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पाकिस्तान में बैठे आका के इशारे पर काली पलटन पहुंचा था इजाज
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sun, 29 Nov 2015 02:10 AM IST
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मेरठ की सुरक्षा में इससे बड़ी सेंधमारी क्या हो सकती है कि आईएसआई एजेंट सैन्य हाई सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले काली पलटन पर एक एजेंट से मिला। इतना ही नहीं उससे सैन्य दस्तावेज एवं नक्शे लेने में सफल भी हो गया। हालांकि, उसे लौटने के दौरान एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।
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सैन्य ए-1 लैंड क्षेत्र में आने वाली काली पलटन (औघड़नाथ मंदिर) पर एक सैन्य ऑपरेशनल विंग का मुख्यालय है तो दूसरी तरफ दूसरे ऑपरेशनल विंग का मुख्यालय। ऐसे में काली पलटन पर सदर बाजार थाना के अलावा मिलिट्री इंटेलिजेंस, सेना पुलिस और मिलिट्री जवानों की 24 घंटे नजर रहती है।
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मिलिट्री जवानों की तो 24 घंटे तैनाती औघड़नाथ मंदिर पर होती है। इसी बीच बरेली से आए पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट मोहम्मद इजाज ने पाक के दूसरे एजेंट से मुलाकात की। एसटीएफ की पूछताछ में मोहम्मद इजाज ने बताया कि पाक में बैठे उसके आईएसआई एसपी सलीम ने उसे बताया था कि 28 नवंबर को वह मेरठ में काली पलटन पर पहुंच जाए। वहां उसे एक व्यक्ति मिलेगा, जो उसे खुद ही पहचान लेगा।
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सलीम ने उसे निर्देश दिए थे कि मेरठ में मिलने वाले व्यक्ति उसे सेना के दस्तावेज और नक्शे देगा, जिसे लेकर वापस आ जाना। निर्देश के मुताबिक मोहम्मद इजाज काली पलटन पर पहुंचा और एजेंट से मिलकर सैन्य दस्तावेज ले लिए।
सुरक्षा पर उठे सवाल, फेल हुआ इंटेलिजेंस
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरक्षा के नाम पर जिस तरह की सख्ती का दिखावा किया जाता है, वह होती नहीं है। पूरे मामले में एलआईयू मेरठ, केंद्रीय खुफिया एजेंसी ही नहीं मिलिट्री इंटेलिजेंस भी फेल साबित हुई। एक साल से बरेली समेत वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में निरंतर मूवमेंट करने वाले मोहम्मद इजाज के बारे में किसी भी खुफिया एजेंसी के पास कोई इनपुट नहीं है।