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गंगानगर में सीएनजी पंप और मेडिकल स्टोर पर डाका
Sat, 18 May 2019 04:12 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 18 May 2019 04:12 AM IST
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घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
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बेखौफ बदमाशों ने एक सप्ताह में दूसरी बार मेरठ शहर में कहर बरपाया। खतौली में सराफा व्यापारी से लूटपाट के बाद बदमाशों ने गंगानगर में मेडिकल स्टोर और फिर सीएनजी पंप पर 10 लाख रुपये की डकैती डाली। वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी व एसपी देहात समेत कई थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। बदमाशों की तलाश में जिले में नाकाबंदी करा दी गई। बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हैं।
वारदात मेरठ शहर के पाश इलाके गंगानगर में हुई है। मवाना रोड स्थित कृष्णा मेडिकल स्टोर पर शुक्रवार रात 8:50 बजे छह बदमाश अपाचे और पल्सर बाइक से पहुंचे। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालक संजीव सैनी की कनपटी पर पिस्टल तानी और करीब 50 हजार रुपये लूटकर ले गए। बदमाशों ने संजीव के सिर पर तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया।
उसके ठीक एक घंटे बाद 9:50 बजे बदमाशों ने गंगानगर थाने के बगल में सीएनजी पंप पर धावा बोला। बदमाशों ने मैनेजर शेर सिंह समेत छह कर्मचारियों को पिस्टलों के बल पर बंधक बना लिया। पंप से करीब 10 लाख कैश, आठ मोबाइल और कर्मचारियों की जेब से तीन हजार रुपये लूटे। विरोध करने पर मैनेजर को गोली मार दी। गोली उसकी जांघ में लगी है।
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कर्मचारियों के अनुसार बदमाश 18 लाख अन्य रुपये ले गए हैं। वहीं अस्पताल में भर्ती मैनेजर का कहना है कि बदमाश तिजोरी का ताला नहीं खोल पाए। तिजोरी की चाबी नहीं देने पर उसको गोली मारी। हालांकि देररात तक पुलिस को तिजोरी की चाबी नहीं मिली।
घटनास्थल पर जांच करने के दौरान सीएनजी के कर्मचारियों ने काफी पैसा लूटना बताया था। पुलिस ने रात में जांच की। इसमें पता चला कि 500 रुपये की एक, 100 रुपये की तीन गड्डी (80 हजार) बदमाश लेकर गए है। - नितिन तिवारी, एसएसपी
एक घंटे बरपाया कहर और सोती रही पुलिस
शुक्रवार रात 8:50 बजे। गंगानगर स्थित एपेक्स कॉम्प्लेक्स में स्थित कृष्णा मेडिकल स्टोर पर हथियारों से लैस बदमाश पहुंचे। बदमाशों ने मेडिकल स्टोर संचालक संजीव सैनी पर हमला कर नगदी लूट ली। इसके बाद बदमाश गंगानगर में घूमते रहे, लेकिन इस वारदात में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।
इसके बाद बदमाशों ने गंगानगर थाने के बगल में सीएनजी पंप पर रात 9:50 बजे डकैती की वारदात को अंजाम दे दिया। एक घंटे में दो वारदात होने के बाद पुलिस अफसरों की नींद टूटी। तब जाकर बदमाशों की घेराबंदी शुरू की। उनकी धड़पकड़ के लिए शहर-देहात में नाकाबंदी कराकर चेकिंग अभियान शुरू कराया। देररात पुलिस को सरधना में कामयाबी भी मिली। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में दबोच लिया। हालांकि पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
