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मौत सामने देखकर बदमाशों को सौंप दिया बैग
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मेरठ। दोनों बदमाशों ने कोई मौका न देते हुए विनेश की कनपटी से तमंचा सटा दिया था। बदमाशों ने विनेश से स्कूटी की चाबी मांगी। मौत को सिर पर देखकर विनेश ने बदमाशों को चाबी सौंपी और चुपचाप एक साइड में खड़ा हो गया। बदमाशों ने खुद डिग्गी से चार लाख रुपये से भरा बैग निकाला और बाइक से जैननगर की तरफ फरार हो गए। जिसके बाद विनेश ने जैननगर के व्यापारी ललित जैन को वारदात की जानकारी दी। वहां से स्थानीय पार्षद के माध्यम से पुलिस तक लूट की सूचना मिलने पर एसओ रेलवे रोड इंद्रपाल सिंह मौके पर पहुंचे। व्यापारी ने बताया कि वह बहुत डर गया था। वह ठीक से बदमाशों को पहचान नहीं पाया।
कहां थी पुलिस की गश्त
बदमाशों ने दिनदहाडे़ पुलिस चौकी के पास वारदात को अंजाम दे दिया है। सवाल उठता कि आखिर पुलिस कहां थी। पुलिस चौकी में भी पुलिस नहीं थी। बदमाश वारदात करके आसानी से फरार हो गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। सूचना देने के 15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने पुलिस की गश्त पर सवाल उठाते कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस गंभीर नहीं हुई। कई बार वारदात हो गई, इसके बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटी।
कलेक्शन करना पड़ रहा भारी
व्यापारियों का कहना कि कमीशन एजेंट या थोक का सामान सप्लाई करना मेरठ में व्यापारियों को भारी पड़ रहा है। तेजगढ़ी चौराहे पर गाजियाबाद के व्यापारी को लूट के दौरान गोली मार दी गई थी। उक्त व्यापारी भी मेरठ में कलेक्शन करके लौट रहा था। इससे पहले टीपीनगर में कलेक्शन कर लौट रहे व्यापारी की बदमाशों ने लूट के विरोध में हत्या कर दी थी। सदर बाजार में मंडी से पैसा लेकर वापस लौट रहे व्यापारी को थापर नगर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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बोलने की स्थिति में नहीं
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में घटना को संदिग्ध बताया। दावा किया कि लूट के बाद न तो शोर मचा और न व्यापारी ने आसपास के लोगों को जानकारी दी। बदमाशों ने न तो मोबाइल छीना और न ही स्कूटी की चाबी लेकर गए। पुलिस को सूचना न देने के सवाल पर विनेश से पूछताछ की गई। हालांकि विनेश अभी कुछ ज्यादा बोलने के स्थिति में नहीं है।
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कहां थी पुलिस की गश्त
बदमाशों ने दिनदहाडे़ पुलिस चौकी के पास वारदात को अंजाम दे दिया है। सवाल उठता कि आखिर पुलिस कहां थी। पुलिस चौकी में भी पुलिस नहीं थी। बदमाश वारदात करके आसानी से फरार हो गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। सूचना देने के 15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने पुलिस की गश्त पर सवाल उठाते कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस गंभीर नहीं हुई। कई बार वारदात हो गई, इसके बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटी।
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कलेक्शन करना पड़ रहा भारी
व्यापारियों का कहना कि कमीशन एजेंट या थोक का सामान सप्लाई करना मेरठ में व्यापारियों को भारी पड़ रहा है। तेजगढ़ी चौराहे पर गाजियाबाद के व्यापारी को लूट के दौरान गोली मार दी गई थी। उक्त व्यापारी भी मेरठ में कलेक्शन करके लौट रहा था। इससे पहले टीपीनगर में कलेक्शन कर लौट रहे व्यापारी की बदमाशों ने लूट के विरोध में हत्या कर दी थी। सदर बाजार में मंडी से पैसा लेकर वापस लौट रहे व्यापारी को थापर नगर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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बोलने की स्थिति में नहीं
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में घटना को संदिग्ध बताया। दावा किया कि लूट के बाद न तो शोर मचा और न व्यापारी ने आसपास के लोगों को जानकारी दी। बदमाशों ने न तो मोबाइल छीना और न ही स्कूटी की चाबी लेकर गए। पुलिस को सूचना न देने के सवाल पर विनेश से पूछताछ की गई। हालांकि विनेश अभी कुछ ज्यादा बोलने के स्थिति में नहीं है।