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जीएसटी: सरकार को लगाया साढ़े पांच करोड़ का चूना, एक गिरफ्तार
Wed, 20 Feb 2019 01:36 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Gaurav sharma
Updated Wed, 20 Feb 2019 01:36 AM IST
सार
- डीजीजीआई की मेरठ यूनिट की टीम ने दिल्ली में की छापेमारी
- फर्जी फर्म खोलकर आईटीसी के जरिये कर रहे धोखाधड़ी
- मेरठ कोर्ट में किया गया पेश, भेजा गया जेल
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की एक फर्म द्वारा 50 करोड़ के फर्जी बिल के माध्यम से लेन-देन कर करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की आईटीसी क्लेम करने का मामला प्रकाश में आया है। इसमें से करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये का इनपुट क्रेडिट टैक्स (आईटीसी) भी वसूल लिया गया था। इस मामले में मेरठ यूनिट की डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी को मेरठ एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। डिप्टी डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी गौरव जिंदली निवासी प्रीतमपुरा है। वह चार्टेड अकाउंटेंट है। वह फर्जी बिल या फर्जी इनवॉइसिस बनाकर इनपुट क्रेडिट टैक्स के माध्यम से रिफंड क्लेम करता था। उन्होंने बताया कि आरोपी ने करोड़ों रुपये के राजस्व की चोरी कर की है, जो एक गंभीर अपराध है। इसकी विवेचना अभी जारी है।
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जीएसटी में जारी है धोखाधड़ी का खेल
डीजीजीआई के डिप्टी डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि आरोपी कागजों पर कंपनी बनाकर फर्जी इनवॉइस जारी करते हैं और सरकार से क्रेडिट ले लेते हैं। इस तरह सरकार को टैक्स का चूना लग रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग लगातार अभियान चला रहा है। मेरठ यूनिट के अधिकारियों ने दिल्ली, वाराणसी, मुंबई, रायपुर और मुरादाबाद में जीएसटी प्रणाली में धोखाधड़ी कर आईटीसी का इस्तेमाल करने वाली निर्यात कंपनियों की जांच की है। जांच में पता चला कि फर्जी खातों के माध्यम से सरकारी राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। बैंक खातों में नकली कंपनियों के बीच गंभीर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किया जाता है।
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250 करोड़ की धोखाधड़ी, 121 करोड़ कर चुकेबरामद
जीएसटी अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद से धोखाधड़ी के 60 से अधिक मामलों का पता लगाया गया है। इनमें करीब 250 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है, जिनमें से विभाग इस साल 31 जनवरी तक 121 करोड़ रुपये बरामद कर चुका है। यह धोखाधड़ी रियल एस्टेट, फूड पैकेजिंग इंडस्ट्री, कर्मिशियल कोचिंग, आयरन एंड स्टील, फार्मास्यूटिकल्स आदि की फर्जी कंपनी बनाकर की गई है।