फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   meerut murder news

‘दफन’ होने की कगार पर भावना हत्याकांड

Sun, 17 Jan 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 17 Jan 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
meerut murder news
चर्चित भावना हत्याकांड पुलिस-प्रशासन की नाकामी के चलते ‘दफन’ होने जा रहा है। नामजद आरोपी और वादी पक्ष ने शनिवार को इस सनसनीखेज वारदात में समझौते की पटकथा तैयार कर ली। दोनों पक्ष के शपथ पत्र लगाने से सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर भावना का मर्डर किसने और क्यों किया। इस नाटकीय घटनाक्रम में पुलिस सवालों के कटघरे में खड़ी हो गई है।
विज्ञापन


बीती 26 दिसंबर की रात पल्लवपुरम फेस-दो निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य पूनम चौधरी पत्नी ब्रजवीर उर्फ मुन्नू के घर में घुसे पांच लोगों ने पूनम के बेटे प्रशांत और पुत्रवधू भावना पर गोलियां बरसा दी थीं। जिसमें भावना की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि प्रशांत हाथ में गोली लगने से घायल हुआ था।
विज्ञापन


इस सनसनीखेज हत्याकांड में वादी पूनम चौधरी ने दौराला के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राहुल देव, जमालपुर गांव के प्रधान गौरव, वीरेंद्र चौधरी निवासी दौराला, सौबीर और कृष्णवीर को नामजद किया था। नामजद नामजद आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। लेकिन सत्ताधारी नेताओं के दबाव में आकर उनको थाने से छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर एक सप्ताह तक पुलिस अफसरों के ऑफिसों पर धरना प्रदर्शन तक किया। सत्ताधारी नेताओं के हस्तक्षेप के बाद नामजद आरोपियों को पुलिस द्वारा क्लीन चिट देने और भावना के परिजनों पर ही शक की सुई घूमने से तमाम बखेड़ा हुआ।

पुलिस और सत्ताधारी नेताओं की खूब किरकिरी हुई। इसके बावजूद भी अफसरों ने कोई एक्शन नहीं लिया। लेकिन शनिवार को दोनों पक्षों के लोग कचहरी में समझौते के शपथ पत्र बनवाने पहुंच गए। वादी पक्ष ने शपथ पत्र लगाकर नामजद आरोपियों को बेकसूर बता दिया।

नरेंद्र की हत्या के गवाह बनाए थे मुल्जिम?
नौ मार्च 2015 को दौराला में गन्ना समिति चेयरमैन के चुनाव को लेकर प्रत्याशी सतीश और भालू पक्ष के लोगों में आमने-सामने गोलियां चली थीं। जिसमें भालू पक्ष के नरेंद्र की मौत हो गई थी। इस हत्याकांड में भावना का ससुर मुन्नू, राजीव और प्रदीप जेल में बंद हैं। भावना की हत्या के आरोपियों में नरेंद्र हत्याकांड के गवाहों को मुल्जिम बनाया गया था। पुलिस जांच की बात कहकर मामले में देरी करती रही।


तो किसने किया भावना का मर्डर

भावना हत्याकांड का एकमात्र चश्मदीद गवाह उसका पति प्रशांत है। उसने बताया था कि हत्या करने में राहुल देव, वीरेंद्र चौधरी, गौरव, सौबीर और कृष्णवीर शामिल थे। सवाल उठता है कि जब चश्मदीद गवाह ने आरोपियों को देखा है कि उनको क्लीन चिट कैसे दे दी। अगर दे दी तो भावना की हत्या आखिर किसने और क्यों की। यह तमाम सवाल पुलिस की थ्योरी में आज भी शामिल हैं।

जवाब मांगते सवाल
1. भावना के चार साल बच्चे को उसकी सास गांव से जमालपुर लेकर क्यों गई
2. वारदात के दौरान प्रशांत के घर के सीसीटीवी कैमरे बंद क्यों थे
3. नामजद आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन घटनास्थल पर नहीं मिली
4. प्रशांत को केवल एक ही गोली लगी जबकि भावना को गोलियों से क्यों भूना
5. हिरासत में लेने के बावजूद नामजद आरोपियों को छोड़ा दिया गया
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed