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कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय में सीबीआई का छापा
Updated Thu, 19 Jul 2018 03:00 AM IST
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मेरठ। एक रिटायर्ड प्राइवेट कर्मी के पेंशन और फंड का क्लेम पास कराने की एवज में बाबू द्वारा सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पर गाजियाबाद सीबीआई की टीम ने बुधवार को जागृति विहार स्थित कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय में छापा मारा।
करीब डेढ़ घंटे तक सीबीआई टीम ने यहां जांच पड़ताल की। साथ आए शिकायतकर्ता और आरोपी बाबू से पूछताछ की। पेंशन क्लेम संबंधी रिकॉर्ड खंगाला। टीम कुछ कागजात अपने साथ लेकर गई है। उधर विभागीय अफसरों का दावा है कि रुपयों का कोई लेनदेन नहीं हुआ था। टीम जांच करके चली गई।
विभागीय जानकारी के अनुसार गाजियाबाद निवासी एक रिटायर्ड प्राइवेट कर्मी सुरेंद्र कुमार ने सीबीआई से शिकायत की थी कि उन्होंने अपने ईपीएफ आदि के फंड के क्लेम का फार्म मेरठ भविष्य निधि कार्यालय में जमा कराया था। आरोप है कि वहां एकाउंट सेक्शन में तैनात एक बाबू उसे पास कराने के नाम पर सुविधा शुल्क मांग रहा है। उसकी शिकायत पर बुधवार दोपहर ढाई बजे सीबीआई अधिकारी एसके पांडेय सहित आठ सदस्यों की टीम पीएफ ऑफिस पहुंची। टीम ने साथ आए शिकायतकर्ता को कर्मचारी को सुविधा शुल्क देकर अपना क्लेम पास कराने भेजा।
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कुछ देर बाद टीम भी वहां पहुंच गई और बाबू से पूछताछ शुरू कर दी। बाबू ने दावा किया कि उनसे कोई रुपये नहीं लिए हैं। शिकायत कर्ता से भी बात की गई । विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बाबू के रुपये लेने की पुष्टि नहीं हुई। टीम ने कर्मचारी के क्लेम संबंधी फार्म आदि रिकार्ड की जांच की। एकाउंट सेक्शन में फंड के क्लेम संबंधी रिकार्ड चेक किया। करीब दो घंटे जांच पड़ताल के बाद टीम कुछ कागजात साथ लेकर चली गई थी। वहीं, सीबीआई के छापे से दफ्तर में खलबली मची रही। बताया जा रहा है कि सीबीआई टीम इस मामले की अभी जांच कर रही है।
सब कुछ सही मिला है
एक फंड संबंधी क्लेम पास कराने के नाम पर एकाउंट सेक्शन के एक कर्मचारी द्वारा सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पर गाजियाबाद सीबीआई टीम जांच के लिए आई थी। उस कर्मचारी की फंड की करीब 86 हजार रुपये की धनराशि थी। लेकिन कर्मचारी द्वारा शिकायतकर्ता से रुपये लेने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद टीम एकाउंट सेक्शन का रिकॉर्ड आदि चेक करके चली गई। सब कुछ सही मिला है। -सूरज शर्मा, आयुक्त कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय मेरठ रीजन
क्लीयर हो गया क्लेम
मेरठ। सीबीआई की टीम के छापे के बाद शिकायत कर्ता का पेंशन क्लेम क्लीयर हो गया। अधिकारियों का दावा है कि क्रमानुसार बुधवार को ही इस क्लेम की डेट पड़ रही थी। शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार ने 13 जुलाई को कार्यालय में पेंशन फंड संबंधी क्लेम फार्म जमा कराया था। 14 और 15 जुलाई को कार्यालय में अवकाश था। क्रमानुसार उनके फार्म का नंबर बुधवार का पड़ रहा था। लेकिन इससे पहले ही शिकायत कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार क्रमानुसार निर्धारित डेट पर बुधवार को सुरेंद्र का क्लेम क्लीयर कर दिया गया है।