लाइट जाते ही तानी कर्मचारियों पर पिस्टल
सीएनजी पंप के सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद है। बदमाशों ने करीब आठ मिनट 20 सेकेंड सीएनजी पंप पर कहर बरपाया। बदमाश दो बाइक पर आए। रुके और कर्मचारियों से टाइम पूछा। उस समय कर्मचारी पंप को बंद करने की तैयारी कर रहे थे। बदमाश और कर्मचारी आपस में बातचीत कर रहे थे, तभी लाइट चली गई। इसी दौरान बदमाशों ने कर्मचारियों की कनपटी पर पिस्टल तान दी।
केबिन में बंधक बनाकर मारी गोली
पिस्टल से लैस बदमाशों ने कर्मचारियों से केबिन में चलने की बात कही। पहले तो कर्मचारी इसे मजाक मानते रहे, लेकिन जब बदमाशों ने कनपटी पर पिस्टल तानी, तब कर्मचारियों में दहशत हुई। मैनेजर शेर सिंह, कर्मचारी प्रदीप सोम, प्रदीप शर्मा, शुभम गिरि को केबिन और केबिन के अंदर वाले कमरे में रामकेश और प्रवीण उर्फ राहुल को बंद कर दिया।
छीना झपटी के दौरान बदमाशों ने केबिन में ही मैनेजर शेर सिंह को गोली मारी, जो कि उसके जांघ में लगी। बदमाशों ने कर्मचारियों को कहा कि कोई बोला तो भेजा उड़ा देंगे। बदमाशों ने कर्मचारियों को तमंचे, पिस्टल की बट से पीटना शुरू कर दिया। इसमें तीन कर्मचारियों को चोट लगी।
सटीक रेकी के बाद वारदात
बदमाशों ने दोनों वारदात सटीक रेकी के बाद की हैं। बदमाश पेट्रोल पंप पर पानी पीने का बहाना कर रहे थे। कर्मचारियों ने बदमाशों से कहा कि यहां से चले जाओ। क्योंकि पंप रात 10 बजे बंद हो जाता है।
कॉल करते ही मारा मुक्का
कर्मचारी शिवम गिरि ने बताया कि केबिन से उसने 100 नंबर पर कॉल करने का प्रयास किया था, तभी एक बदमाश ने उसके मुंह पर मुक्का मारा और सिर पर पिस्टल की बट। उसके बाद बदमाशों ने सबके मोबाइल और जेबों से कैश भी छीन लिया।
आईपीएस के हाथ में कमान, अपराध बेलगाम
मेरठ। गंगानगर थाने की कमान इन दिनों आईपीएस अफसर के हाथों में हैं, फिर भी यहां अपराध बेलगाम है। आए दिन लूट और छिनैती की वारदात हो रही हैं। शुक्रवार रात एक के बाद एक दो वारदात हुईं। पुलिस सक्रिय होती तो शायद अपराधियों को बच निकलने का मौका नहीं मिलता। लोकसभा चुनावों की आचार संहिता लगने से पहले गंगानगर में अपराध तेजी से बढ़ा। कई मोबाइल, पर्स लूट की वारदात हुईं। अपराध रोकने में थानेदार नाकाम साबित हुए तो थाने की कमान आईपीएस (अंडर ट्रेनी) कुलदीप सिंह गुनाटव को सौंपी गई।
अपराध नियंत्रण उनके लिए चुनौती से कम नहीं था। उनके साथ थानाध्यक्ष के रूप में रवि चंद्रवाल को लगाया गया। कुछ दिन हालात सामान्य रहे। अब फिर से अपराधी बेलगाम हो गये। इसकी बड़ी वजह पुलिस गश्त में कमी कही जा सकती है। आचार संहिता लगने के बाद पुलिसिंग थाने तक ही सिमट गई है। फोर्स की कमी का रोना रोते हुए थानेदार अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं।
गंगानगर में डकैती डाल सरधना पहुंचे बदमाश
मेरठ। गंगानगर में दो डकैती डालने के बाद बदमाश सरधना पहुंच गए और पुलिस शहर में लकीर पीटती रही। हालांकि अफसरों ने शहर व देहात में नाकाबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू करा दिया। सरधना पुलिस आजादनगर में चेकिंग कर रही थी, तभी अपाचे सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया। इस पर एक बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग कर दोनों बदमाशों को दबोच लिया। इसमें एक बदमाश प्रदीप जाटव शिकारपुर बुलंदशहर का है।
