फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   meerut crime news

महिला मित्र समेत मेरठ के कारोबारी का देहरादून से अपहरण

Sat, 20 Feb 2016 02:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 20 Feb 2016 02:35 AM IST
विज्ञापन
meerut crime news

देहरादून के डूंगा स्थित फार्म हाउस से मेरठ के स्वामीपाड़ा निवासी कारोबारी अपनी महिला मित्र के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया है। कारोबारी को उनकी महिला मित्र के साथ बृहस्पतिवार रात नौकर फार्म हाउस में छोड़कर गया था। जब वह सुबह आया तो दोनों कार समेत गायब मिले। उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है और बेड, तकियों पर खून के धब्बे मिले हैं। हालांकि उनके साथ अनहोनी हुई है या अपहरण किया गया है यह साफ नहीं हो सका है। पुलिस अपहरण की दिशा में जांच केंद्रित किए है। अपहरण फिरौती के लिए किया गया है या रंजिशन, इन पहलुओं की जांच के लिए पुलिस टीम मेरठ पहुंची है।

विज्ञापन


मेरठ के बुढ़ाना गेट के पास स्वामी पाड़ा निवासी कारोबारी मनोज कुमार गुप्ता (38) दून में प्रापर्टी डीलिंग करने के साथ मोदीपुरम में एसडीएस ग्लोबल सुपर स्पेशिलियटी हास्पिटल में साझेदार है। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे मनोज गुप्ता अपनी महिला मित्र के साथ कार से दून के प्रेमनगर डूंगा स्थित फार्म हाउस पहुंचे थे। यहां पर रात में खाना देने के बाद नौकर उमेश गुप्ता अपने घर चला गया था। शुक्रवार सुबह आठ बजे के करीब उमेश फार्म हाउस आया तो गेट खुला हुआ था। कार गायब होने के साथ ही गुप्ता भी अपनी मित्र के साथ नहीं मिले।
विज्ञापन


फार्म हाउस के पिछले हिस्से मेंउमेश को खून लगे दो तकिए मिले। उमेश ने उनके कवर धोने के साथ तकियों को जला दिया। इसके अलावा रात में लाया खाना और दूसरा सामान भी आग में डाल दिया। निचले हिस्से में सफाई करने के बाद ऊपर गया तो पहली मंजिल पर लगे बिस्तर पर उसे खून दिखाई दिया तो उसने मनोज गुप्ता का फोन किया, लेकिन वह स्विच ऑफ था। इसके बाद उमेश ने फार्म हाउस में साझेदार मुकेश मित्तल को फोन कर मामले की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनहोनी की आशंका जताकर पुलिस को बुला लिया गया। एसपी सिटी अजय सिंह ने सीओ सिटी मनोज कत्याल, एसओ सहसपुर मुकेश त्यागी, एसओ बसंत विहार अबुल कलाम को साथ लेकर जांच पड़ताल की। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम बुलाकर कमरे से फिंगर प्रिंट उठवाए। पुलिस टीम ने मनोज गुप्ता के दूसरे साझेदारों से काफी देर तक बातचीत की।

वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. सदानंद दाते ने बताया कि जांच तो कई पहलुओं पर चल रही है। साफ तौर से कुछ भी कहना मुमकिन नहीं हैै, लेकिन प्रथम दृष्टया अपहरण के चांस ज्यादा दिख रहे हैं।  गुप्ता का प्रापर्टी या दूसरे तरह का कोई विवाद तो नहीं है। इसकी जानकारी के लिए पुलिस टीम मेरठ गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed