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मुठभेड़ के सुबूत जुटाने में पुलिस के छूट रहे पसीने

Thu, 05 Jul 2018 02:32 AM IST
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:32 AM IST
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मुठभेड़ के सुबूत जुटाने में पुलिस के छूट रहे पसीने
मेरठ। सुप्रीमकोर्ट द्वारा एनकाउंटरों पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगने पर पुलिस टेंशन में आ गई है। मुठभेड़ के सुबूत जुटाने में पुलिस के पसीने छूट रहे है। शासन ने मुठभेड़ में मारे गए और घायल होने वाले अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड भी मांगा हैं। जिसका खाका तैयार करने में मेरठ जोन के नौ जिलों की पुलिस जुटी है। इसी रिपोर्ट तैयार करने में खुद एसएसपी लगे हैं।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुठभेड़ में 45 अपराधी ढेर हुए और 305 बदमाशों के पैरों में पुलिस की गोली लगी। जिसमें मेरठ जोन में अपराधियों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एनकाउंटरों का जवाब मांगा है। जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। पुलिस में अजीब सी हलचल है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लखनऊ से मंगलवार को एक चिट्ठी आई है, जिसमें अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड भी मांगा गया है। ताकि सरकार व पुलिस कोर्ट में जवाब दाखिल कर सके। इसकी तैयारी में पुलिस महकमा जुटा हुआ है। पुलिस को डर भी सता रहा है कि कहीं किसी एनकाउंटर में पुलिस की गर्दन न फंस जाए।
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मुठभेड़ मत करो, फंस जाओगे
पुलिस महकमे में चर्चा है कि मुठभेड़ मत करो, कहीं फंस न जाएं। इसको लेकर पुलिस वाले एक-दूसरे को फोन कर रहे है कि अगर कोई गलत काम हो गया तो गड़बड़ हो जाएगी। हालांकि पुलिस अफसरों का दावा है कि मुठभेड़ में बदमाशों की गोलियों का जवाब दिया है, जिसमें बदमाश मारे गए या उनके पैर में गोली लगी।
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मेरठ में छह बदमाश मारे गए
मेरठ जनपद में छह बदमाश मुठभेड़ में मारे गए। जिसमें तीन बदमाश हिमांशु उर्फ नरसी, धीरज चौधरी और वसीम काला एसटीएफ की गोली के शिकार हुए। जबकि मंसूर पहलवान, सुजीत जाट और हसीन मोटा को मेरठ पुलिस की गोली लगी। 45 अपराधियों के पैरों में पुलिस की गोली लगी। मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर और बागपत समेत मेरठ जोन के नौ जिलों में बदमाश मारे गए।

बदमाशों पर कार्रवाई की
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार का कहना है कि आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें अपराधियों को गोली लगी। अपराधियों के खिलाफ सुबूत हैं व उनका रिकॉर्ड भी ठीकठाक है। मेरठ जोन में कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने बदमाशों पर कार्रवाई की है।

खास बातें:
- एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट के जवाब मांगते ही टेंशन में पुलिस
- मेरठ जोन के जिलों में बदमाशों का खाका तैयार हो रहा है
- शासन ने भी मुठभेड़ में मारे गए अपराधियों का मांगा रिकॉर्ड
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