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मोनू जाट ने छोटू की दोस्ती में किया था खून-खराबा
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 15 Oct 2016 01:40 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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50 हजार रुपये के इनामी रहे अमित उर्फ मोनू जाट और नितिन राठी उर्फ छोटू को सोनीपत पुलिस बी-वारंट पर बागपत लेकर पहुंची। कड़ी सुरक्षा में उसकी कोर्ट में पेशी हुई। पुलिस सूत्रों की माने तो मोनू ने बताया कि उसने नितिन से दोस्ती निभाने को टीकरी में खून बहाया है। बृहस्पतिवार को मोनू और नितिन को मेरठ में सीजेएम की कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने दंपति हत्याकांड और चमड़ा व्यापारी की हत्या में उसका वारंट बनाया। पुलिस मोनू को मेरठ में भी कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।
मेरठ के रोहटा निवासी मोनू जाट और नितिन ने टीकरी कस्बा में 12 सितंबर को युवक विवेक की गोलियों से भूनकर हत्या की थी। उसके 12 दिन बाद ही उन दोनों ने मिलकर कस्बे के ही किसान चौधरी लाल बहादुर सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके अलावा कई लोगों से मारपीट कर रुपये मांगे थे, लेकिन आरोपियों के डर से पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत भी नहीं की थी। 30 सितंबर की रात दोनों आरोपियों को सोनीपत पुलिस ने पकड़ लिया था। दोघट पुलिस ने कोर्ट से बी-वारंट बनवाया था। सोनीपत पुलिस दोनों को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में लेकर बागपत पहुंची। उनकी कोर्ट में पेशी हुई। दोघट पुलिस ने युवक विवेक और किसान लाल बहादुर की हत्या के केस में दोनों को मुल्जिम बनाया। इस दौरान उनसे पूछताछ की। दोघट एसओ चंद्रकांत पांडेय का कहना है कि मोनू और नितिन को दोनों हत्याओं के केस में मुल्जिम बना लिया है। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि हरियाणा में जो हथियार पुलिस ने पकड़े है। उनसे ही टीकरी में खून खराबा किया गया है।
साथियों तक पहुंचेगी पुलिस
पुलिस सूत्रों की माने तो मोनू जाट ने पुलिस को अहम जानकारी दी। उसने कहा कि अपने दोस्त नितिन की खातिर उसने टीकरी में खून की होली खेली थी। उसका टारगेट बहुत बड़ा था। हालांकि उसने उसके बारे में नहीं बताया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मोनू ने कहा कि मेरठ ही नहीं उसके बागपत में भी कई साथी है। यहां पर उसका सबसे करीबी दोस्त नितिन है। उसको असलाह और कारतूस साथी ही उपलब्ध कराते थे। अब पुलिस उन तक पहुंचेगी।
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मेरठ के रोहटा निवासी मोनू जाट और नितिन ने टीकरी कस्बा में 12 सितंबर को युवक विवेक की गोलियों से भूनकर हत्या की थी। उसके 12 दिन बाद ही उन दोनों ने मिलकर कस्बे के ही किसान चौधरी लाल बहादुर सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके अलावा कई लोगों से मारपीट कर रुपये मांगे थे, लेकिन आरोपियों के डर से पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत भी नहीं की थी। 30 सितंबर की रात दोनों आरोपियों को सोनीपत पुलिस ने पकड़ लिया था। दोघट पुलिस ने कोर्ट से बी-वारंट बनवाया था। सोनीपत पुलिस दोनों को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में लेकर बागपत पहुंची। उनकी कोर्ट में पेशी हुई। दोघट पुलिस ने युवक विवेक और किसान लाल बहादुर की हत्या के केस में दोनों को मुल्जिम बनाया। इस दौरान उनसे पूछताछ की। दोघट एसओ चंद्रकांत पांडेय का कहना है कि मोनू और नितिन को दोनों हत्याओं के केस में मुल्जिम बना लिया है। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि हरियाणा में जो हथियार पुलिस ने पकड़े है। उनसे ही टीकरी में खून खराबा किया गया है।
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साथियों तक पहुंचेगी पुलिस
पुलिस सूत्रों की माने तो मोनू जाट ने पुलिस को अहम जानकारी दी। उसने कहा कि अपने दोस्त नितिन की खातिर उसने टीकरी में खून की होली खेली थी। उसका टारगेट बहुत बड़ा था। हालांकि उसने उसके बारे में नहीं बताया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मोनू ने कहा कि मेरठ ही नहीं उसके बागपत में भी कई साथी है। यहां पर उसका सबसे करीबी दोस्त नितिन है। उसको असलाह और कारतूस साथी ही उपलब्ध कराते थे। अब पुलिस उन तक पहुंचेगी।
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