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महिला की मौत पर अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़
Updated Sun, 18 Jun 2017 07:15 PM IST
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मेरठ। छीपी टैंक स्थित चौरसिया अस्पताल में रविवार शाम महिला की मौत के बाद परिजनों ने तोड़फोड़ कर दी। परिजनों और उनके साथ पहुंचे लोगों ने हंगामा करते हुए अस्पताल के कर्मचारियों से हाथापाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी मामला शांत कराया।
पुलिस के अनुसार लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद निवासी अनीनुद्दीन की पत्नी नौशाबा को शुक्रवार को बीमारी के चलते चौरसिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार शाम डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताकर हायर सेंटर दिल्ली रैफर करने की बात कही। इस बीच परिजन महिला को दिल्ली ले जाने लगे। अचानक महिला की सांसें थम गईं। महिला की मौत के बाद लिसाड़ी गेट से भी लोग पहुंच गए।
परिजनों और लोगों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित लोगों ने वहां मौजूद स्टाफ के साथ हाथापाई कर दी। आईसीयू का शीशा तोड़ दिया। बाहर से भी कुछ लोगों ने अस्पताल में पथराव कर दिया। मारपीट और तोड़फोड़ की सूचना पर अफरातफरी मच गई। यूपी 100 की गाड़ी और लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में परिजन शव को ले गए।
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अस्पताल के मैनेजर मुनेश राणा का कहना है कि महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह ही मरीज को दिल्ली के लिए रैफर कर दिया था। लेकिन परिजन नहीं ले गए थे। कई बार परिजनों को महिला की हालत के बारे में बताया गया। इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है। कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए तोड़फोड़ की गई है।
खास बात
- छीपी टैंक स्थित चौरसिया अस्पताल में भर्ती थी महिला
- परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, स्टाफ से हाथापाई
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पुलिस के अनुसार लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद निवासी अनीनुद्दीन की पत्नी नौशाबा को शुक्रवार को बीमारी के चलते चौरसिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार शाम डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताकर हायर सेंटर दिल्ली रैफर करने की बात कही। इस बीच परिजन महिला को दिल्ली ले जाने लगे। अचानक महिला की सांसें थम गईं। महिला की मौत के बाद लिसाड़ी गेट से भी लोग पहुंच गए।
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परिजनों और लोगों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित लोगों ने वहां मौजूद स्टाफ के साथ हाथापाई कर दी। आईसीयू का शीशा तोड़ दिया। बाहर से भी कुछ लोगों ने अस्पताल में पथराव कर दिया। मारपीट और तोड़फोड़ की सूचना पर अफरातफरी मच गई। यूपी 100 की गाड़ी और लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में परिजन शव को ले गए।
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अस्पताल के मैनेजर मुनेश राणा का कहना है कि महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह ही मरीज को दिल्ली के लिए रैफर कर दिया था। लेकिन परिजन नहीं ले गए थे। कई बार परिजनों को महिला की हालत के बारे में बताया गया। इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है। कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए तोड़फोड़ की गई है।
खास बात
- छीपी टैंक स्थित चौरसिया अस्पताल में भर्ती थी महिला
- परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, स्टाफ से हाथापाई