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कब्जे की खबर
Updated Thu, 25 Jan 2018 12:41 AM IST
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पीलीबांध की 3600 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा
धामपुर। सिंचाई विभाग पीलीबांध जलाशय की भूमि खाली कराने में भूमाफिया के सामने बेबस नजर आ रहा है। एंटी भूमाफिया स्क्वायड का भी माफिया पर कोई असर नहीं है। जलाशय की 3600 एकड़ भूमि पर भूमाफिया का कब्जा है।
पीलीबांध हजारों हेक्टेयर में फैला विशालकाय जलाशय है। इसका उपयोग किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने में किया जाता है। लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का यह आलम है कि भूमाफिया ने धीरे-धीरे जलाशय की करीब 3600 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी। जमीन पर कब्जा होने के बाद जलाशय भी पानी से खाली रहने लगा। किसान सोमपाल, महेश कुमार, जसवीर सिंह का आरोप है कि यह सब सिंचाई विभाग की वजह से हो रहा है। सरकार परिवर्तन के बाद भूमि को खाली कराने में सिंचाई विभाग के अधिकारी कुछ हरकत में आए थे। लेकिन भूमाफिया से सांठगांठ हो जाने के बाद सिंचाई विभाग से लेकर राजस्व विभाग तक चुप्पी साध गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को समस्या से अवगत कराने की बात कही है।
जल्द ही भूमि खाली कराई जाएगी : एक्सईएन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन आरके शर्मा का कहना है कि 16 किसानों ने भूमि पर कब्जे को लेकर कोर्ट में फाइल दाखिल की है। विभाग ने मामलों की शीघ्र सुनवाई को कोर्ट में पत्र दाखिल कर शीघ्र सुनवाई की सिफारिश की है। कोर्ट का आदेेश आते ही भूमि को खाली करा लिया जाएगा।
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सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी : एसडीएम
एसडीएम आजाद भगत सिंह का कहना है कि भूमि सिंचाई विभागी है। उसे खाली कराने की जिम्मेदारी भी सिंचाई विभाग की है। वह सिंचाई विभाग के कहने पर पुलिस, राजस्व टीम को ही उपलब्ध करा सकते हैं।
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धामपुर। सिंचाई विभाग पीलीबांध जलाशय की भूमि खाली कराने में भूमाफिया के सामने बेबस नजर आ रहा है। एंटी भूमाफिया स्क्वायड का भी माफिया पर कोई असर नहीं है। जलाशय की 3600 एकड़ भूमि पर भूमाफिया का कब्जा है।
पीलीबांध हजारों हेक्टेयर में फैला विशालकाय जलाशय है। इसका उपयोग किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने में किया जाता है। लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का यह आलम है कि भूमाफिया ने धीरे-धीरे जलाशय की करीब 3600 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी। जमीन पर कब्जा होने के बाद जलाशय भी पानी से खाली रहने लगा। किसान सोमपाल, महेश कुमार, जसवीर सिंह का आरोप है कि यह सब सिंचाई विभाग की वजह से हो रहा है। सरकार परिवर्तन के बाद भूमि को खाली कराने में सिंचाई विभाग के अधिकारी कुछ हरकत में आए थे। लेकिन भूमाफिया से सांठगांठ हो जाने के बाद सिंचाई विभाग से लेकर राजस्व विभाग तक चुप्पी साध गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को समस्या से अवगत कराने की बात कही है।
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जल्द ही भूमि खाली कराई जाएगी : एक्सईएन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन आरके शर्मा का कहना है कि 16 किसानों ने भूमि पर कब्जे को लेकर कोर्ट में फाइल दाखिल की है। विभाग ने मामलों की शीघ्र सुनवाई को कोर्ट में पत्र दाखिल कर शीघ्र सुनवाई की सिफारिश की है। कोर्ट का आदेेश आते ही भूमि को खाली करा लिया जाएगा।
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सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी : एसडीएम
एसडीएम आजाद भगत सिंह का कहना है कि भूमि सिंचाई विभागी है। उसे खाली कराने की जिम्मेदारी भी सिंचाई विभाग की है। वह सिंचाई विभाग के कहने पर पुलिस, राजस्व टीम को ही उपलब्ध करा सकते हैं।