सांसद लिखी फार्च्यूनर ने बाइक को रौंदा, जीजा-साले की मौत
- बसपा के राज्यसभा सदस्य मुनकाद अली की बताई जा रही गाड़ी
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मरने वालों की पहचान गांव अंबरपुर क्योलड़िया निवासी रत्नेश (22) उर्फ नन्हेलाल और उनके रिश्ते के साले हाफिजगंज के रम्पुरा विसी गांव निवासी चंद्रपाल (45) के रूप में हुई। टक्कर लगने के बाद दोनों घायल तेज रफ्तार सफेद फॉर्च्यूनर के बोनट पर आ गए और बाइक सड़क के दूसरी तरफ जा गिरी। ड्राइवर ने कार रोककर मदद के बजाय स्पीड और बढ़ा दी।
चालक ने कार रांग साइड पर आगे बढ़ाई और सौ मीटर दूर जाकर एक फीट ऊंचे डिवाइडर को पार करके सही साइड पर आने की कोशिश की। लेकिन कार टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। साले-बहनोई भी छिटककर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। कार सवार चार लोग उतरे। उनमें एक गनर भी साथ था। मौके पर भीड़ जुटने लगी तो उन्होंने मोबाइल से कॉल की। थोड़ी देर में एक स्कॉर्पियो आई और चारों उसमें बैठकर शाहजहांपुर की ओर निकल गए। बताते हैं कि दूसरी कार बरेली के एक बसपा नेता की थी जिसको भीड़ ने घेरने की भी कोशिश की।
कार का रजिस्ट्रेशन एक कंपनी के नाम
फॉर्च्यूनर कार संख्या यूपी 14 डीजे 2022 गाजियाबाद के राजनगर की वुडहिल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड फर्म के नाम पर है। बताते हैं कि कंपनी से जुड़े रहे पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी ने यह कार मुनकाद अली को गिफ्ट दी थी। तब से मुनकाद अली इसे इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन कार मुनकाद के नाम पर ट्रांसफर नहीं है। मेरठ के किठौर निवासी मुनकाद अली बसपा सुप्रीमो मायावती के बेहद नजदीकी हैं।
शाहजहांपुर बैठक में जा रहे थे मुनकाद
बसपा सूत्रों के मुताबिक मुनकाद अली शाहजहांपुर में बसपा की बैठक में शामिल होने जा रहे थे। लौटकर उन्हें बरेली की एक बैठक में भी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करनी थी। हालांकि वे लौटकर बरेली नहीं आए तो बसपा के दूसरे नेताओं ने ही सभा संबोधित की।
11 दिन पहले भी ओवरस्पीड में चालान
बताते हैं कि लग्जरी कार का ड्राइवर तेज ड्राइविंग करने के लिए बदनाम है। 11 दिन पहले नोएडा में इस गाड़ी के चालक को ओवरस्पीड के कारण जुर्माने के बाद चेतावनी देकर छोड़ा गया था। अब इसी ओवरस्पीड ने दो लोगों की जान ले ली।
कार कंपनी के नामजांच के आधार पर कार्रवाई
मृतक नन्हे के भाई ब्रजेश ने कार नंबर के आधार पर रिपोर्ट लिखवाई है। कार पर सांसद लिखा है। वह गाजियाबाद की किसी फर्म के नाम पंजीकृत है। मौके पर केवल कार मिली। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -पीपी सिंह, सीओ थर्ड
कार वुडहिल कंपनी के नाम है, जिससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। संबंधित कंपनी को 10 साल पहले ही छोड़ चुका हूं। कंपनी छोड़ने के सभी जरूरी कागजात भी मेरे पास है। मेरी जानकारी में आया है कि वुडहिल ने दो साल पहले बसपा नेता मुनकाद अली को यह कार दी थी। कार और कंपनी से दूर-दूर तक मेरा वास्ता नहीं है।- प्रशांत चौधरी, पूर्व एमएलसी व भाजपा नेता
वुडहिल से रिश्तेदारों का नाता
आरडीसी (गाजियाबाद) से संचालित वुडहिल कंपनी पूर्व एमएलसी के भांजे की बताई जा रही है। इस कंपनी पर बीते साल सितंबर में कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद कंपनी ने टैक्स चोरी मानते हुए 7.5 करोड़ रुपया सरेंडर किया था। कंपनी का वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में बड़ा कारोबार है। निर्माण क्षेत्र से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट भी कंपनी के पास बताए जाते हैं।