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ऑनलाइन ठगी का आरोप लगाकर महिलाओं को घेरा
Updated Thu, 19 Jul 2018 03:00 AM IST
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मेरठ। अफवाह फैलाकर भीड़ बेकाबू होने का मामला बुधवार को मेरठ में दोहराया गया। ऑनलाइन ठगी करने का आरोप लगाकर भीड़ ने एक कंपनी की महिला कर्मचारियों को घेर लिया। चार महिलाएं बंधक बना लीं, जबकि कई महिलाओं को जान बचाकर भागना पड़ा। इसकी जानकारी पर पहुंची लालकुर्ती पुलिस ने महिलाओं को मुक्त कराया और थाने ले गई। कंपनी के मैनेजर ने थाने पहुंचकर मामला बताया, तब जाकर महिलाओं को छोड़ा गया।
यह मामला लालकुर्ती थानाक्षेत्र के वेस्टर्न कचहरी रोड का है। एक निजी कंपनी के उत्पाद का सर्वे करने के लिए कंपनी की महिला कर्मचारी घर-घर जा रही हैं। महिला कर्मचारी डोर-टू-डोर जाकर घरों में सामानों की जांच कर रही थीं। मकान मालिक के मोबाइल नंबर से कंपनी को मेसेज भेज रही थीं। तभी अफवाह फैलाई गई कि कुछ महिलाएं ऑनलाइन फ्राड करने घरों में पहुंची हैं। इसकी जानकारी लगने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मेरठ कॉलेज के छात्र भी भीड़ में शामिल हो गए।
बिना किसी जांच के लोगों ने कंपनी की महिला कर्मचारियों को घेर लिया। गाली गलौज और धक्का मुक्की होने लगी थी। मारपीट तक की नौबत आ गई। भीड़ बेकाबू होने लगी तो महिलाएं वेस्टर्न कचहरी रोड पर जान बचाकर भागने लगीं। लोग उनके पीछे दौड़ रहे थे। चार महिलाओं को भीड़ ने घेरकर पकड़ लिया। सूचना पर इंस्पेक्टर लालकुर्ती रघुराज सिंह फोर्स लेकर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को हटाया और महिलाओं को थाने ले आए। महिलाओं ने कंपनी का नाम बताया और मैनेजर को बुलाया।
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बवाल न करा दे ये भीड़
शीर्ष अदालत ने बेकाबू भीड़ पर नाराजगी जताई है। इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन गंभीर नहीं है। बुधवार को वेस्टर्न कचहरी रोड पर महिलाओं से बदसलूकी को लेकर आक्रोश है। इस तरह की घटनाएं शहर में बवाल न करा दें। पुलिस को इस भीड़ के प्रति गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
चिल्लाती रहीं महिलाएं
कंपनी की महिला कर्मचारी चिल्लाती रहीं कि वह कंपनी का सर्वे करने आई हैं। मोबाइल से मेसेज करके वह ओटीपी नंबर कंपनी को दे रही थी। लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। भीड़ कहती रही कि रोजाना ऐसे ठगी होती है। ऑनलाइन ठगी करने का आरोप महिलाओं पर लगा।
मैनेजर आए, तब छूटी महिलाएं
कंपनी के मैनेजर को पुलिस ने फोन करके बुलाया। मैनेजर ने प्रमाण दिए कि यह महिलाएं उनकी कंपनी की हैं और सर्वे करने आई थीं। तब जाकर पुलिस ने महिलाओं को छोड़ा। इंस्पेक्टर लालकुर्ती का कहना कि भीड़ ने महिलाओं को घेरा था। मारपीट नहीं हुई। लेकिन रिपोर्ट दर्ज कराने कोई नहीं आया।
फुटेज खंगालकर पकड़ेंगे
एएसपी कैंट सतपाल सिंह का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। ऑनलाइन ठगी अलग बात है। लेकिन बगैर जांच के महिलाओं को घेरने की बात गंभीर है। ऐसी वारदातों से माहौल खराब होता है। पुलिस महिलाओं को घेरने वालों की तलाश करेगी। वेस्टर्न कचहरी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेकर जांच की जाएगी।
