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सुबूत तलाश रही एसटीएफ, क्राइम ब्रांच
अमर उजाला/मेरठ
Updated Mon, 08 Aug 2016 02:24 AM IST
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पुलिस कैप लोगो।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत के छात्र आर्यन हत्याकांड में सुबूत तलाशने के लिए एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम जुट गई है। केस के हर पहलु पर जांच चल रही है। टीम 24 से अधिक लोगों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। बागपत, मेरठ और गाजियाबाद से भी हत्याकांड के तार जुड़ रहे हैं।
28 जुलाई से अपह्त आर्यन का शव दो जुलाई को मेरठ के जानी क्षेत्र में मिला था। सूत्रों के अनुसार जिस शर्ट से आर्यन का गला दबाया गया था, वह बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) के एक टेलर के यहां सिलवाई गई थी। चिट के आधार पर टेलर से पूछताछ की गई। पता चला कि यह शर्ट भड़ल क्षेत्र के एक व्यक्ति की है। लेकिन उस नाम का व्यक्ति पूरे गांव में नहीं मिला। बाद में पास के ही गांव में उस नाम के व्यक्ति का पता चला। लेकिन शर्ट उसके साइज की नहीं थी।
दो अन्य लोगों से भी मामले में पूछताछ चल रही है। दूसरी लाइन पर सर्विलांस टीम ने वर्क किया। पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से परिजनों को फिरौती का फोन आया था वह सिम गाजियाबाद से खरीदा गया था। कॉल के वक्त की लोकेशन भी गाजियाबाद की थी। सिम फर्जी आईडी से जारी हुआ था। एसटीएफ और पुलिस ने गाजियाबाद में सिम के डिस्ट्रीब्यूटर को उठा लिया। उसने एक रिटेलर का नाम बताया, जिसे उसने यह सिम जारी किया था। लेकिन रिटेलर गायब है। पुलिस का मानना है कि रिटेलर हत्याकांड की अहम कड़ी साबित हो सकता है। उसकी तलाश की जा रही है।
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28 जुलाई से अपह्त आर्यन का शव दो जुलाई को मेरठ के जानी क्षेत्र में मिला था। सूत्रों के अनुसार जिस शर्ट से आर्यन का गला दबाया गया था, वह बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) के एक टेलर के यहां सिलवाई गई थी। चिट के आधार पर टेलर से पूछताछ की गई। पता चला कि यह शर्ट भड़ल क्षेत्र के एक व्यक्ति की है। लेकिन उस नाम का व्यक्ति पूरे गांव में नहीं मिला। बाद में पास के ही गांव में उस नाम के व्यक्ति का पता चला। लेकिन शर्ट उसके साइज की नहीं थी।
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दो अन्य लोगों से भी मामले में पूछताछ चल रही है। दूसरी लाइन पर सर्विलांस टीम ने वर्क किया। पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से परिजनों को फिरौती का फोन आया था वह सिम गाजियाबाद से खरीदा गया था। कॉल के वक्त की लोकेशन भी गाजियाबाद की थी। सिम फर्जी आईडी से जारी हुआ था। एसटीएफ और पुलिस ने गाजियाबाद में सिम के डिस्ट्रीब्यूटर को उठा लिया। उसने एक रिटेलर का नाम बताया, जिसे उसने यह सिम जारी किया था। लेकिन रिटेलर गायब है। पुलिस का मानना है कि रिटेलर हत्याकांड की अहम कड़ी साबित हो सकता है। उसकी तलाश की जा रही है।
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