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कुएं से निकाला और फिर मार दी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2016 02:16 AM IST
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महा मंडलेश्वर की मृत्यु के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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कत्ल के केस का यह अलग ही मामला है। नंगला गोसाई के जंगल में महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप आरोपियों की गिरफ्त से छूटकर भाग निकले थे। अपहरणकर्ता उनको पकड़ने के लिए दौड़े तो महामंडलेश्वर जान बचाने की जद्दोजहद में पैर फिसलने पर ट्यूबवेल के कुएं में जा गिरे थे।
हत्यारों ने कुएं में ही गोलियां बरसाने के बजाय करीब तीन घंटे की मशक्कत करते हुए उन्हें कुएं से बाहर निकाला और फिर दो गोलियां उनकी कनपटी में दे मारीं। पुलिस का दावा है कि कत्ल की यह कहानी आरोपी वीशू अग्रवाल की जुबानी है।
पुलिस के मुताबिक महामंडलेश्वर को मंगलवार रात अगवा करके आरोपी वीशू अग्रवाल, धीरज गुर्जर, दर्शन और संजय मवाना के नंगला गोसाई गांव के जंगल में लेकर गए थे। दस लाख रुपये वापस न करने पर आरोपियों ने जंगल में महामंडलेश्वर की पिटाई करनी शुरू कर दी।
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वे चिल्लाते हुए आरोपियों की पकड़ से छूटकर भागने लगे। इस दौरान वह एक ट्यूबवेल पर पहुंचे तो पैर फिसलने पर कुएं में गिर पड़े।
‘अगर ये बचा तो हम नहीं बचेंगे’
पीछा करते पहुंचे आरोपियों ने जब महामंडलेश्वर को कुएं में गिरा पाया तो वे एक बार तो डर गए। लेकिन उनको यह भी खतरा था कि अगर महामंडलेश्वर बच गया तो उनका बचना भी मुश्किल हो जाएगा। अंधेरा होने के चलते उन्होंने कुएं में ही गोलियां चलाने का रिस्क नहीं लिया।
इसके बजाय जैसे-तैसे कर महामंडलेश्वर को कुएं से बाहर निकाला। उसके बाद बचने का कोई मौका न देते हुए जंगल में ले जाकर सीधे कनपटी में गोली मार दी। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि घना जंगल होने के चलते शव के पड़े रहने का किसी को पता नहीं चलता।
बचने का किया पूरा प्रयास
मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर मवाना सुधीर कुमार ने बताया कि महामंडलेश्वर की मौत गोली लगने के बाद हुई थी। शव का निरीक्षण किया गया तो खून से सना शव पेट के बल पड़ा था। दो गोलियां कनपटी में लगी थीं। महामंडलेश्वर के दोनों हाथों में मिट्टी से उखाड़ी घास मिली।
जिसे जाहिर है कि दम तोड़ने से पहले उसने बचने का पूरा प्रयास किया। लेकिन कुएं में गिरने से घायल होने के चलते वह आरोपियों से मुकाबला नहीं कर सके।
साधू का शव! यह सुनते ही लिया नाम
बृहस्पतिवार सुबह इंस्पेक्टर मवाना ने एसएसपी को एक साधु का शव मिलने की सूचना दी तो साधू शब्द सुनते ही एसएसपी चौंक गए। साधू शब्द सुनते ही एसएसपी ने महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप का नाम लिया। मवाना पुलिस ने नौचंदी पुलिस से संपर्क किया। फोटो देखकर पुलिस ने शव की पहचान महामंडलेश्वर के रुप में की। शव के पास से 315 बोर के दो खोखे बरामद हुए हैं।
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हत्यारों ने कुएं में ही गोलियां बरसाने के बजाय करीब तीन घंटे की मशक्कत करते हुए उन्हें कुएं से बाहर निकाला और फिर दो गोलियां उनकी कनपटी में दे मारीं। पुलिस का दावा है कि कत्ल की यह कहानी आरोपी वीशू अग्रवाल की जुबानी है।
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पुलिस के मुताबिक महामंडलेश्वर को मंगलवार रात अगवा करके आरोपी वीशू अग्रवाल, धीरज गुर्जर, दर्शन और संजय मवाना के नंगला गोसाई गांव के जंगल में लेकर गए थे। दस लाख रुपये वापस न करने पर आरोपियों ने जंगल में महामंडलेश्वर की पिटाई करनी शुरू कर दी।
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वे चिल्लाते हुए आरोपियों की पकड़ से छूटकर भागने लगे। इस दौरान वह एक ट्यूबवेल पर पहुंचे तो पैर फिसलने पर कुएं में गिर पड़े।
‘अगर ये बचा तो हम नहीं बचेंगे’
पीछा करते पहुंचे आरोपियों ने जब महामंडलेश्वर को कुएं में गिरा पाया तो वे एक बार तो डर गए। लेकिन उनको यह भी खतरा था कि अगर महामंडलेश्वर बच गया तो उनका बचना भी मुश्किल हो जाएगा। अंधेरा होने के चलते उन्होंने कुएं में ही गोलियां चलाने का रिस्क नहीं लिया।
इसके बजाय जैसे-तैसे कर महामंडलेश्वर को कुएं से बाहर निकाला। उसके बाद बचने का कोई मौका न देते हुए जंगल में ले जाकर सीधे कनपटी में गोली मार दी। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि घना जंगल होने के चलते शव के पड़े रहने का किसी को पता नहीं चलता।
बचने का किया पूरा प्रयास
मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर मवाना सुधीर कुमार ने बताया कि महामंडलेश्वर की मौत गोली लगने के बाद हुई थी। शव का निरीक्षण किया गया तो खून से सना शव पेट के बल पड़ा था। दो गोलियां कनपटी में लगी थीं। महामंडलेश्वर के दोनों हाथों में मिट्टी से उखाड़ी घास मिली।
जिसे जाहिर है कि दम तोड़ने से पहले उसने बचने का पूरा प्रयास किया। लेकिन कुएं में गिरने से घायल होने के चलते वह आरोपियों से मुकाबला नहीं कर सके।
साधू का शव! यह सुनते ही लिया नाम
बृहस्पतिवार सुबह इंस्पेक्टर मवाना ने एसएसपी को एक साधु का शव मिलने की सूचना दी तो साधू शब्द सुनते ही एसएसपी चौंक गए। साधू शब्द सुनते ही एसएसपी ने महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप का नाम लिया। मवाना पुलिस ने नौचंदी पुलिस से संपर्क किया। फोटो देखकर पुलिस ने शव की पहचान महामंडलेश्वर के रुप में की। शव के पास से 315 बोर के दो खोखे बरामद हुए हैं।