गंगानगर में वारदात करने के बाद बदमाश आठ थानों की सीमा पार गये। बदमाशों ने गंगानगर थाना क्षेत्र के बाद इंचौली क्षेत्र की सीमा से निकले। उसके बाद पल्लवपुरम और कंकरखेड़ा की सीमा के बाद दौराला क्षेत्र की सीमा से होते हुए सरधना तक पहुंच गये। ऐसे में सवाल यह है कि इन थानों की पुलिस क्या करती रही। वारदात के बाद जिस तरह से बदमाश सरधना की तरफ भागे, उससे पुलिस मान रही है कि गिरोह में सरधना का भी बदमाश शामिल हो सकता है।
गैंग का सरगना फौजी बताया
डकैती डालने वाले बदमाश पकड़े जाने की सूचना पर एसएसपी और एसपी देहात भी रात में आरोपी प्रदीप से पूछताछ करने सरधना पहुंचे। आरोपी प्रदीप बार बार एक फौजी का नाम बता रहा है। पुलिस के अनुसार गैंग का सरगना एक फौजी है। दोनों आरोपी शराब के नशे में धुत है। देररात तक पुलिस आरोपियों से फौजी की जानकारी जुटाने में लगी रही।
चेहरे पर कपड़ा, सिर पर हेलमेट
एसपी देहात अविनाश पांडेय ने बताया कि बदमाश चेहरे पर नकाब लगाए थे। जबकि सिर पर हेलमेट पहन रखा था। जब बदमाश सीएनजी पंप में अंदर केबिन में घुसे तो कपड़ा और हेलमेट उतार दिया। वहीं कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि शाम से ही बक्सर चौराहे के आसपास कुछ लोग देखे गये थे।
पांच दिन में दूसरी बड़ी वारदात, थर्राया मेरठ
बदमाशों ने शहर की कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। लूट की कई घटनाएं पुलिस अफसरों के लिए चुनौती बन गई हैं। पुलिस अफसर ऑफिसों में बैठकर बड़े बड़े दावे करते हैं, लेकिन शाम होते ही बदमाश कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा देते हैं। लूट और हत्या जैसी घटना नहीं खुलती तो अफसर संदिग्ध बताकर पीड़ित को धमकाने लगते हैं।
12 मई की तड़के चार बजे गाजियाबाद के आशु ने अपने गैंग के साथ मिलकर पहले गाजियाबाद के मसूरी में डस्टर लूटी। उसके बाद बुलंदशहर के गुलावठी में पेट्रोल पंप लूटा और फिर परतापुर में पेट्रोल पंप पर वारदात की। बदमाश हाईवे पर लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गये और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। वहीं डी-112 गैंग के कई बदमाश भी मेरठ पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं।
घटना के पांच दिन बाद ही बदमाशों ने गंगानगर में मेडिकल स्टोर पर डकैती डाली। उसके एक घंटे बाद पेट्रोल पंप पर डाका डाला और एक कर्मचारी को गोली मार दी। पेट्रोल पंप पर हुई दो घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद एसएसपी नितिन तिवारी मौके पर पहुंचे तो व्यापारियों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने कहा कि कप्तान साहब, क्या शहर में व्यापार बंद कर दें। गंगानगर में थाना खुलने के बाद भी यहां लगातार वारदात हो रही हैं। पुलिस हाथ पर हाथ धरकर बैठी है। वहीं एसएसपी ने कहा कि पुलिस टीमें लगाई गईं है, बदमाशों की घेराबंदी की जा रही है।
ये रहीं बड़ी वारदात
12 मई - परतापुर में पेट्रोल पंप पर डकैती।
