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कचहरी 1
Updated Sat, 11 Aug 2018 02:08 AM IST
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दहेज हत्या में सास-ससुर की जमानत खारिज
मेरठ। दहेज हत्या के मामले में सास-ससुर की जमानत अर्जी को तृतीय अपर जिला जज पीके श्रीवास्तव ने गंभीर अपराध मानते खारिज कर दिया। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा धीर सिंह ने पल्लवपुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी सुनीता का विवाह 24 फरवरी 2011 को विनोद के साथ हुआ था। आरोप था कि ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करते थे। 14 जनवरी 2018 को ससुराल वालों ने सुनीता के साथ मारपीट की। साथ ही सुनीता के पति विनोद ने केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी। जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में सास श्याम कौर व ससुर किरन सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिनकी जमानत की सुनवाई तृतीय अपर जिला जज पीके श्रीवास्तव के न्यायालय में की गई। जिसका विरोध सरकारी वकील पंकज भारद्वाज द्वारा किया गया। कहा कि सुनीता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था कि उसे केरोसिन डालकर जलाया गया है। इसके बाद अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
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मेरठ। दहेज हत्या के मामले में सास-ससुर की जमानत अर्जी को तृतीय अपर जिला जज पीके श्रीवास्तव ने गंभीर अपराध मानते खारिज कर दिया। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा धीर सिंह ने पल्लवपुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी सुनीता का विवाह 24 फरवरी 2011 को विनोद के साथ हुआ था। आरोप था कि ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करते थे। 14 जनवरी 2018 को ससुराल वालों ने सुनीता के साथ मारपीट की। साथ ही सुनीता के पति विनोद ने केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी। जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में सास श्याम कौर व ससुर किरन सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिनकी जमानत की सुनवाई तृतीय अपर जिला जज पीके श्रीवास्तव के न्यायालय में की गई। जिसका विरोध सरकारी वकील पंकज भारद्वाज द्वारा किया गया। कहा कि सुनीता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था कि उसे केरोसिन डालकर जलाया गया है। इसके बाद अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।