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पॉर्न फिल्म दिखाने वाले शिक्षक को फिर तैनाती
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खिवाई से हटाया तो फतेहपुर में भेज दिया
मेरठ। सरकारी स्कूल में बच्चों के सामने पोर्न फिल्म देखने वाले शिक्षक को न सिर्फ बहाल कर दिया गया, बल्कि और भी अच्छे स्कूल में तैनात किया गया है। इस मामले में शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा निदेशक और शासन से शिकायत करते हुए शिक्षक के गैर जनपद ट्रांसफर की मांग की है।
मामला सरूरपुर ब्लॉक के खिवाई प्राथमिक विद्यालय का है। यहां तैनात रहा शिक्षक नीरज कुमार बच्चों के सामने अपने मोबाइल पर पोर्न फिल्म देखते कैमरे में कैद हो गया था। जिसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। 9 मार्च 2019 को बीएसए सतेंद्र ढाका ने शिक्षक को निलंबित कर दिया था। जिसकी जांच एबीएसए चरण सिंह से करायी थी। जांच रिपोर्ट में शिक्षक का दोष साबित हो गया। लेकिन अब बीएसए ने शिक्षक को बहाल करके पड़ोसी रोहटा ब्लॉक के फतेहपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनाती का आदेश जारी कर दिया है। बीएसए के इस आदेश से शिक्षकों को नाराजगी बढ़ गयी है। कुछ शिक्षकों ने आरोपी शिक्षक पर पूर्व में भी शिक्षकों से मारपीट, गालीगलौज धमकी देने के आरोप लगाते हुए अश्लीलता करने के आरोप लगाए हैं। जिसकी शिकायत शासन से की गयी है। जिसमें शिक्षकों ने कहा कि स्कूल में कुछ बच्चों को पोर्न वीडियो दिखाता था।
बीएसए सतेंद्र ढाका का कहना है कि जांच में शिक्षक के खिलाफ आरोप सिद्ध हो गया है। जिसके तहत शिक्षक की वेतन वृद्धि रोकी गयी है। दूसरे ब्लॉक में तैनाती के आदेश दिए गए हैं। जांच हर पहलू पर करा ली गयी है। बीएसए की कार्यवाही के बाद आरोप लगने शुरू हो गए हैं। अब कुछ लोगों का आरोप है कि जांच के दौरान जांच अधिकारी ने शिक्षकों के बयान भी दर्ज नहीं किए हैं। एक सपा नेता के दबाव में शिक्षक को बहाल किया गया है।
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मेरठ। सरकारी स्कूल में बच्चों के सामने पोर्न फिल्म देखने वाले शिक्षक को न सिर्फ बहाल कर दिया गया, बल्कि और भी अच्छे स्कूल में तैनात किया गया है। इस मामले में शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा निदेशक और शासन से शिकायत करते हुए शिक्षक के गैर जनपद ट्रांसफर की मांग की है।
मामला सरूरपुर ब्लॉक के खिवाई प्राथमिक विद्यालय का है। यहां तैनात रहा शिक्षक नीरज कुमार बच्चों के सामने अपने मोबाइल पर पोर्न फिल्म देखते कैमरे में कैद हो गया था। जिसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। 9 मार्च 2019 को बीएसए सतेंद्र ढाका ने शिक्षक को निलंबित कर दिया था। जिसकी जांच एबीएसए चरण सिंह से करायी थी। जांच रिपोर्ट में शिक्षक का दोष साबित हो गया। लेकिन अब बीएसए ने शिक्षक को बहाल करके पड़ोसी रोहटा ब्लॉक के फतेहपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनाती का आदेश जारी कर दिया है। बीएसए के इस आदेश से शिक्षकों को नाराजगी बढ़ गयी है। कुछ शिक्षकों ने आरोपी शिक्षक पर पूर्व में भी शिक्षकों से मारपीट, गालीगलौज धमकी देने के आरोप लगाते हुए अश्लीलता करने के आरोप लगाए हैं। जिसकी शिकायत शासन से की गयी है। जिसमें शिक्षकों ने कहा कि स्कूल में कुछ बच्चों को पोर्न वीडियो दिखाता था।
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बीएसए सतेंद्र ढाका का कहना है कि जांच में शिक्षक के खिलाफ आरोप सिद्ध हो गया है। जिसके तहत शिक्षक की वेतन वृद्धि रोकी गयी है। दूसरे ब्लॉक में तैनाती के आदेश दिए गए हैं। जांच हर पहलू पर करा ली गयी है। बीएसए की कार्यवाही के बाद आरोप लगने शुरू हो गए हैं। अब कुछ लोगों का आरोप है कि जांच के दौरान जांच अधिकारी ने शिक्षकों के बयान भी दर्ज नहीं किए हैं। एक सपा नेता के दबाव में शिक्षक को बहाल किया गया है।
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