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डिलीवरी ब्वॉय बनकर पकड़ा पान मसाले का अवैध कारोबार

Tue, 21 Feb 2017 11:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 21 Feb 2017 11:05 AM IST
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fake business of paan masaala caught
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

डिलीवरी ब्वॉय की जरूरत के लिए लक्ष्मी नारायण एंड संस की तरफ से प्रकाशित किया गया विज्ञापन उसके लिए संकट का बड़ा कारण बन गया। वाणिज्य कर विभाग की तरफ से स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) की टीम ने विज्ञापन में दिए गए फोन नंबर पर काल कर डिलीवरी ब्वॉय की नौकरी मांगी तो उन्हें साकेत में आने के लिए कहा। टीम साकेत पहुंची तो उसने 137-डी साकेत के एड्रेस पर आने के लिए कहा। पहले टीम ने उस पते पर अपने एक कर्मचारी को भेजा और फिर पूरी टीम ने छापा मार दिया। जहां पर टीम को भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांड के पान मसाले का स्टॉक मिला है। सोमवार को टीम ने तीन अन्य जगहों पर भी छापा मारा, जहां पर बड़ी टैक्स चोरी पकड़ी गई।

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साकेत में शुरुआती जांच में करीब 25 लाख रुपये की टैक्स चोरी का मामला पकड़ा में आया है। इस पते पर वाणिज्य कर विभाग से किसी भी तरह का कोई पंजीकरण नहीं लिया गया था, जिस कारण से फर्म को अवैध मानकर कार्रवाई की जा रही है। अभय शुक्ला डिप्टी कमिश्नर एसआईबी के साथ ही विजय सोनी असिस्टेंट कमिश्नर की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इसके साथ ही सोहराब गेट बस अड्डे के पास न्यू संगीता जनरल स्टोर दो नंबर में भारी स्टॉक पकड़ा है। यहां पर भी करीब 25 लाख की टैक्स चोरी सामने आई है। विनोद कुमार सिंह एडिशनल कमिश्नर ग्रेड- 2 का कहना है कि विनोद कुमार गुप्ता डिप्टी कमिश्नर एसआईबी के साथ पवन कुमार व पीपी कुमार असिस्टेंट कमिश्नर की टीम ने गुप्ता कंफैक्शनरी गोकुलपुर में छापा मारा। जहां पर सामान्य समाधान योजना के नाम पर भारी खेल पकड़ा है। व्यापारी द्वारा अपनी सालाना बिक्री 50 लाख रुपये दिखाते हुए समाधान योजना ली गई थी, जिसके आधार पर 0.5 प्रतिशत के हिसाब से महज 500 से 700 रुपये का टैक्स जमा कर रहा था। लेकिन टीम ने छापा मारा तो मौके पर भारी मात्रा में स्टॉक मिला।  विभागीय अधिकारियों ने प्रति दिन की औसत बिक्री के बारे में पूछा तो उसने स्वीकार किया कि  प्रतिदिन 25 से 30 हजार की बिक्री होती है। ऐसे में टीम ने पूरे साल का औसत निकाला तो सालाना बिक्री 90 लाख रुपये का आसपास बैठती है, जिसके हिसाब से व्यापारी समाधान योजना नहीं ले सकता। क्योंकि समाधान योजना का लाभ सिर्फ 50 लाख तक ही लिया जा सकता है। ऐसे में विभाग ने उसका रिकॉर्ड जब्त कर लिया है और बीते तीन सालों के दौरान 50 लाख से अधिक की टैक्स चोरी होने की संभावना जताई।
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गारमेंट्स की बिक्री में खेल
एसआईबी मेरठ और बागपत स्थित वाणिज्य कर विभाग की टीम ने बागपत स्थित श्याम गारमेंट्स पर छापा मारा।  विनोद कुमार गुप्ता डिप्टी कमिश्नर द्वारा जुटाए गए इनपुट के आधार पर मारे गए छापे में करीब 50 लाख रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। मौके से भारी मात्रा में स्टॉक पाया गया है। आगे की जांच के लिए सारा रिकॉर्ड जब्त कर लिया गया है। विनोद कुमार सिंह का कहना है कि अगर व्यापारी टैक्स जमा नहीं करता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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