चेतन हत्याकांड : चश्मदीद गवाह मां-बेटे पर हमला, सिर से सटाकर मारी गोलियां
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यूपी के मेरठ में गवाहों के सिर पर मौत मंडरा रही है और पुलिस उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है। सरूरपुर के कैथवाड़ी और रजापुर गांव के जंगल में हमलावरों ने सोहरका जैसी घटना दोहराने की कोशिश की। बेटे की हत्या में चश्मदीद गवाह मां और उसके दो बेटों को गवाही देने से रोकने के लिए हथियारबंद लोगों ने खेत पर गोलियां बरसा दीं। महिला के सिर से सटाकर दो गोलियां मारी गईं, जबकि दोनों बेटों को मारने के लिए करीब एक किमी तक पीछा किया। महिला की निजी अस्पताल में वेंटीलेटर पर हालत नाजुक बनी है।
चेतन हत्याकांड में चश्मदीद गवाह हैं मां-बेटे
50 हजार के इनामी रहे सुमित जाट ने चार साथियों संग मिलकर 13 जुलाई 2017 को सरूरपुर के हसनपुर रजापुर गांव निवासी चेतन की हत्या कर दी थी। जिसमें सभी आरोपी जेल गए थे। हत्याकांड में चेतन के दोनों भाई मितन व रवि और मां सावित्री चश्मदीद गवाह हैं। इस मुकदमे में नामजद आरोपी सुजीत, अशोक, संजय और प्रकाश एक माह पूर्व जमानत पर छूटकर आए हैं। आरोप है कि वे समझौता न करने पर हत्या की धमकी दे रहे हैं। केस में एक फरवरी को गवाही होनी थी। गवाह कचहरी पहुंचे थे तो पता चला था कि गवाही की तारीख छह फरवरी लगी है।
बेटे तुम भागो, वो आ गए
शनिवार सुबह के 10:15 बजे थे। चश्मदीद गवाह मां सावित्री कैथवाड़ी ग्राम प्रधान बिल्लू के खेत में गन्ने की छिलाई कर रही थी। मां का खाना लेकर उसके दो बेटे मितन और रवि खेत में पहुंचे थे। तभी टाटा मैजिक से आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद लोग वहां पहुंचे। सावित्री ने हत्यारोपी विपिन, सुजीत, अतुल, ब्रह्मा, कुलदीप को देखते ही शोर मचाया कि बेटों! तुम भागो, हत्यारोपी आ गए। सावित्री बदमाशों से भिड़ गई और दोनों बेटे ईख के खेत में भाग गए। बदमाशों ने इस दौरान करीब एक दर्जन से अधिक गोलियां चलाई। जिसमें दो गोलियां सावित्री के सिर में सटाकर मारी गईं। मितन और रवि के अलावा खेत में गन्ना छिलाई कर रहे अन्य लोग भी जान बचाकर वहां से भागे।
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साहब! मां को मार डाला
चश्मदीद गवाह मितन ने अपने गांव हसनपुर रजापुर में पहुंचकर एसओ सरूरपुर ऋषिपाल सिंह को कॉल करते कहा कि साहब! मेरी मां सावित्री को हत्यारोपियों ने मार डाला है। एसओ फोर्स लेकर खेत में पहुंचे। घटनास्थल रोहटा थानाक्षेत्र का था। सूचना पर रोहटा थाने की पुलिस भी पहुंची। खून से लथपथ सावित्री को पुलिस ने आनंद हॉस्पिटल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार सावित्री की हालत नाजुक बनी है। वह वेंटीलेटर पर है। दोनों भाइयों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में आक्रोश जताया।
चला गया सुरक्षा में लगा सिपाही
पीड़ित परिवार बार-बार पुलिस अधिकारियों को फोन करता रहा। शुक्रवार शाम सिपाही नंद किशोर पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। लेकिन करीब 12 घंटे बाद शनिवार सुबह यह कहकर थाने चला गया था कि मेरी तबियत खराब है। इसके बाद सिपाही नंदकिशोर लौटा ही नहीं।
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