाल, सचिन आए दिन राजवीरी के साथ खेत से आने जाने के दौरान छेड़छाड़ करते थे। कई बार पीड़िता ने अपने पति के साथ मिलकर उनका विरोध भी किया, जिस पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। बीती 12 अप्रैल को भी आरोपियों ने महिला से छेड़छाड़ की। इसको लेकर महिला ने अपने पति के साथ थाने पहुंचकर शिकायत की। परंतु पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और मुकदमा दर्ज नहीं किया। जिस कारण आरोपियों के होंसले लगातार बुलंद होते रहे। 14 अप्रैल को भी उन्होंने छेड़छाड़ व मारपीट की और 15 अप्रैल को एसएसपी से शिकायत करने पर आरोपियों ने घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाकर जमकर पीटा। लगातार छेड़छाड़ व मारपीट की घटना होने व पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने से त्रस्त होने पर परिवार पूरी तरह टूट गया। बुधवार को छेड़छाड़ व मारपीट की घटना से अजीज आकर वेदपाल ने पत्नी राजवीरी व बेटी शिवानी के साथ जहर का सेवन कर लिया। मामले की जानकारी पड़ोस में रहने वाले वेदपाल के भाईयों वीरसिंह, ब्रहमपाल, छत्रपाल, विनोद को हुई तो उन्होंने तीनों को गंभीर हालत में मवाना स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान महिला राजवीरी ने दम तोड़ दिया, जबकि पिता-पुत्री की हालत गंभीर बनी है। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन व पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव, तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता, सीओ  यूएन मिश्रा तथा हस्तिनापुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। एसडीएम ने वेदपाल के बयान लिए और बयान के आधार पर हस्तिनापुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। बेटे राहुल ने मुकदमा दर्ज कराया।

जिस समय पूरे परिवार ने जहर खाकर जीवन लीला समाप्त करने जैसा कठोर कदम उठाया। उस समय परिवार का इकलौता पुत्र राहुल घर पर नहीं था। कारण था उसका गुरुवार को बीबीए का मेरठ पेपर था। जिस कारण वह बुधवार को पेपर देने के लिए घर से चला गया था। जिस कारण वह जहर खाने से बच गया तथा परिवार के लोगों का कहना है कि पीडित परिवार ने घटित हुई घटना की जानकारी से बेटे को नहीं दी थी।
 
मजबूरी में उठाया कदम
यूं तो वेदपाल बीएससी कृषि की पढ़ाई कर चुका है और उनकी पत्नी भी पढ़ी लिखी है। उनकी तरह बेटा व बेटी भी पढ़े, इसके लिए वह उन्हें अच्छे कॉलेज में पढ़ाई करा रहे हैं। बेटा राहुल मवाना खुर्द स्थित रुद्रा कॉलेज में बीबीए व बेटी शिवानी दिल्ली विश्वविद्यालय में बीसीए की पढ़ाई कर रही है। पढ़ा लिखा परिवार होने के बाद भी इस तरह का कदम उठाने के पीछे हर तरफ से निराशा हाथ लगनी थी। उपचार के दौरान वेदपाल ने बताया कि वह भी जानते है कि आत्महत्या करना कायरता है, लेकिन जब न्याय न मिले और इज्जत के  साथ लगातार खिलवाड़ होता रहे तो इस तरह का कदम उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि गांव में आने जाने के दौरान हर कोई उनके परिवार का मजाक उड़ाता था। लेकिन ग्रामीणों ने दबंगों को रोकने का प्रयास नहीं किया और न ही उनका साथ दिया। 

पुलिस ने आरोपियों के यहां दी दबिश
महिला की मौत के बाद आखिरकार हस्तिनापुर पुलिस हरकत में आई और बेटे राहुल कैम की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमें के बाद पुलिस ने पल्टूपुरी स्थित आरोपियों के घर पर  दबिश दी। हस्तिनापुर पुलिस के साथ बहसूमा पुलिस भी मौजूद रही। पुलिस ने महिलाओं से आरोपियों के बारे में पूछा, लेकिन वह घर पर नहीं थे। इस पर पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी पेश नहीं हुए तो सख्त कार्रवाई होगी।

हस्तिनापुर पुलिस की भूमिका पर सवाल
मृतका के पति वेदपाल व पूरे परिवार ने हस्तिनापुर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाएं। उनका कहना है कि बार-बार उन्होंने थाना पुलिस से घटना को लेकर शिकायत की, लेकिन पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिल सका। इस पर उन्होंने कप्तान से भी शिकायत की, लेकिन उसके बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से के कारण उन्हें इस तरह का कदम उठाना पड़ा। यदि हस्तिनापुर पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करती तो शायद उन्हें इस तरह का कदम नहीं उठाना पड़ता। राजवीरी की मौत के बाद हस्तिनापुर पुलिस अब लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। यदि 12 अप्रैल को ही पुलिस इस तरह दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लेती तो उनके साथ 14 व 15 अप्रैल को छेड़छाड़ व मारपीट की घटना न होती। 

इनके खिलाफ हुआ मुकदमा दर्ज
महिला राजवीरी की मौत हो जाने के बाद बेटे राहुल ने हस्तिनापुर थाने पहुंचकर रवि, गोपाल, आदेश, सोनू पुत्रगण पप्पू व पप्पू, सत्ते, कृष्णपाल पुत्रगण बनारसी व सचिन पुत्र सत्ते के खिलाफ धारा 147, 323, 452, 354, 352, 306, 3(2)वी में मुकदमा दर्ज कराया है। 

मृतका राजवीरी के पति वेदपाल ने पड़ोसी कश्यप परिवार के आठ लोगों पर दबंगई दिखाते हुए छेड़छाड़ व मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जायेगा। - अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना

पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश भी दी गई, लेकिन वह फरार मिले। जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जायेगी। घटना में पुलिस की भूमिका की भी जांच होगी। - यूएन मिश्रा, सीओ मवाना

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