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दोस्ती,
Updated Wed, 22 Nov 2017 02:14 AM IST
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दोस्ती, व्यापार और भरोसे में हुआ लोहा व्यापारी का कत्ल
मेरठ। लोहा व्यापारी सुनील प्रकाश गर्ग की हत्या ही नहीं हुई थी, बल्कि आरोपियों ने दोस्ती, व्यापारिक संबंधों और भरोसे का भी कत्ल किया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपी जेल भेज दिए। हालांकि ‘अमर उजाला’ ने इस हत्याकांड का खुलासा सोमवार को ही कर दिया था।
एसएसपी मंजिल सैनी दहल, एसपी सिटी मानसिंह चौहान, एसपी क्राइम शिवराम यादव और एएसपी कैंट ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन में तीनों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी बसंत की फूलबाग कॉलोनी गली नंबर छह में तांबा फैक्ट्री है। बसंत के पिता गेंदालाल की व्यापारी सुनील गर्ग से दोस्ती थी। करीब छह साल पहले गेंदालाल की मौत हो गई थी। बसंत अपने पिता का कारोबार संभालने लगा। पिछले तीन साल से व्यापार में घटा होने लगा। बसंत का सुनील गर्ग के घर और फैक्ट्री में आना-जाना था।
उधार देना बना खतरनाक
एसएसपी के अनुसार व्यापारी सुनील ने गेंदालाल से पुराने संबंधों और दोस्ती की खातिर बसंत को पांच लाख तक का माल उधार दे दिया था। सुनील को यकीन था कि बसंत उनका एक-एक पैसा कमाकर दे देगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बसंत ने पैसा देने के बजाय पिता के गहरे दोस्त सुनील की हत्या का प्लान बना लिया। यही नहीं, हत्या करके सुनील के परिवार से 20 लाख रुपये फिरौती वसूलने की प्लानिंग बनाई।
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फांसी दे दो, सामना मत कराओ
प्रेस वार्ता के दौरान बसंत ने पुलिस अफसरों से कहा कि भले ही मुझे फांसी दे दो। लेकिन सुनील गर्ग के परिवार से मेरा सामना मत कराओ। सुनील के परिजन मुझे कई साल से जानते हैं। उनके सामने अब मैं मुंह नहीं दिखा सकता। पुलिस ने हत्यारोपी के कब्जे से आला कत्ल और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है।
नौकर और दोस्त के साथ बनाया प्लान
मुख्य आरोपी बसंत ने हत्या की योजना करीब सवा महीने पहले फैक्ट्री के दिव्यांग नौकर सुशील कुमार और दोस्त आशु उर्फ हनी के साथ सूरजकुंड पार्क में बनाई थी। हनी ने फर्जी आईडी पर एक सिम खरीदा। सुशील ने फोन कर सुनील को बसंत की फैक्ट्री में बुलाया था। पहला वार आशु ने छुरे से सुनील की गर्दन पर किया। जैकेट का कॉलर होने के चलते उनकी जान बच गई थी। लेकिन फिर बसंत और आशु ने मिलकर सुनील को पकड़कर छुरे से काट डाला। सुशील फैक्ट्री के बाहर पहरे पर बैठा रहा था।
‘बसंत तूने बहुत बुरा किया’
हत्या का खुलासा होने पर सुनील का बेटा शुभम और पत्नी बोली कि बसंत तूने हमारी दुनिया उजाड़ दी। हमारे परिवार ने तेरी कितनी मदद की और तूने बदले में क्या किया। पैसा नहीं देना था तो हमसे एक बार तो बता देता। पीड़ित परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने ईस्टर्न कचहरी रोड स्थित यशलोक हॉस्पिटल की पार्किंग से सुनील की बाइक बरामद की है।
गांधी आश्रम के नाले में शव फेंकना था
सुनील का शव ले जाते सीसीटीवी कैमरे में कैद आरोपियों ने बताया कि उनका मकसद शव को गांधी आश्रम चौराहे के पास नाले में फेंकना था। लेकिन वहां पर पुलिस दिखाई दी तो वह लौट गए और बसपा कार्यालय के पास नाले के किनारे बोरे में बंद शव को फेंककर भाग गए थे। रिक्शा हत्यारोपी आशु चला रहा था और बसंत शव के ऊपर पैर रखकर बैठा हुआ था। जोकि फुटेज में दिखाई दिया है। जबकि दिव्यांग सुशील व्हील चेयर पर रिक्शा के साथ-साथ चल रहा था।
शातिर है सुशील
एसएसपी ने बताया कि दिव्यांग सुशील बहुत शातिर है। उसने ही हत्या की प्लानिंग और फिर सुनील के परिवार से फिरौती लेने का प्लान तैयार किया था। सुशील ने आशु को तैयार किया। आशु कढ़ी चावल का ठेला लगाता था। प्रेसवार्ता में दिव्यांग सुशील ने वारदात के बारे में बताया। आरोपी बसंत की हालत खराब होने पर एसएसपी ने उसे पानी पिलवाकर वहां से तुरंत भेजा।
