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आधे घंटे तक होती रही एसटीएफ और बदमाशों के बीच फायरिंग, मास्टर माइंड फरार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jul 2017 12:07 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परतापुर थाना क्षेत्र का शताब्दी नगर का सेक्टर 4 बी। शाम के छह बजे का वक्त। सोहनवीर के मकान के बाहर सफेद रंग की दो इनोवा आकर रुकती है। उसमें सवार पुलिस कर्मियों ने घरों के बाहर खडे़ लोगों को मकान के अंदर जाने को कहा और इसके बाद सोहनवीर के मकान को घेर लिया।
सोहनवीर के पास रहने वाले सुभाष के अनुसार गाड़ी से लंबे लंबे 10-12 युवक निकले । वे जींस टीशर्ट और पेंट शर्ट पहने हुए थे। सभी के हाथ में पिस्टल थी। इनमें से दो तीन कांवड़ियों के भेष में भी थे। कार सवार हथियार बंद लोगों के कहने पर जैसे ही वह अपने मकान के अंदर गए ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज आनी शुरू हो गई। लोगों में दहशत हो गई। करीब आधा घंटा तक गोलियों की आवाज आती रही। मकान के अंदर से किसी के चीखने की आवाज आई। इसके बाद ये लोग मकान के अंदर घुस गई और तीन चार लोगों को पकड़कर ले गई। इनमें से एक कांवड़िया लग रहा था। इनमें से एक के पैर में गोली लगी थी। बाद में पता चला कि ये लोग पुलिस वाले थे।
मुठभेड़ स्थल के पास रहने वाले एक बच्चे ने बताया कि वह मकान की छत पर था। उसने देखा कि गली में कुछ अंकल भाग रहे हैं। उनके हाथ में गन है और वह भागते भागते भी गोलियां चला रहे थे। कई गोलियां चली। वह डर गया और नीचे चला गया।
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मोहल्ले वालों ने बताया कि जिस वक्त मुठभेड़ चल रही थी, अचानक सेक्टर में ही रहने वाला एक युवक बाइक से वहां आ गया। उसे पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया। युवक के हाथ पांव फूल गए । पुलिस वाले उसे बाइक से उतारकर एक साइड में ले गए और उसकी काफी देर तलाशी ली। संतुष्ट होने के बाद पुलिस वालों ने घेराबंदी कर उसे गली से बाहर निकाला और कहा कि अभी दोबारा यहां मत आना।
चार गिरफ्तार
डाक्टर को अपहरणकर्ताओं का गैंग मेरठ से लेकर सहारनपुर तक फैला हुआ था। दिल्ली पुलिस मेरठ में पहुंच चुकी थी तो ये लोग डाक्टर श्रीकांत को मुजफ्फरनगर या सहारनपुर शिफ्ट करने की तैयारी कर चुके थे। कांवड़ यात्रा के कारण मार्ग बंद होने और सुरक्षा मजबूत होने के कारण बदमाशों को प्लान फेल हो गया। मुठभेड़ के बाद यूपी और दिल्ली की पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि इस अपहरण के मास्टर माइंड दादरी गांव के अनुज, उसका भाई सुशील और गौरव बच निकलने मे कामयाब हो गये। देर रात तक तीनों की तलाश जारी थी। आधी रात के लगभग इनकी लोकेशन खतौली मिली थी। इसके बाद खतौली में कई ठिकानों पर दबिश दी गई। ये तीनों पहले भी मीरापुर में अपहरण की वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
शताब्दीनगर के 112/4बी सोहनवीर पुत्र राम सिंह के मकान से मुठभेड के बाद पुलिस ने मकान मालिक सोहनवीर समेत चार बदमाशों को पकड़ा है। पकडे़ गए बदमाशों में अमित उर्फ बिल्लू पुत्र ओमप्रकाश गांव केडी, मुजफफरनगर, नेमपाल पुत्र जगमाल सिंह, गांव शब्बीर पुर सहारनपुर, प्रमोद पुत्र ब्रहम सिंह, रोहटा रोड सरधना शामिल हैं।
