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पाक जासूस के पकड़े जाने के बाद छावनी में जारी हुआ अलर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 01 Dec 2015 01:29 AM IST
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सामरिक और सुरक्षा दृष्टि से बेहद संवेदनशील मेरठ छावनी के हाई सिक्योरिटी जोन में पाक एजेंट से हुई पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद इजाज की मुलाकात ने सेना में हलचल पैदा कर दी है। जासूस के खुलासों के बाद हरकत में आए सैन्य अधिकारियों ने सोमवार को पश्चिम यूपी सब एरिया मुख्यालय में बैठक की। सेना अब छावनी क्षेत्र के 182 ओल्ड ग्रांट बंगलों में तलाशी अभियान चलाएगी। बंगलों में रह रहे संदिग्ध लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी में शुमार मेरठ छावनी कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पश्चिम यूपी सब एरिया मुख्यालय होने के अलावा यहां पर वेस्टर्न कमान के दो ऑपरेशनल विंग का मुख्यालय भी है। ऐसे में मेरठ छावनी के हाई सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले औघड़नाथ मंदिर के पास पाक जासूस मोहम्मद इजाज का एक एजेंट से मिलना सेना के लिए चिंता का विषय बना है। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि इजाज किससे मिला और वह व्यक्ति कब से मेरठ में रह रहा है।
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इजाज ने अब तक यह भी नहीं बताया कि उससे मिलने वाला व्यक्ति मेरठ छावनी में रहता है या फिर वह कहीं ओर से आया था, उसका हुलिया क्या था। यह सभी सवाल सेना के लिए पहेली बने हैं। पाक जासूस के कैंट में पकड़े जाने के बाद सब एरिया मुख्यालय ने छावनी में रह रहे संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई का मसौदा तैयार कर लिया है।
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सोमवार को सब एरिया मुख्यालय में कैंट बोर्ड, रक्षा संपदा विभाग और पुलिस महकमे के अफसरों के साथ हुई बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में तय हुआ कि सेना, पुलिस और सिविल सैन्य विभागों के साथ मिलकर कैंट के ओल्ड ग्रांट बंगलों में अवैध कब्जों और अनाधिकृत तरीके से रह रहे लोगों की छानबीन करेगा। यह जानने की कोशिश की जाएगी कि बंगला किसके नाम पर है, बंगले में कौन रह रहा है और रहने वाला भारतीय नागरिक है या नहीं। बैठक में सब एरिया प्रवक्ता कर्नल राजीव कुमार, सहायक रक्षा संपदा अधिकारी एके सिंह, कर्नल टीआर देवगन और लालकुर्ती थाना पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रथम सप्ताह से ही शुरू होगा अभियान
बैठक में निर्णय लिया गया कि ओल्ड ग्रांट बंगलों में तलाशी अभियान दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में शुरू कर दिया जाएगा। कैंट के सभी 182 बंगलों में रहने वाले लोगों की सूची बनाकर उनकी पड़ताल की जाएगी। जांच की शुरूआत थाना लालकुर्ती के क्षेत्र से शुरूआत होगी और इसके बाद सदर और अन्य क्षेत्रों के बंगले खंगाले जाएंगे। इस जांच टीम में सैन्य अफसरों के अलावा कैंट बोर्ड, रक्षा संपदा विभाग का प्रतिनिधि, संबंधित थाना पुलिस, क्विक रिएक्शन टीम शामिल होगी।
पहचान करनी होगी साबित
बैठक में सख्त फैसला लिया गया कि तलाशी अभियान के दौरान बंगलों में मिलने वाले व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करनी होगी। ऐसा करने में असफल रहने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संभव हुआ तो गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।
हर व्यक्ति का रिकॉर्ड बनाएगी सेना
बैठक में सैन्य अधिकारियों ने यह भी कहा कि वह आने वाले समय में कैंट में रहने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड तैयार करेगी। ओल्ड ग्रांट बंगलों और सिविल क्षेत्र में रहने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड व्यवस्थित किया जाएगा।
मेरठ छावनी में सिक्योरिटी
पाक एजेंट के पकड़े जाने के बाद सेना ने छावनी में सुरक्षा और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। सेना सैन्य क्षेत्र के साथ सिविल एरिया में भी सेना पुलिस और क्विक रिएक्शन टीम की गश्त बढ़ाएगी, ताकि मेरठ छावनी को सुरक्षित रखा जाए।
रक्षामंत्री ने भी बताया था संवेदनशील
बीते दिनों एक स्पोर्ट्स इवेंट में शिरकत करने पहुंचे रक्षामंत्री ने भी मेरठ छावनी को संवेदनशील बताया था। साथ ही उन्होंने मेरठ छावनी में सेना को सतर्क रहने को कहा था।