वेस्ट में बढ़ी अवैध हथियारों की सप्लाई
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वेस्ट यूपी में संवेदनशील माहौल के बीच अवैध हथियारों की सप्लाई का धंधा बदस्तूर जारी है। चुनावी सीजन में हथियारों की सप्लाई माहौल खराब करने के संकेत दे रही है। वहीं, बिजनौर में एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की सनसनीखेज हत्या से वेस्ट यूपी पर एक बार फिर आतंकी खतरा मंडरा गया है। आशंका जताई जा रही है कि तंजील की हत्या में भी अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। इन खतरों के बीच सोमवार को मेरठ पुलिस ने खुलासा किया कि कुख्यात मुकीम काला, राहुल खट्टा, योगेश भदौड़ा और ऊधम सिंह गैंग के शूटरों की तरफ से हथियारों की डिमांड हो रही है।
एसएसपी मेरठ डीसी दूबे ने पुलिस लाइन में शकील पुत्र नजीर अहमद निवासी बुनकर नगर और जुल्फिकार पुत्र इंसाफ अली चमन कॉलोनी लिसाड़ी गेट को मीडिया के सामने पेश किया। पुलिस ने दोनों से एक 30 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल, एक 9 एमएम ऑटोमैटिक पिस्टल, चार .32 बोर पिस्टल, एक डबल बैरल तमंचा और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि वे वेस्ट यूपी के कई जिलों में ऑन डिमांड हथियारों की सप्लाई करते हैं।
एक सप्ताह पहले ही पुलिस ने राधना गांव के जंगल में तमंचे की फैक्ट्री पकड़ी थी। वहीं, दो महीने पहले क्राइम ब्रांच टीम ने सरूरपुर क्षेत्र से हथियारों की खेप बरामद की थी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों का कहना है कि कुख्यात मुकीम काला, राहुल खट्टा, योगेश भदौड़ा और ऊधम सिंह समेत कई इनामी बदमाशों के शूटरों ने उनसे हथियारों की डिमांड की थी। वे मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहे थे।
आरोपी बोले- हम तो सप्लायर हैं
आरोपी शकील ने बताया कि वह नौचंदी और सरूरपुर थाने से आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका है। यह हथियार उसकी फुफेरी बहन के पति नसीम निवासी मोहल्ला रफीकाबाद कस्बा डासना थाना मसूरी, गाजियाबाद ने बेचने के लिए दिए थे। नसीम मूलत: बुलंदशहर का रहने वाला है। कई बार जेल जाने के बाद वह पत्नी और बच्चों के साथ डासना में रहने लगा।
नसीम से पिस्टल लेकर उसने रिहान, फिरोज पव्वा, मुकीम काला गैंग, करनावल निवासी ऊधम गैंग, मोनू अच्छरौंडा, राहुल खट्टा गैंग, नीरज और मंगल वाल्मीकि, हरियाणा के जगमोहन उर्फ मोहन उर्फ एचआर नाम के बदमाश को सप्लाई की थी। कय्यूम और अन्य बदमाश भी नसीम से हथियार खरीदते हैं। सरधना में असलहों की डिलीवरी लेकर पहुंचते ही पुलिस ने इन्हें दबोच लिया। आईजी ने पुलिस टीम को 12 हजार का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
30 बोर की पिस्टल 1.5 लाख में
एसएसपी ने बताया 30 बोर की पिस्टल की मारक क्षमता ज्यादा है। आरोपी इसे 1.50 लाख रुपये में बेचते थे। इसके अलावा 9 एमएम पिस्टल 50 हजार और .32 बोर की पिस्टल 30 हजार रुपये में बेचते थे। 30 बोर की पिस्टल शूटरों की पहली पसंद होती है। इसका वजन भी कम होता है।
नफीस घर में हथियारों की खेप
पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ में पता चला है कि डासना में नफीस अपने मकान में बड़ी संख्या में हथियार रखता है। जिसकी जैसी डिमांड होती है, वह उसे वैसा हथियार उपलब्ध कराता है। सप्लाई के लिए भी 10 से अधिक लोग नफीस के संपर्क में रहते हैं। आरोपी जुल्फिकार ने बताया कि नसीम बिहार से पिस्टल और अन्य हथियारों के पुर्जे लेकर आता है।
ऊधम की मां ने खरीदी थी पिस्टल
एसएसपी ने बताया कि सरूरपुर में अवैध हथियार खरीदने वालों में कुख्यात ऊधम सिंह की मां सुमित्रा का नाम भी शामिल था। उसके खिलाफ पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। हालांकि, पुलिस ने सुमित्रा की गिरफ्तारी नहीं की। कुख्यात मुकीम काला ने गिरफ्तारी के बाद हथियार खरीदने की बात बताई थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कई हथियार बरामद किये थे।