26 अप्रैल - किठौर में लोहा व्यापारी के मुनीम अंकित मित्तल से 18 लाख की लूट।
15 अप्रैल - रेलवे रोड में जैन नगर पुलिस चौकी के पास व्यापारी विनेश मित्तल से चार लाख की लूट।
28 अप्रैल - कंकरखेड़ा में सराफ सतेंद्र कुमार से ज्वैलरी से भरा बैग लूटा।
24 फरवरी - शास्त्रीनगर में व्यापारी मोहित मदान की डकैती के बाद हत्या।
05 जनवरी - लिसाड़ीगेट में घर में घुसकर कपड़ा व्यापारी के यहां डकैती।
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वारदात मेरठ शहर के पाश इलाके गंगानगर में हुई है। मवाना रोड स्थित कृष्णा मेडिकल स्टोर पर शुक्रवार रात 8:50 बजे छह बदमाश अपाचे और पल्सर बाइक से पहुंचे। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालक संजीव सैनी की कनपटी पर पिस्टल तानी और करीब 50 हजार रुपये लूटकर ले गए। बदमाशों ने संजीव के सिर पर तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया।
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उसके ठीक एक घंटे बाद 9:50 बजे बदमाशों ने गंगानगर थाने के बगल में सीएनजी पंप पर धावा बोला। बदमाशों ने मैनेजर शेर सिंह समेत छह कर्मचारियों को पिस्टलों के बल पर बंधक बना लिया। पंप से करीब 10 लाख कैश, आठ मोबाइल और कर्मचारियों की जेब से तीन हजार रुपये लूटे। विरोध करने पर मैनेजर को गोली मार दी। गोली उसकी जांघ में लगी है।
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कर्मचारियों के अनुसार बदमाश 18 लाख अन्य रुपये ले गए हैं। वहीं अस्पताल में भर्ती मैनेजर का कहना है कि बदमाश तिजोरी का ताला नहीं खोल पाए। तिजोरी की चाबी नहीं देने पर उसको गोली मारी। हालांकि देररात तक पुलिस को तिजोरी की चाबी नहीं मिली।
घटनास्थल पर जांच करने के दौरान सीएनजी के कर्मचारियों ने काफी पैसा लूटना बताया था। पुलिस ने रात में जांच की। इसमें पता चला कि 500 रुपये की एक, 100 रुपये की तीन गड्डी (80 हजार) बदमाश लेकर गए है। - नितिन तिवारी, एसएसपी
एक घंटे बरपाया कहर और सोती रही पुलिस
शुक्रवार रात 8:50 बजे। गंगानगर स्थित एपेक्स कॉम्प्लेक्स में स्थित कृष्णा मेडिकल स्टोर पर हथियारों से लैस बदमाश पहुंचे। बदमाशों ने मेडिकल स्टोर संचालक संजीव सैनी पर हमला कर नगदी लूट ली। इसके बाद बदमाश गंगानगर में घूमते रहे, लेकिन इस वारदात में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।
इसके बाद बदमाशों ने गंगानगर थाने के बगल में सीएनजी पंप पर रात 9:50 बजे डकैती की वारदात को अंजाम दे दिया। एक घंटे में दो वारदात होने के बाद पुलिस अफसरों की नींद टूटी। तब जाकर बदमाशों की घेराबंदी शुरू की। उनकी धड़पकड़ के लिए शहर-देहात में नाकाबंदी कराकर चेकिंग अभियान शुरू कराया। देररात पुलिस को सरधना में कामयाबी भी मिली। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में दबोच लिया। हालांकि पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
लाइट जाते ही तानी कर्मचारियों पर पिस्टल
सीएनजी पंप के सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद है। बदमाशों ने करीब आठ मिनट 20 सेकेंड सीएनजी पंप पर कहर बरपाया। बदमाश दो बाइक पर आए। रुके और कर्मचारियों से टाइम पूछा। उस समय कर्मचारी पंप को बंद करने की तैयारी कर रहे थे। बदमाश और कर्मचारी आपस में बातचीत कर रहे थे, तभी लाइट चली गई। इसी दौरान बदमाशों ने कर्मचारियों की कनपटी पर पिस्टल तान दी।