24 घंटे से पहले ही खुलासा
लोहा व्यापारी की हत्या के बाद शहर में तनाव की स्थिति बनी थी। चुनावी माहौल में भाजपा, सपा और बसपा नेता भी पुलिस को घेरने की तैयारी में लग गए थे। कानून व्यवस्था को देखते हुए एसएसपी मंजिल सैनी केस खोलने के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम, एएसपी कैंट, एसपी सिटी, एसपी क्राइम की टीम और थाना पुलिस टीम के साथ आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। घटना की रात पुलिस ने सूरजकुंड और फूलबाग कॉलोनी के तमाम सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस को कामयाबी मिली। एक कैमरे की फुटेज में आरोपी शव को ले जाते दिखाई दिए। सर्विलांस टीम ने मशक्कत कर संदिग्ध नंबरों जांच की। जिसमें बसंत का नाम सामने आया। 24 घंटे बीते भी नहीं थी कि एसएसपी ने इस वारदात का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और आईजी रामकुमार ने हत्याकांड का रिकॉर्ड समय में खुलासा करने पर एसएसपी और उनकी टीम की सराहना की है।
गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल
1. बसंत कुमार उर्फ बसंता पुत्र गेंदालाल
निवासी 129, हनुमानपुरी, सूरजकुंड सिविल लाइन
शिक्षा. इंटर
व्यवसाय. तांबे की फैक्ट्री का मालिक
2. आशु कपूर उर्फ हनी कपूर पुत्र मोहनलाल
निवासी नई सड़क शास्त्रीनगर नौचंदी
शिक्षा. आठवीं पास
व्यवसाय. कढ़ी चावल का ठेला लगाता था
3. सुशील कुमार (दिव्यांग) पुत्र राधेश्याम
निवासी आर्य नगर, सिविल लाइन
शिक्षा. दसवीं पास
व्यवसाय. बसंत की फैक्ट्री में पांच साल से नौकरी करता था
खास बात
लोहा व्यापारी हत्याकांड :
- लोहा व्यापारी सुनील गर्ग के परिवार से लंबे समय से जुड़ा था हत्यारोपी बसंत
- तांबे की फैक्ट्री संभालने के लिए सुनील ने दिए थे पांच लाख रुपये उधार
- पैसे लौटाने के बजाय अपहरण कर हत्या करने और फिरौती मांगने की बनाई प्लानिंग
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मेरठ। लोहा व्यापारी सुनील प्रकाश गर्ग की हत्या ही नहीं हुई थी, बल्कि आरोपियों ने दोस्ती, व्यापारिक संबंधों और भरोसे का भी कत्ल किया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपी जेल भेज दिए। हालांकि ‘अमर उजाला’ ने इस हत्याकांड का खुलासा सोमवार को ही कर दिया था।
एसएसपी मंजिल सैनी दहल, एसपी सिटी मानसिंह चौहान, एसपी क्राइम शिवराम यादव और एएसपी कैंट ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन में तीनों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी बसंत की फूलबाग कॉलोनी गली नंबर छह में तांबा फैक्ट्री है। बसंत के पिता गेंदालाल की व्यापारी सुनील गर्ग से दोस्ती थी। करीब छह साल पहले गेंदालाल की मौत हो गई थी। बसंत अपने पिता का कारोबार संभालने लगा। पिछले तीन साल से व्यापार में घटा होने लगा। बसंत का सुनील गर्ग के घर और फैक्ट्री में आना-जाना था।
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एसएसपी के अनुसार व्यापारी सुनील ने गेंदालाल से पुराने संबंधों और दोस्ती की खातिर बसंत को पांच लाख तक का माल उधार दे दिया था। सुनील को यकीन था कि बसंत उनका एक-एक पैसा कमाकर दे देगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बसंत ने पैसा देने के बजाय पिता के गहरे दोस्त सुनील की हत्या का प्लान बना लिया। यही नहीं, हत्या करके सुनील के परिवार से 20 लाख रुपये फिरौती वसूलने की प्लानिंग बनाई।
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प्रेस वार्ता के दौरान बसंत ने पुलिस अफसरों से कहा कि भले ही मुझे फांसी दे दो। लेकिन सुनील गर्ग के परिवार से मेरा सामना मत कराओ। सुनील के परिजन मुझे कई साल से जानते हैं। उनके सामने अब मैं मुंह नहीं दिखा सकता। पुलिस ने हत्यारोपी के कब्जे से आला कत्ल और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है।