घटना वाले दिन कैब अनुज नामक बदमाश चला रहा था। कैब के लिए उसका पहला दिन था। आरोपी ने डॉक्टर को कार में बिठाया, कुछ दूर बाद ही उसके साथी भी कार में बैठ गए। डॉ.श्रीकांत को अगवा कर आरोपी मेरठ ले गए। वहां सुबह करीब 4.30 बजे ओला के कॉल सेंटर में कॉल कर फिरौती की रकम मांग ली। फिरौती की रकम के लिए बदमाश डाक्टर का वीडियो भेजकर धमका रहे थे।
कौन है डॉक्टर श्रीकांत गौड़ और क्या है मामला
मूलरूप से आंध्रप्रदेश के रहने वाले डॉ.श्रीकांत गौड़ अपने एक दोस्त के साथ गुर्जर डेरी, गौतम नगर, दिल्ली में रहते हैं। श्रीकांत प्रीत विहार स्थित मेट्रो हार्ट एवं कैंसर अस्पताल में डॉक्टर हैं। छह जुलाई को श्रीकांत ने प्रीत विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे से घर जाने के लिए ओला कैब हायर की थी। अगले ही दिन कैब चालक के मोबाइल फोन से ओला कैब के कॉल सेंटर में पांच करोड़ रुपये फिरौती मांगने की कॉल पहुंची थी।
डॉक्टर का वीडियो बनाकर भेज रहे थे
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी ओला कैब के सीईओ का नंबर कॉल सेंटर से मांग रहे थे। बदमाशों को उम्मीद थी कि अपने कस्टमर को छुड़ाने के लिए ओला कैब मोटी रकम दे सकती है। आरोपियों ने रुपये लेने के लिए ओला कैब पर पूरा दबाव भी बनाया हुआ था। इसके अलावा आरोपियों ने डॉ. श्रीकांत के ही नंबर से उसके वीडियो बना कर ओला कैब के कॉल सेंटर में भेज रहे थे। बदमाशों की डिमांड थी कि उन्हें नोट 2000 रुपये के नोट की शक्ल में ही मिले। ओला के कुछ अधिकारी पैसे लेकर मेरठ पहुंचे भी थे, लेकिन पांच सौ रुपये के नोट होने की बात कर आरोपियों ने उनके रुपये लौटा भी दिए थे।
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सोहनवीर के पास रहने वाले सुभाष के अनुसार गाड़ी से लंबे लंबे 10-12 युवक निकले । वे जींस टीशर्ट और पेंट शर्ट पहने हुए थे। सभी के हाथ में पिस्टल थी। इनमें से दो तीन कांवड़ियों के भेष में भी थे। कार सवार हथियार बंद लोगों के कहने पर जैसे ही वह अपने मकान के अंदर गए ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज आनी शुरू हो गई। लोगों में दहशत हो गई। करीब आधा घंटा तक गोलियों की आवाज आती रही। मकान के अंदर से किसी के चीखने की आवाज आई। इसके बाद ये लोग मकान के अंदर घुस गई और तीन चार लोगों को पकड़कर ले गई। इनमें से एक कांवड़िया लग रहा था। इनमें से एक के पैर में गोली लगी थी। बाद में पता चला कि ये लोग पुलिस वाले थे।
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मुठभेड़ स्थल के पास रहने वाले एक बच्चे ने बताया कि वह मकान की छत पर था। उसने देखा कि गली में कुछ अंकल भाग रहे हैं। उनके हाथ में गन है और वह भागते भागते भी गोलियां चला रहे थे। कई गोलियां चली। वह डर गया और नीचे चला गया।
