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आखिर इस खतरनाक मिशन का मास्टरमाइंट कौन
Updated Mon, 14 May 2018 02:36 AM IST
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दो नेताओं की हत्या का बना फूलप्रूफ प्लान
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इमोशनल ब्लैकमेल कर दलितों को भड़काने की गहरी साजिश हो रही है। पुलिस अफसरों के अनुसार आर्थिक मदद करने के बहाने भारी रकम भी खर्च हो रही थी। अलग-अलग जातियों के दो नेताओं की हत्या का फूलप्रूफ प्लान बना था। हालांकि एडीजी जोन ने प्रेस वार्ता में इन नेताओं के नाम नहीं खोले। लेकिन बताया कि दोनों को सतर्क कर दिया गया है।
साल भर से चल रहा मिशन
पुलिस अफसरों के अनुसार उत्तर प्रदेश में पिछले साल भाजपा की सरकार बनी। उसके बाद से वेस्ट यूपी का माहौल खराब करने की साजिश चल रही है। प्रतिमाह कई गांवों में बैठकें होती थीं। जहां दलितों की समस्याएं हल करने की जिम्मेदारी कुछ लोगों की थी। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ जातीय हिंसा की आग में झुलसने से बचे।
आर्थिक मदद का झांसा
पुलिस ने छह आरोपी गिरफ्तार किए। लेकिन असली आरोपियों के नामों को फिलहाल छुपा लिया है। प्रेस वार्ता में आला पुलिस अफसरों का कहना है कि ये गैंग दलित युवकों को जोड़ने की खातिर उनकी आर्थिक मदद भी करता है। आरोपियों ने बताया कि दीपक को उन्होंने अपने इस खतरनाक मिशन में शामिल करने के लिए 1.50 लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा भी कई युवकों को मीटिंग में पैसा दिया गया। ताकि वह उनका मकसद पूरा कर सके। दलित समाज के लोगों को लगातार भड़काया जा रहा था।
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शनिवार थी मिशन की रात
एडीजी जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि इस गिरोह के निशाने पर अलग-अलग जातियों के दो नेता थे। जिन्हें मारने की इन्होंने प्लानिंग बनाई थी। एडीजी ने इन दोनों नेताओं के नाम न बताते हुए कहा कि शनिवार रात इस गैंग को अपना मिशन पूरा करना था। लेकिन इससे पहले पुलिस ने इनको पकड़ लिया। गैंग से जुड़े युवक अभी एक्टिव हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है। उक्त दोनों नेताओं को पुलिस ने बोला कि वह अपनी सुरक्षा के प्रति भी अलर्ट रहें।
आरोपियों की ऑडियो सुनाई
एडीजी ने प्रेसवार्ता में एक ऑडियो सुनाई। जिसमें आरोपी राहुल और नितिन बातचीत कर रहे हैं। सहारनपुर में हल्ला बोलने का जिक्र किया गया। राहुल ने कहा कि सचिन वालिया की मौत का बदला लेने के लिए हम तैयार हैं। हथियार बहुत हैं। सब लोग सहारनपुर के लिए चल पड़ो। करीब दो-तीन घंटे की ऑडियो पुलिस के पास हैं, जिसमें भड़काऊ बातें हैं।
लिखापढ़ी में लेंगे मास्टर माइंड
इस ‘खतरनाक मिशन’ को कौन संचालित कर रहा था, इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को है। पुलिस अफसरों का दावा है कि लिखापढ़ी में मास्टरमाइंड का नाम खोलकर उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं।
खास बातें:
साइड खबर, नोएडा, सहारनपुर के ध्यानार्थ
- प्रेस वार्ता में एडीजी जोन का दावा
- दलितों को इमोशनल ब्लैकमेल करने के नाम पर खर्च
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मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इमोशनल ब्लैकमेल कर दलितों को भड़काने की गहरी साजिश हो रही है। पुलिस अफसरों के अनुसार आर्थिक मदद करने के बहाने भारी रकम भी खर्च हो रही थी। अलग-अलग जातियों के दो नेताओं की हत्या का फूलप्रूफ प्लान बना था। हालांकि एडीजी जोन ने प्रेस वार्ता में इन नेताओं के नाम नहीं खोले। लेकिन बताया कि दोनों को सतर्क कर दिया गया है।
साल भर से चल रहा मिशन
पुलिस अफसरों के अनुसार उत्तर प्रदेश में पिछले साल भाजपा की सरकार बनी। उसके बाद से वेस्ट यूपी का माहौल खराब करने की साजिश चल रही है। प्रतिमाह कई गांवों में बैठकें होती थीं। जहां दलितों की समस्याएं हल करने की जिम्मेदारी कुछ लोगों की थी। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ जातीय हिंसा की आग में झुलसने से बचे।
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आर्थिक मदद का झांसा
पुलिस ने छह आरोपी गिरफ्तार किए। लेकिन असली आरोपियों के नामों को फिलहाल छुपा लिया है। प्रेस वार्ता में आला पुलिस अफसरों का कहना है कि ये गैंग दलित युवकों को जोड़ने की खातिर उनकी आर्थिक मदद भी करता है। आरोपियों ने बताया कि दीपक को उन्होंने अपने इस खतरनाक मिशन में शामिल करने के लिए 1.50 लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा भी कई युवकों को मीटिंग में पैसा दिया गया। ताकि वह उनका मकसद पूरा कर सके। दलित समाज के लोगों को लगातार भड़काया जा रहा था।
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शनिवार थी मिशन की रात
एडीजी जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि इस गिरोह के निशाने पर अलग-अलग जातियों के दो नेता थे। जिन्हें मारने की इन्होंने प्लानिंग बनाई थी। एडीजी ने इन दोनों नेताओं के नाम न बताते हुए कहा कि शनिवार रात इस गैंग को अपना मिशन पूरा करना था। लेकिन इससे पहले पुलिस ने इनको पकड़ लिया। गैंग से जुड़े युवक अभी एक्टिव हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है। उक्त दोनों नेताओं को पुलिस ने बोला कि वह अपनी सुरक्षा के प्रति भी अलर्ट रहें।
आरोपियों की ऑडियो सुनाई
एडीजी ने प्रेसवार्ता में एक ऑडियो सुनाई। जिसमें आरोपी राहुल और नितिन बातचीत कर रहे हैं। सहारनपुर में हल्ला बोलने का जिक्र किया गया। राहुल ने कहा कि सचिन वालिया की मौत का बदला लेने के लिए हम तैयार हैं। हथियार बहुत हैं। सब लोग सहारनपुर के लिए चल पड़ो। करीब दो-तीन घंटे की ऑडियो पुलिस के पास हैं, जिसमें भड़काऊ बातें हैं।
लिखापढ़ी में लेंगे मास्टर माइंड
इस ‘खतरनाक मिशन’ को कौन संचालित कर रहा था, इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को है। पुलिस अफसरों का दावा है कि लिखापढ़ी में मास्टरमाइंड का नाम खोलकर उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं।
खास बातें:
साइड खबर, नोएडा, सहारनपुर के ध्यानार्थ
- प्रेस वार्ता में एडीजी जोन का दावा
- दलितों को इमोशनल ब्लैकमेल करने के नाम पर खर्च