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अधिशासी अभियंता के घर छापे में मिली अकूत संपत्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 07 Oct 2015 02:19 AM IST
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पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह के मंगलपांडे नगर स्थित आवास पर विजिलेंस लखनऊ और मेरठ की टीम ने मंगलवार को संयुक्त रूप से छापेमारी की। विजिलेंस अफसरों के अनुसार आरपी सिंह के खिलाफ स्पेशल जज एंटी करप्शन की कोर्ट में आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है।
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कोर्ट के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान आवास को सर्च करते हुए नकदी, जेवरात और सामान की सूची बनाई गई। विजिलेंस अफसरों के अनुसार टीम को यहां से करीब 45 तोला सोना और एक किलो चांदी मिली। हालांकि चर्चा यह भी रही कि आवास से करीब 20 किलो सोना और काफी मात्रा में नकदी के अलावा संपत्ति का ब्योरा टीम ने लिया। उधर, अधिशासी अभियंता ने इस कार्रवाई को आरक्षण आंदोलन दबाने की रणनीति बताया है।
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लखनऊ शक्ति भवन में तैनात अधिशासी अभियंता एवं आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष आरपी सिंह इससे पहले अधीक्षण अभियंता रह चुके हैं। हाल ही में प्रमोशन में आरक्षण के मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद उन्हें पदनावत कर अधिशासी अभियंता पद पर आगरा तैनात कर दिया गया था। लेकिन अभी तक उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन ने आरपी सिंह के आय से अधिक संपत्ति के मामले की तह तक जाने के लिए उनकी संपत्ति की जांच के आदेश दिए थे।
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कोर्ट के आदेश पर एसपी सतर्कता एवं अधिष्ठान लखनऊ केएम मिश्रा ने छापेमारी के लिए एसएसपी डीसी दूबे से संपर्क कर फोर्स मांगी थी। स्थानीय विजिलेंस इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, लखनऊ से आई 10 सदस्यीय टीम और पुलिस बल मंगलवार सुबह अधिशासी अभियंता के मंगलपांडे नगर स्थित आवास पर सर्च करने पहुंचा। इस दौरान आवास के बाहर फोर्स लगाकर किसी के भी आवास में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई।
विजिलेंस टीम ने आवास के हर कमरे और लॉकर की तलाशी की। सोने और चांदी के जेवरात की जांच के लिए मंगलपांडे नगर स्थित एक सुनार को वजन तौलने की मशीन के साथ बुलाया गया। विजिलेंस अफसरों के अनुसार आरपी सिंह के घर से करीब 45 तोला सोना और एक किलो चांदी के जेवरात मिले। हर जेवरात की मापतौल कराकर विजिलेंस टीम ने सूची बनाई। साथ ही घर में मौजूद सभी प्रकार के सामान की भी सूची बनाई गई।
करीब तीन घंटे तक चले सर्च अभियान के बाद विजिलेंस इंस्पेक्टर अनिल शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरपी सिंह के मेरठ, मुजफ्फरनगर और लखनऊ स्थित आवास पर एक साथ सर्च की कार्रवाई की गई है। आरपी सिंह के घर में मौजूद नकदी, जेवरात और अन्य सामान की सूची तैयार की गई है। मौजूद संपत्ति का आंकलन उनके वेतन से किया जाएगा। तीनों स्थान पर हुए सर्च की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जाएगी।
उधर, विजिलेंस टीम की कार्रवाई को अधिशासी अभियंता आरपी सिंह ने साजिश करार दिया है। कहा कि आरक्षण आंदोलन को दबाने के लिए सरकार उन्हें बेवजह आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसा रही है। आगामी 10 अक्तूबर को आरक्षण को लेकर उनका आंदोलन होना है। इसे लेकर सरकार उन पर और उनके समर्थकों पर इस तरह से दबाव बनाना चाहती है।
ऊर्जा भवन में छाया रहा छापा
