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ड्राइवर की हत्या कर शव पेड़ पर लटकाया
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 05 Apr 2016 02:30 AM IST
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परिजनों और ग्रामीणों को समझातीं एसडीएम दिव्या मित्तल।
- फोटो : अमर उजाला
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घसौली गांव के जंगल में एक ड्राइवर की हत्या कर उसका शव पेड़ पर लटका दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में ड्राइवर की हत्या अवैध संबंधों में होना सामने आया है। वहीं पीड़ित परिवार ने हंगामा कर शव को नहीं उठने दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
परिवार को आर्थिक मदद और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर मामला शांत किया। कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के घसौली गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा (32) पुत्र स्व. बुद्ध प्रकाश मेरठ रेलवे रोड स्थित प्रेमपुरी कॉलोनी में इंजीनियर अशोक कुमार की गाड़ी का ड्राइवर था। शनिवार को अशोक ड्यूटी पर मेरठ गया था, लेकिन लौटा नहीं। सोमवार सुबह अशोक का शव जंगल में पेड़ पर लटका मिला।
ग्रामीण शव देखकर पुलिस को सूचना दी। बाद में अशोक के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने हत्या के बाद शव पेड़ पर लटकाने का आरोप लगाया। एसओ यादराम सिंह यादव मय टीम के मौके पर पहुंचे और शव को पेड़ से नीचे उतारा। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया और इंजीनियर पर आरोप लगाकर मौके पर बुलाने की बात कही। हंगामे की सूचना पर एडीएम प्रशासन दिनेश चंद व एसडीएम सदर दिव्या मित्तल मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। करीब दो घंटे तक परिजनों ने शव को मौके से नहीं उठने नहीं दिया।
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एडीएम व एसडीएम के काफी समझाने के बाद परिजन शव का पीएम कराने के लिए तैयार हुए। एसओ यादराम सिंह का कहना है कि पीड़ित परिवार का कहना कि अशोक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में तहरीर देंगे। पीएम रिपोर्ट में खुलासा होगा कि अशोक की हत्या हुई या आत्महत्या।
अवैध संबंध में हत्या होने पर शक
पुलिस के मुताबिक अशोक की हत्या अवैध संबंधों के चलते हुई है। प्राथमिक जांच में पुलिस इस बिंदू पर काम कर रही है। महिला मेरठ की बताई गई है। पीड़ित परिवार ने बताया कि अशोक तीन से दिन से भय में था। कई बार उससे पूछा लेकिन उसने कुछ नहीं बताया।
शरीर पर मिले चोट के निशान
अशोक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इसके अलावा उसके कपड़े मिट्टी में सने हुए थे। जिस पेड़ पर वह लटका मिला उसे देखकर नहीं लगता कि कोई भी व्यक्ति वहां पर लटक कर फांसी लगा सकता है। अशोक के गले में उसकी शर्ट का ही फंदा पड़ा हुआ था। वह फंदा भी फांसी वाला नहीं था। साफ दिख रहा था कि उसकी हत्या की गई है।
पत्नी ने लगा ली थी फांसी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब चार साल पहले अशोक की शादी हुई थी। दंपति के गूनगुन नाम की बेटी है। दो साल पहले अशोक की पत्नी रजनी ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। मायके वालों ने अशोक व उसके परिजनों के खिलाफ उसकी हत्या करने का केस दर्ज कराया था। हालांकि बाद में दोनों परिवार में समझौता हो गया।
सपा, भाजपा व रालोद नेता मौके पर पहुंचे
इस मामले की जानकारी होने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंच गए। सपा विधायक गुलाम मोहम्मद, भाजपा की जिला पंचायत सदस्य मीनाक्षी भराला, सत्येंद्र भराल, रालोद नेता यशवीर सिंह, डॉ. राज कुमार सांगवान और सुनील रोहटा ने परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई व आर्थिक मदद कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान रालोद नेता यशवीर सिंह ने अशोक की 2 वर्षीय बेटी गुनगुन को 11 हजार रुपये मदद के तौर पर दिए।
बस्ता न मिला तो संस्पेड कर दूंगा : एडीएम
एडीएम प्रशासन दिनेश चंद ने परिवार को मुआवजा देने के लिए आर्थिक स्थिति की जांच करने को पटवारी धर्मवीर सिंह को मौके पर बुलाया। पटवारी मौके पर पहुंचे, लेकिन साथ में अपना बस्ता नहीं लाए। एडीएम ने बस्ता मांगा तो पटवारी इधर उधर देखने के बाद बोल सर घर भूल गया। एडीएम ने पटवारी को कहा कि आगे से अगर बस्ता लेकर नहीं चले तो संस्पेड कर दूंगा। उसके बाद कलक्टर बनकर घूमना बंद कर दोगे।
शव से लिपटकर रोए परिजन