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मोहल्ले वालों ने बताया कि जिस वक्त मुठभेड़ चल रही थी, अचानक सेक्टर में ही रहने वाला एक युवक बाइक से वहां आ गया। उसे पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया। युवक के हाथ पांव फूल गए । पुलिस वाले उसे बाइक से उतारकर एक साइड में ले गए और उसकी काफी देर तलाशी ली। संतुष्ट होने के बाद पुलिस वालों ने घेराबंदी कर उसे गली से बाहर निकाला और कहा कि अभी दोबारा यहां मत आना।
चार गिरफ्तार
डाक्टर को अपहरणकर्ताओं का गैंग मेरठ से लेकर सहारनपुर तक फैला हुआ था। दिल्ली पुलिस मेरठ में पहुंच चुकी थी तो ये लोग डाक्टर श्रीकांत को मुजफ्फरनगर या सहारनपुर शिफ्ट करने की तैयारी कर चुके थे। कांवड़ यात्रा के कारण मार्ग बंद होने और सुरक्षा मजबूत होने के कारण बदमाशों को प्लान फेल हो गया। मुठभेड़ के बाद यूपी और दिल्ली की पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि इस अपहरण के मास्टर माइंड दादरी गांव के अनुज, उसका भाई सुशील और गौरव बच निकलने मे कामयाब हो गये। देर रात तक तीनों की तलाश जारी थी। आधी रात के लगभग इनकी लोकेशन खतौली मिली थी। इसके बाद खतौली में कई ठिकानों पर दबिश दी गई। ये तीनों पहले भी मीरापुर में अपहरण की वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
शताब्दीनगर के 112/4बी सोहनवीर पुत्र राम सिंह के मकान से मुठभेड के बाद पुलिस ने मकान मालिक सोहनवीर समेत चार बदमाशों को पकड़ा है। पकडे़ गए बदमाशों में अमित उर्फ बिल्लू पुत्र ओमप्रकाश गांव केडी, मुजफफरनगर, नेमपाल पुत्र जगमाल सिंह, गांव शब्बीर पुर सहारनपुर, प्रमोद पुत्र ब्रहम सिंह, रोहटा रोड सरधना शामिल हैं।
घटना वाले दिन कैब अनुज नामक बदमाश चला रहा था। कैब के लिए उसका पहला दिन था। आरोपी ने डॉक्टर को कार में बिठाया, कुछ दूर बाद ही उसके साथी भी कार में बैठ गए। डॉ.श्रीकांत को अगवा कर आरोपी मेरठ ले गए। वहां सुबह करीब 4.30 बजे ओला के कॉल सेंटर में कॉल कर फिरौती की रकम मांग ली। फिरौती की रकम के लिए बदमाश डाक्टर का वीडियो भेजकर धमका रहे थे।
कौन है डॉक्टर श्रीकांत गौड़ और क्या है मामला
मूलरूप से आंध्रप्रदेश के रहने वाले डॉ.श्रीकांत गौड़ अपने एक दोस्त के साथ गुर्जर डेरी, गौतम नगर, दिल्ली में रहते हैं। श्रीकांत प्रीत विहार स्थित मेट्रो हार्ट एवं कैंसर अस्पताल में डॉक्टर हैं। छह जुलाई को श्रीकांत ने प्रीत विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे से घर जाने के लिए ओला कैब हायर की थी। अगले ही दिन कैब चालक के मोबाइल फोन से ओला कैब के कॉल सेंटर में पांच करोड़ रुपये फिरौती मांगने की कॉल पहुंची थी।
डॉक्टर का वीडियो बनाकर भेज रहे थे
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी ओला कैब के सीईओ का नंबर कॉल सेंटर से मांग रहे थे। बदमाशों को उम्मीद थी कि अपने कस्टमर को छुड़ाने के लिए ओला कैब मोटी रकम दे सकती है। आरोपियों ने रुपये लेने के लिए ओला कैब पर पूरा दबाव भी बनाया हुआ था। इसके अलावा आरोपियों ने डॉ. श्रीकांत के ही नंबर से उसके वीडियो बना कर ओला कैब के कॉल सेंटर में भेज रहे थे। बदमाशों की डिमांड थी कि उन्हें नोट 2000 रुपये के नोट की शक्ल में ही मिले। ओला के कुछ अधिकारी पैसे लेकर मेरठ पहुंचे भी थे, लेकिन पांच सौ रुपये के नोट होने की बात कर आरोपियों ने उनके रुपये लौटा भी दिए थे।