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अम्मा मैं आ गया और बिल्कुल ठीक हूं...
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:45 AM IST
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रविवार सुबह अतिशय ने फोन पर जैसे ही कहा कि हैलो अम्मा मैं आ गया और मैं बिल्कुल ठीक हूं तो दादी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए और पूरा परिवार फफक पड़ा। साथ ही भगवान के हाथ जोड़कर उनका शुक्रिया अदा किया।
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रविवार सुबह 8.20 बजे अतिशय के चाचा मयूक ने अपनी मां को फोन किया। उन्होंने कहा कि ममा हम जीत गए, अतिशय मिल गया। इसके बाद अतिशय ने फोन पर दादी से बात की और अपने सही सलामत होने की जानकारी दी। वहीं बाहर खड़े अतिशय के पापा भी दौड़कर आए और उससे बात की।
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इस बीच अतिशय की मां शिखा ने फोन छीन लिया और बोलीं, अतिशय बेटा कैसे हो, जवाब मिला आई एम फाइन मॉम। परिजन उससे और बात करना चाहते थे, लेकिन मयूक ने बाकी बात घर पहुंचने पर करने को कहा। बेटे के मिलने की खुशी में मां शिखा की आंखों से आंसू बहने लगे और दौड़कर घर में बने मंदिर में पहुंची और भगवान महावीर के आगे हाथ जोड़कर बैठ र्गइं। अतिशय की दादी ने बताया कि शिखा ने शनिवार से मौन व्रत का पाठ रखा था। उसे पूरी उम्मीद थी कि जब उन्होंने किसी का बुरा नहीं किया तो उनके साथ भी बुरा नहीं होगा।
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घर पहुंचते ही गले से लगा लिया
अतिशय के मिलने की सूचना पर रिश्तेदार और परिचित अतिशय के घर पहुंच गए। शाम पौने छह बजे जैसे ही अतिशय घर पहुंचा तो परिजनों और रिश्तेदारों ने उसे गले लगा लिया। नौ दिन बाद परिजनों से मिला अतिशय भी फफक पड़ा। व्यापारी नेता बदन सिंह बद्दो, राकेश मक्कड़, राकेश जैन, विनीत शारदा, संजय जैन, गौरव राजपूत के अलावा अतिशय के स्कूल का स्टाफ भी मौजूद था।
मां पद्मावती का लिया आशीर्वाद
अतिशय के पिता मयंक जैन के चाचा की रविवार को शादी की 45वीं वर्षगांठ थी। उन्होंने मां पद्मावती की चौकी का आयोजन किया गया था। लेकिन 19 फरवरी को अतिशय का अपहरण होने के बाद उन्होंने यह कार्यक्रम टाल दिया था। अब संयोग से रविवार को ही अतिशय के मिलने की खबर आ गई। इसके बाद परिजनों ने सुबह ही मां पद्मावती की चौकी कराने की तैयारी शुरू की। शाम पौने छह बजे जैसे ही अतिशय लौटा, चौकी शुरू हो गई।