नौकर और दोस्त के साथ बनाया प्लान
मुख्य आरोपी बसंत ने हत्या की योजना करीब सवा महीने पहले फैक्ट्री के दिव्यांग नौकर सुशील कुमार और दोस्त आशु उर्फ हनी के साथ सूरजकुंड पार्क में बनाई थी। हनी ने फर्जी आईडी पर एक सिम खरीदा। सुशील ने फोन कर सुनील को बसंत की फैक्ट्री में बुलाया था। पहला वार आशु ने छुरे से सुनील की गर्दन पर किया। जैकेट का कॉलर होने के चलते उनकी जान बच गई थी। लेकिन फिर बसंत और आशु ने मिलकर सुनील को पकड़कर छुरे से काट डाला। सुशील फैक्ट्री के बाहर पहरे पर बैठा रहा था।
‘बसंत तूने बहुत बुरा किया’
हत्या का खुलासा होने पर सुनील का बेटा शुभम और पत्नी बोली कि बसंत तूने हमारी दुनिया उजाड़ दी। हमारे परिवार ने तेरी कितनी मदद की और तूने बदले में क्या किया। पैसा नहीं देना था तो हमसे एक बार तो बता देता। पीड़ित परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने ईस्टर्न कचहरी रोड स्थित यशलोक हॉस्पिटल की पार्किंग से सुनील की बाइक बरामद की है।
गांधी आश्रम के नाले में शव फेंकना था
सुनील का शव ले जाते सीसीटीवी कैमरे में कैद आरोपियों ने बताया कि उनका मकसद शव को गांधी आश्रम चौराहे के पास नाले में फेंकना था। लेकिन वहां पर पुलिस दिखाई दी तो वह लौट गए और बसपा कार्यालय के पास नाले के किनारे बोरे में बंद शव को फेंककर भाग गए थे। रिक्शा हत्यारोपी आशु चला रहा था और बसंत शव के ऊपर पैर रखकर बैठा हुआ था। जोकि फुटेज में दिखाई दिया है। जबकि दिव्यांग सुशील व्हील चेयर पर रिक्शा के साथ-साथ चल रहा था।
शातिर है सुशील
एसएसपी ने बताया कि दिव्यांग सुशील बहुत शातिर है। उसने ही हत्या की प्लानिंग और फिर सुनील के परिवार से फिरौती लेने का प्लान तैयार किया था। सुशील ने आशु को तैयार किया। आशु कढ़ी चावल का ठेला लगाता था। प्रेसवार्ता में दिव्यांग सुशील ने वारदात के बारे में बताया। आरोपी बसंत की हालत खराब होने पर एसएसपी ने उसे पानी पिलवाकर वहां से तुरंत भेजा।
24 घंटे से पहले ही खुलासा
लोहा व्यापारी की हत्या के बाद शहर में तनाव की स्थिति बनी थी। चुनावी माहौल में भाजपा, सपा और बसपा नेता भी पुलिस को घेरने की तैयारी में लग गए थे। कानून व्यवस्था को देखते हुए एसएसपी मंजिल सैनी केस खोलने के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम, एएसपी कैंट, एसपी सिटी, एसपी क्राइम की टीम और थाना पुलिस टीम के साथ आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। घटना की रात पुलिस ने सूरजकुंड और फूलबाग कॉलोनी के तमाम सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस को कामयाबी मिली। एक कैमरे की फुटेज में आरोपी शव को ले जाते दिखाई दिए। सर्विलांस टीम ने मशक्कत कर संदिग्ध नंबरों जांच की। जिसमें बसंत का नाम सामने आया। 24 घंटे बीते भी नहीं थी कि एसएसपी ने इस वारदात का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और आईजी रामकुमार ने हत्याकांड का रिकॉर्ड समय में खुलासा करने पर एसएसपी और उनकी टीम की सराहना की है।
गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल
1. बसंत कुमार उर्फ बसंता पुत्र गेंदालाल
निवासी 129, हनुमानपुरी, सूरजकुंड सिविल लाइन
शिक्षा. इंटर
व्यवसाय. तांबे की फैक्ट्री का मालिक
2. आशु कपूर उर्फ हनी कपूर पुत्र मोहनलाल
निवासी नई सड़क शास्त्रीनगर नौचंदी
शिक्षा. आठवीं पास
व्यवसाय. कढ़ी चावल का ठेला लगाता था
3. सुशील कुमार (दिव्यांग) पुत्र राधेश्याम
निवासी आर्य नगर, सिविल लाइन
शिक्षा. दसवीं पास
व्यवसाय. बसंत की फैक्ट्री में पांच साल से नौकरी करता था
खास बात
लोहा व्यापारी हत्याकांड :
- लोहा व्यापारी सुनील गर्ग के परिवार से लंबे समय से जुड़ा था हत्यारोपी बसंत
- तांबे की फैक्ट्री संभालने के लिए सुनील ने दिए थे पांच लाख रुपये उधार
- पैसे लौटाने के बजाय अपहरण कर हत्या करने और फिरौती मांगने की बनाई प्लानिंग