फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   police inspector beat doctor, protest

डॉक्टरों ने थानेदार से ऐसे लिया थप्पड़ का बदला, जमकर हुआ बवाल

Sun, 25 Jun 2017 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Sun, 25 Jun 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
police inspector beat doctor, protest
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

एसओ मेडिकल ने डॉ. सत्यप्रकाश अग्रवाल के साथ मारपीट की तो डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। चिकित्सकों ने एसएसपी ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि एसओ मेडिकल डॉक्टर को तेजगढ़ी स्थित क्लीनिक से लेकर मेडिकल थाने तक पीटते हुए ले गए। शायद मेरठ में पहली बार डॉक्टर को इतना बेइज्जत किया गया है। इस मामले को लेकर आईएमए में पुलिस के प्रति जबरदस्त आक्रोश है। डॉक्टरों ने थानेदार को हटवाने की मांग की। एसएसपी ने जांच कराने की बात कही तो डॉक्टर एडीजी से मिले। सोमवार तक कार्रवाई न होने पर हड़ताल करने की घोषणा की।

विज्ञापन


तेजगढ़ी स्थित वर्धमान कांप्लेक्स में डॉ. सत्यप्रकाश अग्रवाल का क्लीनिक है। शुक्रवार शाम परतापुर क्षेत्र के  कांशी गांव निवासी मुशरत जहां अपने पति लियाकत और बेटे साकिब के साथ क्लीनिक पर आई थी। जहां पर डॉक्टर और महिला में मारपीट हुई। क्लीनिक में तोड़फोड़ की गई और लियाकत को भी चोट लग गई। आरोप है कि क्लीनिक में मारपीट की सूचना पर एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसओ मेडिकल ने डॉक्टर को पीटना शुरू किया और फिर थाने की हवालात में बंद कर दिया। आईएमए के डॉक्टरों ने थाने में हंगामा किया, तब जाकर पुलिस ने उनको हवालात से बाहर निकाला और फिर दोनों पक्ष मेें समझौता करा दिया। 
विज्ञापन


100 से अधिक डॉक्टर पहुंचे
शनिवार को आईएमए अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर के नेतृत्व में शहर के करीब 100 से अधिक डॉक्टर एसएसपी आवास पर पहुंचे। एसएसपी की चौखट पर डॉक्टरों ने सड़क पर धरना प्रदर्शन किया। एसओ मेडिकल को हटवाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। एसएसपी ने डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल अंदर बुलवाया और उनकी शिकायत सुनी। एसएसपी ने जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिस पर डॉक्टरों ने कहा कि पहले एसओ मेडिकल को सस्पेंड करो और जांच करो। एसएसपी ने उनकी बात नहीं मानी तो डॉक्टर आंदोलन की चेतावनी देकर वहां से चले गए।  
विज्ञापन
विज्ञापन


एडीजी बोले, दबाव में नहीं होगा काम
एसएसपी से असंतुष्ट होकर डॉक्टर एडीजी आनंद कुमार से मिले। एडीजी ने भी शीघ्र जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जांच की बात कहने पर डॉक्टरों ने हड़ताल की चेतावनी दी। जिस पर एडीजी ने साफ कहा कि पहले जांच कराऊंगा और फिर कार्रवाई करूंगा। दबाव में कोई काम नहीं होगा। इस पर चिकित्सकों ने  पुलिस को सोमवार तक का समय दिया है।

पुलिस ने पीटा, इसका बहुत दुख है
डॉक्टरों ने एडीजी से कहा कि महिला मरीज ने डॉक्टर से मारपीट की, इसका दुख उनको नहीं है। क्योंकि वह महिला है और मरीज भी। लेकिन एसओ मेडिकल ने उनको पीटा व फिर हवालात में बंद कर दिया, इसका सबसे ज्यादा दुख है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारी कार्रवाई नहीं करते तो वह विवश होकर हड़ताल करेंगे। सोमवार को शाम पांच बजे डॉक्टरों ने मीटिंग बुलाकर अगली रणनीति की बात कही है। 

वीडियो भी हो गई वायरल 
पहले क्लीनिक और फिर मेडिकल थाने में महिला मरीज व उसके परिवार से मारपीट व अभद्रता की वीडियो शनिवार को वायरल हो गई। जिसमें दर्शाया जा रहा है कि इस मामले में सिर्फ डॉक्टर की गलती है। डॉक्टरों ने बताया कि क्लीनिक में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। फुटेज देखे तो पता चलेगा कि डॉक्टर से कितनी अभद्रता की गई। पुलिस ने डॉक्टर से भी फुटेज मांगी है। महिला मरीज और उसके पति से मारपीट की फोटो पुलिस अफसरों को भी भेजे गए हैं। 

शीघ्र कराई जाएगी जांच
डॉक्टरों ने एसओ मेडिकल पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसकी जांच शीघ्र कराई जाएगी। जांच के बाद पता चलेगा कि किसकी गलती है। डॉक्टरों को आश्वासन दिया गया है कि उनको न्याय मिलेगा। - आनंद कुमार, एडीजी


नहीं करेंगे बर्दाश्त
अध्यक्ष, आईएमए वीरोत्तम तोमर का कहना है कि पुलिस को सोमवार तक का समय दिया गया है। एसओ पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह विवश होकर हड़ताल पर जा सकते है। पुलिस ने डॉक्टर से मारपीट की है, जिसको आईएमए कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता।  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed