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सरदार के वेश में थे बदन सिंह को भगाने वाले बदमाश, बद्दो ने होटल में अपनाया ये खतरनाक तरीका
Fri, 29 Mar 2019 02:48 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 29 Mar 2019 02:48 PM IST
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कुख्यात बदमाश बदन सिंह बद्दो
- फोटो : social media
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बद्दो को पुलिस कस्टडी से भगाकर ले जाने वाले बदमाश सरदार की वेशभूषा में थे। जोकि सुबह से होटल के बाहर तीन कारों में बैठे थे। होटल के कमरा नंबर 203 में पुलिसकर्मी और दूसरे साथियों के साथ बद्दो था। बद्दो होटल में पुलिसकर्मियों को बेहोश कर अकेला बाहर आया। जहां पहले से मौजूद कार में सवार बदमाश उसको लेकर दिल्ली की तरफ निकल गए। बताया गया कि ये बदमाश सरदार की वेशभूषा में थे। जिसमें बद्दो का बेटा भी बताया गया है। इसका खुलासा बद्दो को भगाने में शामिल लोगों ने फरार होने के बाद किया।
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लोगों की उमड़ी भीड़
बद्दो के फरार होने की जानकारी लगने पर होटल के बाहर पुलिस फोर्स थी। हल्ला मचा था कि बड़ी घटना हो गई। जिसके बाद लोगों की भीड़ होटल के बाहर और ओवरब्रिज पर लग गई। दिल्ली रोड पर जाम भी लग गया। बाद में पुलिस ने लोगों को समझाया कि कोई बात नहीं है। एक बदमाश था जो भाग गया।
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खतरनाक थे मंसूबे
लोगों ने बताया कि बद्दो को ले जाने वाले बदमाशों के मंसूबे खतरनाक थे। वह हथियारों से लैस थे। कोई भी उनके सामने आता तो शायद बच नहीं पाता। गनीमत रही कि बदमाशों से आम जनता का आमना-सामना नहीं हुआ। बद्दो को भगाने के लिए उनकी पहले से पूरी तैयारी थी।
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21 साल बाद हुई थी बद्दो को सजा
मेरठ के अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की साल 1996 में हुई हत्या के मामले में गौतमबुद्धनगर अदालत ने बदन सिंह बद्दो को 21 साल बाद 26 अक्तूबर 2017 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बदन सिंह व उसके भाई किशन सिंह के खिलाफ रविंद्र के भाई देवेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया था। वारदात के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों को जमानत मिल गई थी। केस के विचारण के दौरान किशन की मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट ने 2015 में केस मेरठ से गौतमबुद्ध नगर अदालत ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। इसके बाद बद्दो को सजा सुनाई गई। कुछ माह बद्दो को नोएडा से फर्रुखाबाद जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।
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