मेरठ। ऊर्जा भवन में अधिशासी अभियंता आरपी सिंह के आवास पर विजिलेंस छापे की चर्चा ही छायी रही। कार्रवाई से घबराए अधिकारी एक-दूसरे से जानकारी करते रहे। मीडिया कर्मियों को फोन करके भी जानकारी ली जाती रही। पावर कारपोरेशन के अफसरों को जब आरपी के आवास पर विजिलेंस छापे का पता चला तो हड़कंप मच गया। ऊर्जा भवन में तैनात अधिकारी पूरे दिन मामले की चर्चा करते रहे। अपडेट लेने के लिए मीडिया कर्मियों को फोन करके पूछा जाता रहा। कुछ अधिकारियों ने कार्रवाई को सही बताया तो कुछ ने इसे उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करार दिया।
विवादित रहा है कार्यकाल
आय से अधिक संपत्ति के आरोपी अधिशासी अभियंता आरपी सिंह का कार्यकाल विवादों से भरा रहा है। पूर्ववर्ती बसपा सरकार में आरपी सिह बागपत में एसई के पद पर रहे। ऑफिस नहीं आने और लोगों से खराब व्यवहार की शिकायत हुई। इसके बाद इन्हें विक्टोरिया पार्क स्थित एसई वर्क्स बनाया गया। यहां पर रहते हुए भी इन्होंने आफिस कार्य कम और आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के लिए ज्यादा काम किया। सहारनपुर में आंदोलन के दौरान ट्रेन रोक दी। इस पर आरपीएफ ने इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और सरकार ने इन्हें निलंबित कर दिया था।
चम्मच से जेवरात तक की सूची बनाई
पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह के आवास पर विजिलेंस कार्रवाई के दौरान अफसरों ने चम्मच से लेकर जेवरात तक की सूची बनाई। इस सूची में बर्तनों, बिस्तर और चादरों तक को शामिल किया गया। यही नहीं, घर की पानी की टंकी और पीछे पड़े खाली स्थान को भी खंगाला गया। करीब तीन घंटे के सर्च अभियान के दौरान परिवार के सदस्यों को घर में ही नजरबंद कर दिया गया।
मंगलवार सुबह अधिशासी अभियंता के मंगलपांडे नगर स्थित आवास पर पहुंचते ही विजिलेंस अफसरों ने अधिशासी अभियंता और उनके परिवार के सदस्यों को घर में एक ही स्थान पर बैठा दिया। उन्हें उठने तक की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, किसी बाहरी व्यक्ति के भी घर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी। टीम में शामिल अफसरों ने ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर बने कमरों में छानबीन की।
सोने एवं चांदी के जेवरातों के अलावा फर्नीचर और बिस्तरों की संख्या के अलावा कीमती सामान को नोट किया गया। किचन में पहुंचकर एक-एक बर्तन की लिस्ट बनाते हुए उसके मूल्य का आंकलन किया। नकदी और आभूषण की तलाश में पानी की टंकी के अलावा अन्य संभावित स्थानों को चेक किया गया। बताया गया कि अधिशासी अभियंता की बेटी की शादी की तैयारियां चल रही हैं। आरपी सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान पूरा घर अस्तव्यस्त हो गया।
स्कूटी की भी चेकिंग
सर्च अभियान के दौरान दोपहर करीब एक बजे अधिशासी अभियंता के बच्चों को स्कूल से लेने के लिए घर का एक सदस्य स्कूटी लेकर निकला तो पुलिस ने उसे और स्कूटी को चेक करने के बाद ही जाने दिया। अधिशासी अभियंता के घर पर विजिलेंस की छापेमारी की पूरे क्षेत्र में चर्चा बनी रही।
हम दबाव में आने वाले नहीं
मेरठ। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सतीश प्रकाश ने इस प्रकरण में आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार दलितों के हित के लिए चलाए जा रहे आरक्षण आंदोलन को दबाने के लिए इस तरह की ओछी कार्रवाई कर रही है। आरपी सिंह समेत प्रदेश के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर इस तरह का दबाव बनाया जा रहा है। ताकि आगामी 10 अक्तूबर को दिल्ली में होने वाले आंदोलन को असफल किया जा सके। लेकिन हम सरकार के दबाव में आने वाले नहीं हैं। आरक्षण को लेकर हमारा आंदोलन जारी रहेगा।