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दूध में मिलावट का खेल, हर तीसरा सैंपल फेल
ब्यूरो/अरीश रिज़वी
Updated Fri, 16 Feb 2018 03:03 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दूध में कैल्शियम और जरूरी विटामिन होते हैं, लेकिन जो दूध हम खरीद रहे हैं क्या वह शुद्ध है, कहीं उसमें कोई मिलावट तो नहीं है। दरअसल, जिले में दूध का हर तीसरा सैंपल फेल हो रहा है। यहां पिछले दो साल में दूध के 260 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 108 सैंपल फेल हो गए। इन मामलों में 37 लाख 87 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है। हालांकि न तो किसी पर एफआईआर हुई है और न ही किसी को सजा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जनपद में दूध के 132 सैंपल लिए गए, इनमें से 41 सैंपल फेल आए। इन मामलों में करीब 30 लाख एक हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। इसी तरह वर्ष 2017-18 में 15 फरवरी तक दूध के 128 सैंपल लिए गए, इनमें 67 सैंपल फेल हुए हैं। इन मामलों में सात लाख 86 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूध में पिछले साल के मुकाबले मिलावट बढ़ी है। एफएसडीए का मानना है कि गर्मी में दूध की आपूर्ति घट जाती है तो मांग पूरी करने के लिए दूध में मिलावट बढ़ जाती है। इस संबंध एफएसडीए की अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान का कहना है कि दूध के जो सैंपल फेल होते हैं, वह मामले एडीएम सिटी की कोर्ट में चलते हैं। समय-समय पर दूध के सैंपल लिए जाते हैं। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
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इन मानकों पर परखा जाता है दूध
क्रीम, (मलाई) जो केवल दूध से न बनी हो और उसमें दुग्ध स्नेह (मिल्क फैट) 40 प्रतिशत से कम न हो।
दूध, जिसमें पानी मिलाया गया हो।
दूध से निकले घी से भिन्न कोई पदार्थ हो।
मथित दूध (मक्खन रहित दूध) शुुद्ध केनाम से बेचा जाए।
कृत्रिम मिष्टकर (स्वीटनिंग एजेंट) युक्त पदार्थ मिला हो।
घर पर ही करें दूध की जांच
दूध में पानी
दूध की एक बूंद को चिकने या चमकदार तिरछी सतह पर डालने से शुद्ध दूध की बूंद धीरे-धीरे आगे बढ़कर पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहती है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बिना निशान छोड़े बहेगा।
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दूध में स्टार्च
टिंक्चर आयोडीन की कुछ बूंदे मिलाने पर स्टार्च युक्त दूध में नीला रंग आ जाता है। टिंक्चर आयोडीन दवा दुकान से आसानी से मिल जाती है।
दूध में यूरिया
दूध में यूरिया की जांच के लिए एक परखनली में थोड़ा दूध लेकर उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर पाउडर मिलाकर हिलाए, फिर इसे पांच मिनट के लिए रख दें, इसके बाद इसमें एक लाल लिटमस पेपर डुबाने पर पेपर का रंग लाल से नीला हो जाए तो दूध में यूरिया की मिलावट मानी जाती है। लाल लिटमस पेपर स्टेशनरी की दुकान से मिल जाता है।
दूध में वनस्पति
तीन से पांच मिली दूध एक परखनली में लेकर उसमें दस बूंद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं एक चम्मच चीनी मिलाने पर पांच मिनट बाद लाल रंग दिखाई देने लगे तो दूध में वनस्पति की मिलावट होती है।