केबिन में बंधक बनाकर मारी गोली
पिस्टल से लैस बदमाशों ने कर्मचारियों से केबिन में चलने की बात कही। पहले तो कर्मचारी इसे मजाक मानते रहे, लेकिन जब बदमाशों ने कनपटी पर पिस्टल तानी, तब कर्मचारियों में दहशत हुई। मैनेजर शेर सिंह, कर्मचारी प्रदीप सोम, प्रदीप शर्मा, शुभम गिरि को केबिन और केबिन के अंदर वाले कमरे में रामकेश और प्रवीण उर्फ राहुल को बंद कर दिया।
छीना झपटी के दौरान बदमाशों ने केबिन में ही मैनेजर शेर सिंह को गोली मारी, जो कि उसके जांघ में लगी। बदमाशों ने कर्मचारियों को कहा कि कोई बोला तो भेजा उड़ा देंगे। बदमाशों ने कर्मचारियों को तमंचे, पिस्टल की बट से पीटना शुरू कर दिया। इसमें तीन कर्मचारियों को चोट लगी।
सटीक रेकी के बाद वारदात
बदमाशों ने दोनों वारदात सटीक रेकी के बाद की हैं। बदमाश पेट्रोल पंप पर पानी पीने का बहाना कर रहे थे। कर्मचारियों ने बदमाशों से कहा कि यहां से चले जाओ। क्योंकि पंप रात 10 बजे बंद हो जाता है।
कॉल करते ही मारा मुक्का
कर्मचारी शिवम गिरि ने बताया कि केबिन से उसने 100 नंबर पर कॉल करने का प्रयास किया था, तभी एक बदमाश ने उसके मुंह पर मुक्का मारा और सिर पर पिस्टल की बट। उसके बाद बदमाशों ने सबके मोबाइल और जेबों से कैश भी छीन लिया।
आईपीएस के हाथ में कमान, अपराध बेलगाम
मेरठ। गंगानगर थाने की कमान इन दिनों आईपीएस अफसर के हाथों में हैं, फिर भी यहां अपराध बेलगाम है। आए दिन लूट और छिनैती की वारदात हो रही हैं। शुक्रवार रात एक के बाद एक दो वारदात हुईं। पुलिस सक्रिय होती तो शायद अपराधियों को बच निकलने का मौका नहीं मिलता। लोकसभा चुनावों की आचार संहिता लगने से पहले गंगानगर में अपराध तेजी से बढ़ा। कई मोबाइल, पर्स लूट की वारदात हुईं। अपराध रोकने में थानेदार नाकाम साबित हुए तो थाने की कमान आईपीएस (अंडर ट्रेनी) कुलदीप सिंह गुनाटव को सौंपी गई।
अपराध नियंत्रण उनके लिए चुनौती से कम नहीं था। उनके साथ थानाध्यक्ष के रूप में रवि चंद्रवाल को लगाया गया। कुछ दिन हालात सामान्य रहे। अब फिर से अपराधी बेलगाम हो गये। इसकी बड़ी वजह पुलिस गश्त में कमी कही जा सकती है। आचार संहिता लगने के बाद पुलिसिंग थाने तक ही सिमट गई है। फोर्स की कमी का रोना रोते हुए थानेदार अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं।
गंगानगर में डकैती डाल सरधना पहुंचे बदमाश
मेरठ। गंगानगर में दो डकैती डालने के बाद बदमाश सरधना पहुंच गए और पुलिस शहर में लकीर पीटती रही। हालांकि अफसरों ने शहर व देहात में नाकाबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू करा दिया। सरधना पुलिस आजादनगर में चेकिंग कर रही थी, तभी अपाचे सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया। इस पर एक बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग कर दोनों बदमाशों को दबोच लिया। इसमें एक बदमाश प्रदीप जाटव शिकारपुर बुलंदशहर का है।
