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कलयुगी बेटे को समाज में जीने का अधिकारी नहीं

Sun, 17 Mar 2019 02:02 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2019 02:02 AM IST
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कलयुगी बेटे को समाज में जीने का अधिकारी नहीं
- मां बोली, मै पुत्रवधू और पोती के साथ हूं
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मेरठ।
कलियुगी बेटे सुशील कुमार की मौत का गम उसकी मां परीक्षा देवी को भी नहीं है। पुलिस के मुताबिक मां ने कहा कि ऐसे बेटे को जीने का अधिकार नहीं है। सुशील की अंत्येष्टि पर मां की आंखों में आंसू नहीं थे। उसने पुत्रवधू मोनिका और पोती के साथ रहने की बात कहीं है। सुशील की मौत के बाद पुत्रवधू मोनिका, पोते-पोती को गांव में बुलाया था। मोनिका ने अपनी सास को हत्या की सारी कहानी बता दी थी। जिस पर परीक्षा देवी ने उसको समझाया था कि तुम चुप रहो। जो होगा वह भी देखा जाएगा।

टेंशन मत ले, मेरा बेटा गया है
सुशील की हत्या की खबर सुनकर परीक्षा देवी मेरठ नहीं आई। पोस्टमार्टम होने के बाद सुशील का शव जैसे ही सहारनपुर में पैतृक गांव सलोनी गांव में पहुंचा तो लोगों की भीड़ लगी। अंत्येष्टि होने के बाद परीक्षा देवी ने पुत्रवधू का ढांढस बांधा। बोली, टेंशन मत ले, मेरा तो बेटा गया है। लेकिन ऐसे कलियुगी बेटे की मौत का कोई पछतावा नहीं होता।
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