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गोली लगने से ही हुई थी छात्र प्रशांत की मौत
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:32 AM IST
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कंकरखेड़ा। छात्र प्रशांत की मौत विवाह मंडप में आयोजित शादी समारोह में गोली लगने से हुई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई है। दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
कस्बा लावड़ निवासी कक्षा सात का छात्र प्रशांत (14) पुत्र सतीश पढ़ाई के साथ शादियों में आतिशबाजी का काम करता था। शनिवार को वह आतिशबाजी के ठेकेदार नरेश उर्फ बिटटू निवासी चिंदौड़ी के साथ एनके फार्म हाउस कंकरखेड़ा में शादी समारोह में गया था। जहां उसकी गोली लगने से मौत हो गई थी। प्रशांत के परिजन वहां पहुंचे थे तो मंडप में मौजूद लोगों ने मौत का कारण खून की उल्टी होना बताया था। लेकिन रविवार सुबह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में नहलाते समय प्रशांत की कमर पर गोली का निशान मिलने पर भेद खुल गया था।
साक्ष्य छिपाने की अलग से धारा
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार प्रशांत की कमर में कंधे के पास गोली लगी थी। प्रारंभिक जांच में यह हर्ष फायरिंग का ही मामला है। लेकिन रंजिश के बिंदु पर भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार ठेकेदार नरेश को जेल भेज दिया गया है। प्रशांत को मंडप में गोली लगने के बाद भी इसे पुलिस और प्रशांत के परिजनों से छिपाया गया। इसलिए नामजद आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और असली घटना छिपाने की धारा 201 आईपीसी मुकदमे में जोड़ी गई है। इंस्पेक्टर के अनुसार जांच में सामने आया है कि मंडप मालिक जिटौली गांव निवासी नरेंद्र सिंह है, जिसने मंडप जेवरी गांव निवासी हरवीर को किराए पर दे रखा है। अब कार्रवाई किस पर होगी, यह जांच का विषय है।
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कस्बा लावड़ निवासी कक्षा सात का छात्र प्रशांत (14) पुत्र सतीश पढ़ाई के साथ शादियों में आतिशबाजी का काम करता था। शनिवार को वह आतिशबाजी के ठेकेदार नरेश उर्फ बिटटू निवासी चिंदौड़ी के साथ एनके फार्म हाउस कंकरखेड़ा में शादी समारोह में गया था। जहां उसकी गोली लगने से मौत हो गई थी। प्रशांत के परिजन वहां पहुंचे थे तो मंडप में मौजूद लोगों ने मौत का कारण खून की उल्टी होना बताया था। लेकिन रविवार सुबह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में नहलाते समय प्रशांत की कमर पर गोली का निशान मिलने पर भेद खुल गया था।
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साक्ष्य छिपाने की अलग से धारा
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार प्रशांत की कमर में कंधे के पास गोली लगी थी। प्रारंभिक जांच में यह हर्ष फायरिंग का ही मामला है। लेकिन रंजिश के बिंदु पर भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार ठेकेदार नरेश को जेल भेज दिया गया है। प्रशांत को मंडप में गोली लगने के बाद भी इसे पुलिस और प्रशांत के परिजनों से छिपाया गया। इसलिए नामजद आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और असली घटना छिपाने की धारा 201 आईपीसी मुकदमे में जोड़ी गई है। इंस्पेक्टर के अनुसार जांच में सामने आया है कि मंडप मालिक जिटौली गांव निवासी नरेंद्र सिंह है, जिसने मंडप जेवरी गांव निवासी हरवीर को किराए पर दे रखा है। अब कार्रवाई किस पर होगी, यह जांच का विषय है।
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