गंगानगर में वारदात करने के बाद बदमाश आठ थानों की सीमा पार गये। बदमाशों ने गंगानगर थाना क्षेत्र के बाद इंचौली क्षेत्र की सीमा से निकले। उसके बाद पल्लवपुरम और कंकरखेड़ा की सीमा के बाद दौराला क्षेत्र की सीमा से होते हुए सरधना तक पहुंच गये। ऐसे में सवाल यह है कि इन थानों की पुलिस क्या करती रही। वारदात के बाद जिस तरह से बदमाश सरधना की तरफ भागे, उससे पुलिस मान रही है कि गिरोह में सरधना का भी बदमाश शामिल हो सकता है।
गैंग का सरगना फौजी बताया
डकैती डालने वाले बदमाश पकड़े जाने की सूचना पर एसएसपी और एसपी देहात भी रात में आरोपी प्रदीप से पूछताछ करने सरधना पहुंचे। आरोपी प्रदीप बार बार एक फौजी का नाम बता रहा है। पुलिस के अनुसार गैंग का सरगना एक फौजी है। दोनों आरोपी शराब के नशे में धुत है। देररात तक पुलिस आरोपियों से फौजी की जानकारी जुटाने में लगी रही।
चेहरे पर कपड़ा, सिर पर हेलमेट
एसपी देहात अविनाश पांडेय ने बताया कि बदमाश चेहरे पर नकाब लगाए थे। जबकि सिर पर हेलमेट पहन रखा था। जब बदमाश सीएनजी पंप में अंदर केबिन में घुसे तो कपड़ा और हेलमेट उतार दिया। वहीं कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि शाम से ही बक्सर चौराहे के आसपास कुछ लोग देखे गये थे।
पांच दिन में दूसरी बड़ी वारदात, थर्राया मेरठ
बदमाशों ने शहर की कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। लूट की कई घटनाएं पुलिस अफसरों के लिए चुनौती बन गई हैं। पुलिस अफसर ऑफिसों में बैठकर बड़े बड़े दावे करते हैं, लेकिन शाम होते ही बदमाश कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा देते हैं। लूट और हत्या जैसी घटना नहीं खुलती तो अफसर संदिग्ध बताकर पीड़ित को धमकाने लगते हैं।
12 मई की तड़के चार बजे गाजियाबाद के आशु ने अपने गैंग के साथ मिलकर पहले गाजियाबाद के मसूरी में डस्टर लूटी। उसके बाद बुलंदशहर के गुलावठी में पेट्रोल पंप लूटा और फिर परतापुर में पेट्रोल पंप पर वारदात की। बदमाश हाईवे पर लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गये और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। वहीं डी-112 गैंग के कई बदमाश भी मेरठ पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं।
घटना के पांच दिन बाद ही बदमाशों ने गंगानगर में मेडिकल स्टोर पर डकैती डाली। उसके एक घंटे बाद पेट्रोल पंप पर डाका डाला और एक कर्मचारी को गोली मार दी। पेट्रोल पंप पर हुई दो घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद एसएसपी नितिन तिवारी मौके पर पहुंचे तो व्यापारियों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने कहा कि कप्तान साहब, क्या शहर में व्यापार बंद कर दें। गंगानगर में थाना खुलने के बाद भी यहां लगातार वारदात हो रही हैं। पुलिस हाथ पर हाथ धरकर बैठी है। वहीं एसएसपी ने कहा कि पुलिस टीमें लगाई गईं है, बदमाशों की घेराबंदी की जा रही है।
ये रहीं बड़ी वारदात
12 मई - परतापुर में पेट्रोल पंप पर डकैती।
26 अप्रैल - किठौर में लोहा व्यापारी के मुनीम अंकित मित्तल से 18 लाख की लूट।
15 अप्रैल - रेलवे रोड में जैन नगर पुलिस चौकी के पास व्यापारी विनेश मित्तल से चार लाख की लूट।
28 अप्रैल - कंकरखेड़ा में सराफ सतेंद्र कुमार से ज्वैलरी से भरा बैग लूटा।
24 फरवरी - शास्त्रीनगर में व्यापारी मोहित मदान की डकैती के बाद हत्या।
05 जनवरी - लिसाड़ीगेट में घर में घुसकर कपड़ा व्यापारी के यहां डकैती।