खास बातें:
- मेरठ में दोहराया गया अफवाह फैलाकर भीड़ बेकाबू होने का मामला
- वेस्टर्न कचहरी रोड का मामला, चार महिलाएं बनाईं बंधक
- घर-घर जाकर कंपनी का सर्वे कर रही थीं महिला कर्मी
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यह मामला लालकुर्ती थानाक्षेत्र के वेस्टर्न कचहरी रोड का है। एक निजी कंपनी के उत्पाद का सर्वे करने के लिए कंपनी की महिला कर्मचारी घर-घर जा रही हैं। महिला कर्मचारी डोर-टू-डोर जाकर घरों में सामानों की जांच कर रही थीं। मकान मालिक के मोबाइल नंबर से कंपनी को मेसेज भेज रही थीं। तभी अफवाह फैलाई गई कि कुछ महिलाएं ऑनलाइन फ्राड करने घरों में पहुंची हैं। इसकी जानकारी लगने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मेरठ कॉलेज के छात्र भी भीड़ में शामिल हो गए।
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बिना किसी जांच के लोगों ने कंपनी की महिला कर्मचारियों को घेर लिया। गाली गलौज और धक्का मुक्की होने लगी थी। मारपीट तक की नौबत आ गई। भीड़ बेकाबू होने लगी तो महिलाएं वेस्टर्न कचहरी रोड पर जान बचाकर भागने लगीं। लोग उनके पीछे दौड़ रहे थे। चार महिलाओं को भीड़ ने घेरकर पकड़ लिया। सूचना पर इंस्पेक्टर लालकुर्ती रघुराज सिंह फोर्स लेकर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को हटाया और महिलाओं को थाने ले आए। महिलाओं ने कंपनी का नाम बताया और मैनेजर को बुलाया।
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बवाल न करा दे ये भीड़
शीर्ष अदालत ने बेकाबू भीड़ पर नाराजगी जताई है। इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन गंभीर नहीं है। बुधवार को वेस्टर्न कचहरी रोड पर महिलाओं से बदसलूकी को लेकर आक्रोश है। इस तरह की घटनाएं शहर में बवाल न करा दें। पुलिस को इस भीड़ के प्रति गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
चिल्लाती रहीं महिलाएं
कंपनी की महिला कर्मचारी चिल्लाती रहीं कि वह कंपनी का सर्वे करने आई हैं। मोबाइल से मेसेज करके वह ओटीपी नंबर कंपनी को दे रही थी। लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। भीड़ कहती रही कि रोजाना ऐसे ठगी होती है। ऑनलाइन ठगी करने का आरोप महिलाओं पर लगा।
मैनेजर आए, तब छूटी महिलाएं
कंपनी के मैनेजर को पुलिस ने फोन करके बुलाया। मैनेजर ने प्रमाण दिए कि यह महिलाएं उनकी कंपनी की हैं और सर्वे करने आई थीं। तब जाकर पुलिस ने महिलाओं को छोड़ा। इंस्पेक्टर लालकुर्ती का कहना कि भीड़ ने महिलाओं को घेरा था। मारपीट नहीं हुई। लेकिन रिपोर्ट दर्ज कराने कोई नहीं आया।
फुटेज खंगालकर पकड़ेंगे
एएसपी कैंट सतपाल सिंह का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। ऑनलाइन ठगी अलग बात है। लेकिन बगैर जांच के महिलाओं को घेरने की बात गंभीर है। ऐसी वारदातों से माहौल खराब होता है। पुलिस महिलाओं को घेरने वालों की तलाश करेगी। वेस्टर्न कचहरी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेकर जांच की जाएगी।
खास बातें:
- मेरठ में दोहराया गया अफवाह फैलाकर भीड़ बेकाबू होने का मामला
- वेस्टर्न कचहरी रोड का मामला, चार महिलाएं बनाईं बंधक
- घर-घर जाकर कंपनी का सर्वे कर रही थीं महिला कर्मी