अशोक घर में सबसे छोटा था। ड्राइवरी के अलावा बिजली का काम भी करता था। उससे बडे़ पम्मी शर्मा और राधेेलाल शर्मा दो भाई हैं। दोनों खेती और मजदूरी करते हैं। अशोक की हत्या के बाद दोनों भाई और मां श्यामो देवी का रो रोकर बुुरा हाल था। पेड़ से शव उतरते ही परिवार अशोक से लिपटकर रोने लगे।
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परिवार को आर्थिक मदद और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर मामला शांत किया। कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के घसौली गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा (32) पुत्र स्व. बुद्ध प्रकाश मेरठ रेलवे रोड स्थित प्रेमपुरी कॉलोनी में इंजीनियर अशोक कुमार की गाड़ी का ड्राइवर था। शनिवार को अशोक ड्यूटी पर मेरठ गया था, लेकिन लौटा नहीं। सोमवार सुबह अशोक का शव जंगल में पेड़ पर लटका मिला।
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ग्रामीण शव देखकर पुलिस को सूचना दी। बाद में अशोक के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने हत्या के बाद शव पेड़ पर लटकाने का आरोप लगाया। एसओ यादराम सिंह यादव मय टीम के मौके पर पहुंचे और शव को पेड़ से नीचे उतारा। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया और इंजीनियर पर आरोप लगाकर मौके पर बुलाने की बात कही। हंगामे की सूचना पर एडीएम प्रशासन दिनेश चंद व एसडीएम सदर दिव्या मित्तल मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। करीब दो घंटे तक परिजनों ने शव को मौके से नहीं उठने नहीं दिया।
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एडीएम व एसडीएम के काफी समझाने के बाद परिजन शव का पीएम कराने के लिए तैयार हुए। एसओ यादराम सिंह का कहना है कि पीड़ित परिवार का कहना कि अशोक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में तहरीर देंगे। पीएम रिपोर्ट में खुलासा होगा कि अशोक की हत्या हुई या आत्महत्या।
अवैध संबंध में हत्या होने पर शक
पुलिस के मुताबिक अशोक की हत्या अवैध संबंधों के चलते हुई है। प्राथमिक जांच में पुलिस इस बिंदू पर काम कर रही है। महिला मेरठ की बताई गई है। पीड़ित परिवार ने बताया कि अशोक तीन से दिन से भय में था। कई बार उससे पूछा लेकिन उसने कुछ नहीं बताया।
शरीर पर मिले चोट के निशान
अशोक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इसके अलावा उसके कपड़े मिट्टी में सने हुए थे। जिस पेड़ पर वह लटका मिला उसे देखकर नहीं लगता कि कोई भी व्यक्ति वहां पर लटक कर फांसी लगा सकता है। अशोक के गले में उसकी शर्ट का ही फंदा पड़ा हुआ था। वह फंदा भी फांसी वाला नहीं था। साफ दिख रहा था कि उसकी हत्या की गई है।
पत्नी ने लगा ली थी फांसी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब चार साल पहले अशोक की शादी हुई थी। दंपति के गूनगुन नाम की बेटी है। दो साल पहले अशोक की पत्नी रजनी ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। मायके वालों ने अशोक व उसके परिजनों के खिलाफ उसकी हत्या करने का केस दर्ज कराया था। हालांकि बाद में दोनों परिवार में समझौता हो गया।
सपा, भाजपा व रालोद नेता मौके पर पहुंचे
इस मामले की जानकारी होने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंच गए। सपा विधायक गुलाम मोहम्मद, भाजपा की जिला पंचायत सदस्य मीनाक्षी भराला, सत्येंद्र भराल, रालोद नेता यशवीर सिंह, डॉ. राज कुमार सांगवान और सुनील रोहटा ने परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई व आर्थिक मदद कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान रालोद नेता यशवीर सिंह ने अशोक की 2 वर्षीय बेटी गुनगुन को 11 हजार रुपये मदद के तौर पर दिए।
बस्ता न मिला तो संस्पेड कर दूंगा : एडीएम
एडीएम प्रशासन दिनेश चंद ने परिवार को मुआवजा देने के लिए आर्थिक स्थिति की जांच करने को पटवारी धर्मवीर सिंह को मौके पर बुलाया। पटवारी मौके पर पहुंचे, लेकिन साथ में अपना बस्ता नहीं लाए। एडीएम ने बस्ता मांगा तो पटवारी इधर उधर देखने के बाद बोल सर घर भूल गया। एडीएम ने पटवारी को कहा कि आगे से अगर बस्ता लेकर नहीं चले तो संस्पेड कर दूंगा। उसके बाद कलक्टर बनकर घूमना बंद कर दोगे।
शव से लिपटकर रोए परिजन
अशोक घर में सबसे छोटा था। ड्राइवरी के अलावा बिजली का काम भी करता था। उससे बडे़ पम्मी शर्मा और राधेेलाल शर्मा दो भाई हैं। दोनों खेती और मजदूरी करते हैं। अशोक की हत्या के बाद दोनों भाई और मां श्यामो देवी का रो रोकर बुुरा हाल था। पेड़ से शव उतरते ही परिवार अशोक से लिपटकर रोने लगे।