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राणा से जुड़ा गैंग, हरियाणा तक फैला जाल

Wed, 20 Jun 2018 02:24 AM IST
Updated Wed, 20 Jun 2018 02:24 AM IST
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राणा से जुड़ा गैंग, हरियाणा तक फैला जाल
मेरठ। एसटीएफ का दावा है कि सॉल्वर गैंग अरविंद राणा और कवि बड़ौत से जुड़ा है। इनका नेटवर्क हरियाणा तक फैला हुआ है। कस्बा, शहर और देहात में पुलिस विभाग समेत अन्य परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए कोचिंग सेंटर खोले जाते हैं। जहां अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का ठेका लिया जाता है। यूपी, हरियाणा समेत कई राज्यों में यह गैंग कई वर्षों से एक्टिव है।
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मंगलवार को मेरठ में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के 23 आरोपियों से पूछताछ के बाद एसटीएफ के अधिकारियों की मानें तो रेलवे, आरपीएफ, पुलिस उपनिरीक्षक व एसएससी समेत कई परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर गैंग के सदस्यों के बैठाने का पहला मामला सन 2013 में आया था। पुलिस की जांच में इसमें बड़ौत के अरविंद राणा का नाम सामने आया। पुलिस कई बार अरविंद राणा को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। लेकिन राणा गैंग का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है।
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शकील का गुरु है राणा
इस सॉल्वर गैंग के सरगना शकील निवासी बागपत ने बताया कि अभ्यर्थी की जगह परीक्षा में दूसरे व्यक्ति बैठाने का खेल उसने राणा से सीखा है। राणा गैंग के सदस्य हरियाणा, पंजाब, बिहार और यूपी समेत कई राज्यों में हैं।
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सात सॉल्वर और तीन अभ्यर्थी
नीरज, शंभू, प्रदीप, राहुल, अरविंद, कृष्ण कुमार और बलजीत सॉल्वर बताए गए। जबकि आरोपी संदीप सीसीएस यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट है। मंदीप कैब गाड़ी ऑडिटर, निरंजन पॉलीटेक्निक का छात्र, विकास बीटेक स्टूडेंट, रविकांत टीचर है। गैंग में अभ्यर्थी संजय, सचिन और दुष्यंत है। वहीं, मास्टर माइंड शकील पुलिस परीक्षा पास कर चुका और उसने पुलिस का फर्जी कार्ड बनाया हुआ है। जबकि अभी उसका मेडिकल नहीं हुआ। शकील के गांव का यूनुस जिला पंचायत चुनाव लड़ चुका है। वह अभ्यर्थियों को बुलाकर लाता था।
दो महीने पहले लिया था मकान
मास्टरमाइंड शकील ने कंकरखेड़ा में दो महीने पहले मकान किराये पर लिया था। बताया कि कंकरखेड़ा में अभ्यर्थी सबसे ज्यादा संपर्क में आए। एक अभ्यर्थी से कम से कम 4.50 लाख रुपये लेते थे। जिसमें एक लाख रुपये सॉल्वर को मिलता था। हालांकि एसटीएफ द्वारा जारी प्रेस नोट में एसटीएफ ने आठ लाख रुपये में परीक्षा कराने का ठेका लेना बताया है। जिसमें अभ्यर्थी को परीक्षा में नहीं जाना होता था।

सेंटर पर जाने की थी तैयारी
एसटीएफ ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सुबह 10 बजे वाली पाली में सिपाही की परीक्षा में जाने की तैयारी में थे। आरोपियों ने एसडी कालेज मुजफ्फरनगर, सूरजभान सरस्वती विद्यामंदिर, शिकारपुर बुलंदशहर, गिन्नीदेवी पीजी कॉलेज मोदीनगर व डीएवी इंटर कॉलेज आर्यसमाज रोड समेत कई कॉलेजों में जाना था। जहां अभ्यर्थियों की जगह इन लोगों को बैठना था। इससे पहले वह मकान से निकलते, एसटीएफ ने उनको दबोच लिया।

खास बातें:
- कोचिंग सेंटर के माध्यम से अभ्यर्थियों से होता है संपर्क
- कई वर्षों से कई राज्यों में चल रहा गोरखधंधा
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