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शव सड़क पर रखकर जाम लगाया, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2016 02:19 AM IST
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हत्या के बाद लिसाड़ी क्षेत्र में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार को हुई सपाई नसीम अहमद की हत्या के विरोध में मंगलवार को फिर हंगामा हुआ। हत्या के मुकदमेे में अन्य लोगों की नामजदगी की मांग को लेकर भीड़ ने शव को सड़क पर रखकर लिसाड़ी रोड जाम कर दिया। पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। डेढ़ घंटे बाद सीओ को दो नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर देने के बाद जाम खोला गया।
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार सुबह नसीम का शव तारापुरी स्थित जाटों वाली गली में घर पर पहुंचा। पुलिस मृतक के परिजनों से शव को जल्द से जल्द सुपुर्द-ए-खाक करने की बात कह रही थी। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने ये बात उड़ानी शुरू कर दी कि हत्या अकेले रजाउद्दीन ने नहीं की। बल्कि उसके साथ उसके परिवार के अलावा कुछ और लोग भी शामिल थे। लोगों ने हत्या के केस में उनकी नामजदगी बढ़ाने की मांग शुरू कर दी।
इसी बात को लेकर माहौल गर्मा गया। भीड़ में शामिल लोग शव को उठाकर गली के बाहर ले गए और लिसाड़ी रोड पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर सीओ कोतवाली, ब्रह्मपुरी, कोतवाली, देहली गेट, परतापुर, टीपी नगर, रेलवे रोड थानों की पुलिस के अलावा दंगा नियंत्रण वाहन भी मौके पर पहुंच गया। लोगों ने पुलिस का घेराव कर लिया। भीड़ ने नसीम के हत्यारोपी रजाउद्दीन के परिवार के दो लोगों के अलावा तीन अन्य लोगों के नाम मुकदमे में बढ़ाने की मांग शुरू कर दी।
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आपकी तहरीर पर ही तो लिखा केस
एसओ लिसाड़ी गेट ने परिजनों से कहा कि सोमवार रात नसीम के परिजनों ने रजाउद़्दीन के खिलाफ जो तहरीर दी थी। पुलिस ने उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उससे तमंचा भी बरामद कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। यदि उनसे किसी के नाम बताए तो वे विवेचना में शामिल कर लिए जाएंगे। बाद में पीड़ित पक्ष ने रजाउद्दीन के परिवार के दो सदस्यों को नामजद और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ तहरीर सीओ कोतवाली को दी। जिसके बाद जाम खोला गया।
बाजार में अफरातफरी रही
सुबह करीब 7:45 बजे जैसे ही भीड़ शव को लेकर गली के बाहर निकली तो काफी बाजार खुल चुका था। शव रखकर जाम लगाने और हंगामा मचने से बाजार में अफरातफरी मच गई। दुकानदारों ने शटर गिराने शुरू कर दिए। बाद में पुलिस अफसरों ने फोर्स बुलाकर स्थिति काबू में की।
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पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार सुबह नसीम का शव तारापुरी स्थित जाटों वाली गली में घर पर पहुंचा। पुलिस मृतक के परिजनों से शव को जल्द से जल्द सुपुर्द-ए-खाक करने की बात कह रही थी। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने ये बात उड़ानी शुरू कर दी कि हत्या अकेले रजाउद्दीन ने नहीं की। बल्कि उसके साथ उसके परिवार के अलावा कुछ और लोग भी शामिल थे। लोगों ने हत्या के केस में उनकी नामजदगी बढ़ाने की मांग शुरू कर दी।
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इसी बात को लेकर माहौल गर्मा गया। भीड़ में शामिल लोग शव को उठाकर गली के बाहर ले गए और लिसाड़ी रोड पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर सीओ कोतवाली, ब्रह्मपुरी, कोतवाली, देहली गेट, परतापुर, टीपी नगर, रेलवे रोड थानों की पुलिस के अलावा दंगा नियंत्रण वाहन भी मौके पर पहुंच गया। लोगों ने पुलिस का घेराव कर लिया। भीड़ ने नसीम के हत्यारोपी रजाउद्दीन के परिवार के दो लोगों के अलावा तीन अन्य लोगों के नाम मुकदमे में बढ़ाने की मांग शुरू कर दी।
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आपकी तहरीर पर ही तो लिखा केस
एसओ लिसाड़ी गेट ने परिजनों से कहा कि सोमवार रात नसीम के परिजनों ने रजाउद़्दीन के खिलाफ जो तहरीर दी थी। पुलिस ने उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उससे तमंचा भी बरामद कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। यदि उनसे किसी के नाम बताए तो वे विवेचना में शामिल कर लिए जाएंगे। बाद में पीड़ित पक्ष ने रजाउद्दीन के परिवार के दो सदस्यों को नामजद और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ तहरीर सीओ कोतवाली को दी। जिसके बाद जाम खोला गया।
बाजार में अफरातफरी रही
सुबह करीब 7:45 बजे जैसे ही भीड़ शव को लेकर गली के बाहर निकली तो काफी बाजार खुल चुका था। शव रखकर जाम लगाने और हंगामा मचने से बाजार में अफरातफरी मच गई। दुकानदारों ने शटर गिराने शुरू कर दिए। बाद में पुलिस अफसरों ने फोर्स बुलाकर स्थिति काबू में की।