फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Conflict and firing in two sides about land in Meerut

मेरठ: जमीन के विवाद को लेकर बवाल, पथराव और जमकर चलीं गोलियां, मची भगदड़

Sun, 12 May 2019 12:28 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sun, 12 May 2019 12:28 AM IST
विज्ञापन
Conflict and firing in two sides about land in Meerut
जमकर पथराव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के लिसाड़ीगेट में जमीन के विवाद में शनिवार को बवाल हो गया। दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर गोलियां चलीं और पथराव हो गया। इससे क्षेत्र में भगदड़ मच गई। दोनों पक्षों ने जमीन पर खुद का मालिकाना हक बताते हुए एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। 

विज्ञापन


मामला समरगार्डन स्थित 10 बीघा जमीन से जुड़ा है, जिस पर मालिकाना हक को लेकर पिछले काफी समय से दो पक्षों में विवाद चला आ रहा है। बताया जाता है कि शनिवार को एक पक्ष इस जमीन पर काम कर रहा था। तभी दूसरे पक्ष के लोग यहां आ गए। दोनों पक्षों में विवाद हुआ और मारपीट हो गई। देखते ही देखते गोलियां चलने लगीं, जिससे वहां हड़कंप मच गया। जान बचाकर लोग इधर उधर भागने लगे। तभी दोनों पक्षों के बीच पथराव हो गया। करीब आधा घंटे तक दोनों पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ। 
विज्ञापन


सूचना पर पहुंची पुलिस को आता देख एक पक्ष के लोग वहां से फरार हो गए। पुलिस दूसरे पक्ष को थाने ले आई। जहां नदीम पुत्र जब्बार ने सरताज के खिलाफ तहरीर दी। उसका कहना है कि उसने यह जमीन शनीफ से खरीदी थी। जमीन खरीदने के बाद से ही सरताज, जुनैद, नईम जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। शनिवार को यह लोग एकजुट होकर जमीन पर पहुंचे और उन पर हमला किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं दूसरा पक्ष भी थाने पहुंच गया और तहरीर दी। तहरीर देते हुए सरताज आलम पुत्र शफीक अहमद ने बताया कि 2007 में इस जमीन का बैनामा उनके पास है, फिर भी साजिद पुत्र रहमतुल्लाह, एहसान इस पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। सरताज के भाई परवेज आलम ने बताया कि 10 जनवरी, 2007 में उसने यह जमीन शरीफन पुत्री जुल्लन से खरीदी थी। पहले इकरारनामा और फिर बैनामा उसके नाम हो गया। शरीफन के भाई अलाउद्दीन के पुत्र वसी शुरू से ही बैनामा का विरोध करता आ रहा है और जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहा है। उसने 2008 में एक वाद सिविल कोर्ट में दायर किया जो 2014 में खारिज हो गया। इसके बाद भी लगातार कब्जे की कोशिश हो रही है।

पुलिस का मिल रहा संरक्षण
कोतवाली जाटान स्ट्रीट निवासी परवेज आलम ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में जब्बार और उसके बेटे नदीम की महत्वपूर्ण भूमिका है। नदीम का लिसाड़ीगेट थाने में काफी दखल है, जिस कारण पुलिस उसको संरक्षण दे रही है। वह कई बार शिकायत लेकर थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि नदीम ज्यादा समय लिसाड़ीगेट थाने में बिताता है। वह खुलेआम धमकी देता है कि अगर कोई उसके काम में दखल देगा तो वह बर्दाश्त नहीं करेगा। सुबह भी ऐसा ही हुआ। सरफराज जब जमीन पर बने ऑफिस पर पहुंचा तो नदीम के इशारे पर ही दबंगों ने उसके साथ मारपीट की।

जांच की जा रही है
घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसके परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द दोषियों की गिरफ्तारी होगी। - नजीर अली खां, इंस्पेक्टर, थाना लिसाड़ीगेट

नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed