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सात के खिलाफ डेयरी लूट का मुकदमा दर्ज
Updated Sun, 22 Apr 2018 07:36 PM IST
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सरधना।
नंगला आर्डर रोड स्थित डेयरी से 50 से अधिक भैंस संचालक, उसके बेटे और नौकर को बंधक बनाकर 18 अप्रैल को हथियारों के बल पर लूट ली थीं। इस मामले में डेयरी संचालक ने मंडी चमारान निवासी नवाब समेत दर्जनभर से अधिक हथियारबंद लोगों पर आरोप लगाया था। शनिवार देर रात डेयरी संचालक हाजी अनीस उर्फ बबलू मर्डर के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। हाजी अनीस उर्फ बबलू मर्डर में शामिल लोग ही जयप्रकाश के यहां डेयरी में पशु लूट में शामिल बताये हैं। एसपी देहात ने रात्रि में मामला संज्ञान में आने पर डकैती का मामला दर्ज कराया। वहीं, पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन वे हत्थे नहीं चढ़ सके हैं।
मोहल्ला छावनी निवासी जयप्रकाश पुत्र सीताराम की कालंद चुंगी के निकट डेयरी थी। जयप्रकाश ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उसने डेयरी डेढ़ करोड़ रुपये में कालंद चुंगी निवासी नवाब तेली को बेच दी थी। जयप्रकाश ने बताया कि हिसाब होने के बाद नवाब तेली उसके साथ ठेकेदारी करता है। वह उनके ऊपर कभी 17 लाख तो कभी 28 लाख रुपये बता रहा था। इसमें 18 अप्रैल की सायं नवाब तेली करीब दर्जनभर से अधिक लोगों को लेकर डेयरी पर पहुंचा। नवाब ने जयप्रकाश और बेटे पिंटू नौकर पीयूष को बंधक बनाकर उनसे मोबाइल छीन लिये। इसके बाद वहां से भैंसे लेकर चले गए। इसके बाद हंगामा हो गया। मामला अलग-अलग समुदाय का होने के कारण तूल पकड़ लिया। वहीं, सूचना पाकर पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए नवाब को थाने बुलवा लिया। उसने पूरे मामले की जानकारी दी। नवाब अपने 17 लाख रुपये बता रहा था। उसका कहना था कि उसे सूचना मिली थी कि डेयरी से भैंसों को एक या दो दिन के भीतर बेच दिया जाएगा। उसके बकाया रुपये नहीं मिल सकेंगे। इसको लेकर वह अपने रुपये के बदले भैंस लेे गया। वहीं, भैंसे नवाब की डेयरी में बंधी मिलने की सूचना जयप्रकाश को मिली। उसने थाने में जानकारी दी। इस पर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौर ने रात में ही नवाब तेली पर दबाव बनाकर डेयरी से लूटी गई भैंसे बरामद कर लीं। वहीं, जयप्रकाश ने बताया कि उसके यहां से 69 भैंसे लूटी गईं और पचास के करीब वापस हुईं। पुलिस मामले की जांच कर ही रही है। वहीं, 21 अप्रैल की रात्रि में हाजी अनीस उर्फ बबलू का मर्डर हो गया। मर्डर में भी उन लोगों के कुछ संयुक्त नाम आए जो पशु लूट की में शामिल थे। इसके बाद एसपी देहात ने दोनों मामले के संयुक्त आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इनमें मंडी चमारान नई बस्ती निवासी नवाब बेली साबुद्दीन, मीम पुत्र नूर मोहम्मद, अल्लावाला पुत्र नूर मोहम्मद, भोला पुत्र आजम, साबू पुत्र बाबू, भीमू पुत्र मीम समेत सात के खिलाफ डेयरी में डकैती का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ सका।
कोट
नंगला आर्डर रोड स्थित जयप्रकाश की डेयरी से रुपये के लेनदेन को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों ने हथियारों के बल पर भैंस लूट ली थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डकैती की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।-मुकेश कुमार, एसएसआई कार्यवाहक थानाध्यक्ष, सरधना
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मुख्य बातें
18 अप्रैल को हुई थी वारदात
डेयरी लूट के कई आरोपी हाजी बबलू की हत्या में भी शामिल
पुलिस ने कई जगह दबिश दी परंतु आरोपी हत्थे नहीं चढ़ सके
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नंगला आर्डर रोड स्थित डेयरी से 50 से अधिक भैंस संचालक, उसके बेटे और नौकर को बंधक बनाकर 18 अप्रैल को हथियारों के बल पर लूट ली थीं। इस मामले में डेयरी संचालक ने मंडी चमारान निवासी नवाब समेत दर्जनभर से अधिक हथियारबंद लोगों पर आरोप लगाया था। शनिवार देर रात डेयरी संचालक हाजी अनीस उर्फ बबलू मर्डर के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। हाजी अनीस उर्फ बबलू मर्डर में शामिल लोग ही जयप्रकाश के यहां डेयरी में पशु लूट में शामिल बताये हैं। एसपी देहात ने रात्रि में मामला संज्ञान में आने पर डकैती का मामला दर्ज कराया। वहीं, पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन वे हत्थे नहीं चढ़ सके हैं।
मोहल्ला छावनी निवासी जयप्रकाश पुत्र सीताराम की कालंद चुंगी के निकट डेयरी थी। जयप्रकाश ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उसने डेयरी डेढ़ करोड़ रुपये में कालंद चुंगी निवासी नवाब तेली को बेच दी थी। जयप्रकाश ने बताया कि हिसाब होने के बाद नवाब तेली उसके साथ ठेकेदारी करता है। वह उनके ऊपर कभी 17 लाख तो कभी 28 लाख रुपये बता रहा था। इसमें 18 अप्रैल की सायं नवाब तेली करीब दर्जनभर से अधिक लोगों को लेकर डेयरी पर पहुंचा। नवाब ने जयप्रकाश और बेटे पिंटू नौकर पीयूष को बंधक बनाकर उनसे मोबाइल छीन लिये। इसके बाद वहां से भैंसे लेकर चले गए। इसके बाद हंगामा हो गया। मामला अलग-अलग समुदाय का होने के कारण तूल पकड़ लिया। वहीं, सूचना पाकर पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए नवाब को थाने बुलवा लिया। उसने पूरे मामले की जानकारी दी। नवाब अपने 17 लाख रुपये बता रहा था। उसका कहना था कि उसे सूचना मिली थी कि डेयरी से भैंसों को एक या दो दिन के भीतर बेच दिया जाएगा। उसके बकाया रुपये नहीं मिल सकेंगे। इसको लेकर वह अपने रुपये के बदले भैंस लेे गया। वहीं, भैंसे नवाब की डेयरी में बंधी मिलने की सूचना जयप्रकाश को मिली। उसने थाने में जानकारी दी। इस पर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौर ने रात में ही नवाब तेली पर दबाव बनाकर डेयरी से लूटी गई भैंसे बरामद कर लीं। वहीं, जयप्रकाश ने बताया कि उसके यहां से 69 भैंसे लूटी गईं और पचास के करीब वापस हुईं। पुलिस मामले की जांच कर ही रही है। वहीं, 21 अप्रैल की रात्रि में हाजी अनीस उर्फ बबलू का मर्डर हो गया। मर्डर में भी उन लोगों के कुछ संयुक्त नाम आए जो पशु लूट की में शामिल थे। इसके बाद एसपी देहात ने दोनों मामले के संयुक्त आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इनमें मंडी चमारान नई बस्ती निवासी नवाब बेली साबुद्दीन, मीम पुत्र नूर मोहम्मद, अल्लावाला पुत्र नूर मोहम्मद, भोला पुत्र आजम, साबू पुत्र बाबू, भीमू पुत्र मीम समेत सात के खिलाफ डेयरी में डकैती का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ सका।
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नंगला आर्डर रोड स्थित जयप्रकाश की डेयरी से रुपये के लेनदेन को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों ने हथियारों के बल पर भैंस लूट ली थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डकैती की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।-मुकेश कुमार, एसएसआई कार्यवाहक थानाध्यक्ष, सरधना
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मुख्य बातें
18 अप्रैल को हुई थी वारदात
डेयरी लूट के कई आरोपी हाजी बबलू की हत्या में भी शामिल
पुलिस ने कई जगह दबिश दी परंतु आरोपी हत्थे नहीं चढ़ सके