खास बातें
क्लेम पास कराने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पर हुई कार्रवाई
दो घंटे चली जांच पड़ताल, रिकॉर्ड खंगाला, कुछ कागजात साथ ले गई सीबीआई
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करीब डेढ़ घंटे तक सीबीआई टीम ने यहां जांच पड़ताल की। साथ आए शिकायतकर्ता और आरोपी बाबू से पूछताछ की। पेंशन क्लेम संबंधी रिकॉर्ड खंगाला। टीम कुछ कागजात अपने साथ लेकर गई है। उधर विभागीय अफसरों का दावा है कि रुपयों का कोई लेनदेन नहीं हुआ था। टीम जांच करके चली गई।
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विभागीय जानकारी के अनुसार गाजियाबाद निवासी एक रिटायर्ड प्राइवेट कर्मी सुरेंद्र कुमार ने सीबीआई से शिकायत की थी कि उन्होंने अपने ईपीएफ आदि के फंड के क्लेम का फार्म मेरठ भविष्य निधि कार्यालय में जमा कराया था। आरोप है कि वहां एकाउंट सेक्शन में तैनात एक बाबू उसे पास कराने के नाम पर सुविधा शुल्क मांग रहा है। उसकी शिकायत पर बुधवार दोपहर ढाई बजे सीबीआई अधिकारी एसके पांडेय सहित आठ सदस्यों की टीम पीएफ ऑफिस पहुंची। टीम ने साथ आए शिकायतकर्ता को कर्मचारी को सुविधा शुल्क देकर अपना क्लेम पास कराने भेजा।
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कुछ देर बाद टीम भी वहां पहुंच गई और बाबू से पूछताछ शुरू कर दी। बाबू ने दावा किया कि उनसे कोई रुपये नहीं लिए हैं। शिकायत कर्ता से भी बात की गई । विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बाबू के रुपये लेने की पुष्टि नहीं हुई। टीम ने कर्मचारी के क्लेम संबंधी फार्म आदि रिकार्ड की जांच की। एकाउंट सेक्शन में फंड के क्लेम संबंधी रिकार्ड चेक किया। करीब दो घंटे जांच पड़ताल के बाद टीम कुछ कागजात साथ लेकर चली गई थी। वहीं, सीबीआई के छापे से दफ्तर में खलबली मची रही। बताया जा रहा है कि सीबीआई टीम इस मामले की अभी जांच कर रही है।
सब कुछ सही मिला है
एक फंड संबंधी क्लेम पास कराने के नाम पर एकाउंट सेक्शन के एक कर्मचारी द्वारा सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पर गाजियाबाद सीबीआई टीम जांच के लिए आई थी। उस कर्मचारी की फंड की करीब 86 हजार रुपये की धनराशि थी। लेकिन कर्मचारी द्वारा शिकायतकर्ता से रुपये लेने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद टीम एकाउंट सेक्शन का रिकॉर्ड आदि चेक करके चली गई। सब कुछ सही मिला है। -सूरज शर्मा, आयुक्त कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय मेरठ रीजन
क्लीयर हो गया क्लेम
मेरठ। सीबीआई की टीम के छापे के बाद शिकायत कर्ता का पेंशन क्लेम क्लीयर हो गया। अधिकारियों का दावा है कि क्रमानुसार बुधवार को ही इस क्लेम की डेट पड़ रही थी। शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार ने 13 जुलाई को कार्यालय में पेंशन फंड संबंधी क्लेम फार्म जमा कराया था। 14 और 15 जुलाई को कार्यालय में अवकाश था। क्रमानुसार उनके फार्म का नंबर बुधवार का पड़ रहा था। लेकिन इससे पहले ही शिकायत कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार क्रमानुसार निर्धारित डेट पर बुधवार को सुरेंद्र का क्लेम क्लीयर कर दिया गया है।
खास बातें
क्लेम पास कराने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पर हुई कार्रवाई
दो घंटे चली जांच पड़ताल, रिकॉर्ड खंगाला, कुछ कागजात साथ ले गई सीबीआई