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हाईवे पर मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2016 02:19 AM IST
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घाट ग्राम में फायरिंग में हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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परतापुर थाना क्षेत्र के घाट गांव में हाईवे पर स्विफ्ट कार सवार बदमाशों ने कार सवार मेडिकल स्टोर संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी। इस दौरान उसका भतीजा गोली लगने से घायल हो गया। जिसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार घाट गांव निवासी ओमप्रकाश (38) पुत्र प्रभुदयाल सुभारती मेडिकल कॉलेज के सामने मेडिकल स्टोर चलाता था। उसका साला विनोद निवासी बड़ौत भी उसके साथ ही मेडिकल स्टोर पर रहता है। मेडिकल स्टोर के पास ही ओमप्रकाश के भतीजे अमित (28) पुत्र सत्यप्रकाश का टेलीकॉम सेंटर है। परिजनों ने बताया कि विनोद और अमित बृहस्पतिवार रात करीब 10:45 बजे ओमप्रकाश के साथ उसकी वैगनआर कार से घर लौट रहे थे।
उनकी कार जब घाट गांव के सामने हाईवे पर पहुंची तो सामने से आई स्विफ्ट कार उनकी वैगनआर के सामने आकर रुक गई। उसमें चार बदमाश थे। दो बदमाश नीचे उतरे और वैगनआर का ड्राइविंग साइड का शीशा तमंचे की बट से तोड़ दिया। ओमप्रकाश ने खिड़की खोलकर बाहर निकलने का प्रयास किया तो बदमाशों ने उसे दबोचकर पीटना शुरू कर दिया। बचाव में आए अमित को भी बदमाशों ने पकड़ लिया और दोनों को गोली मार दी।
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ओमप्रकाश के सिर में मारी गोली
ओमप्रकाश के सिर में गोली मारी गई जबकि अमित के सिर से छूकर गोली निकल गई। दोनों लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गए। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। अमित ने किसी तरह गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी दी। जबकि विनोद वहीं पर छिप गया। सूचना पर परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। ओमप्रकाश को केएमसी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
घटना की सूचना पर एसएसपी, सीओ ब्रह्मपुरी आसपास के थानों की पुलिस के साथ पहुंचे। अस्पताल में मौजूद अमित और विनोद के अलावा परिजनों से घटना की जानकारी ली। एसएसपी जे रविंद्र गौड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना रंजिशन लग रही है। सही स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी। तहरीर के आधार पर कार्रवाई होगी।
लूट का इरादा नहीं था
मेरठ। एसओ परतापुर के अनुसार परिजनों ने बताया कि ओमप्रकाश की जेब में काफी कैश था, जो सुरक्षित मिला। बदमाशों ने उसे नहीं छेड़ा था। ऐसे में यह घटना लूटपाट के इरादे से हुई नहीं लग रही। माना जा रहा है कि ओमप्रकाश ही हत्यारों के निशाने पर था। ऐसे में यह घटना रंजिशन लग रही है।
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पुलिस के अनुसार घाट गांव निवासी ओमप्रकाश (38) पुत्र प्रभुदयाल सुभारती मेडिकल कॉलेज के सामने मेडिकल स्टोर चलाता था। उसका साला विनोद निवासी बड़ौत भी उसके साथ ही मेडिकल स्टोर पर रहता है। मेडिकल स्टोर के पास ही ओमप्रकाश के भतीजे अमित (28) पुत्र सत्यप्रकाश का टेलीकॉम सेंटर है। परिजनों ने बताया कि विनोद और अमित बृहस्पतिवार रात करीब 10:45 बजे ओमप्रकाश के साथ उसकी वैगनआर कार से घर लौट रहे थे।
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उनकी कार जब घाट गांव के सामने हाईवे पर पहुंची तो सामने से आई स्विफ्ट कार उनकी वैगनआर के सामने आकर रुक गई। उसमें चार बदमाश थे। दो बदमाश नीचे उतरे और वैगनआर का ड्राइविंग साइड का शीशा तमंचे की बट से तोड़ दिया। ओमप्रकाश ने खिड़की खोलकर बाहर निकलने का प्रयास किया तो बदमाशों ने उसे दबोचकर पीटना शुरू कर दिया। बचाव में आए अमित को भी बदमाशों ने पकड़ लिया और दोनों को गोली मार दी।
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ओमप्रकाश के सिर में मारी गोली
ओमप्रकाश के सिर में गोली मारी गई जबकि अमित के सिर से छूकर गोली निकल गई। दोनों लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गए। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। अमित ने किसी तरह गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी दी। जबकि विनोद वहीं पर छिप गया। सूचना पर परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। ओमप्रकाश को केएमसी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
घटना की सूचना पर एसएसपी, सीओ ब्रह्मपुरी आसपास के थानों की पुलिस के साथ पहुंचे। अस्पताल में मौजूद अमित और विनोद के अलावा परिजनों से घटना की जानकारी ली। एसएसपी जे रविंद्र गौड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना रंजिशन लग रही है। सही स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी। तहरीर के आधार पर कार्रवाई होगी।
लूट का इरादा नहीं था
मेरठ। एसओ परतापुर के अनुसार परिजनों ने बताया कि ओमप्रकाश की जेब में काफी कैश था, जो सुरक्षित मिला। बदमाशों ने उसे नहीं छेड़ा था। ऐसे में यह घटना लूटपाट के इरादे से हुई नहीं लग रही। माना जा रहा है कि ओमप्रकाश ही हत्यारों के निशाने पर था। ऐसे में यह घटना रंजिशन लग रही है।