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हत्या के मामले में 12 साल बाद पूर्व एसओ तलब
Updated Fri, 24 Nov 2017 02:26 AM IST
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मेरठ। भावनपुर थाने में 12 साल पहले पुलिस कस्टडी में इदरीश कुरैशी की मौत के मामले में सीजेएम तबरेज अहमद ने मुकदमे में लगी फाइनल रिपोर्ट को निरस्त कर दिया है। सीजेएम ने इस केस में तत्कालीन एसओ भावनपुर को 28 नवंबर को कोर्ट में तलब कर लिया है।
कोतवाली निवासी इदरीश ने भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव जई के जंगल में बाग किराये पर लिया हुआ था। आरोप था कि दो लोगोें की हत्या के शक में 21 मई 2005 को पुलिस इदरीश को उठाकर ले गई थी। इदरीश के बेटे जावेद ने तत्कालीन एसओ भावनपुर गजेंद्र सिंह व तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। आशंका जताई थी कि बाग से उठाकर ले जाने वाले एक दरोगा के हाथ की अंगुली कटी हुई थी। इदरीश अपनी बाइक पर बसरूद्दीन निवासी दरियागंज थाना कोतवाली को भी भावनपुर थाने ले गया था।
आरोप था कि वहां से पुलिस वालों ने बसरूद्दीन को वापस भेज दिया था, जबकि इदरीश की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। जानकारी पर परिजन थाने पहुंचे थे, जहां पर इदरीश की बाइक खड़ी थी। हाजी आबिद व जावेद ने आरोप लगाते हुए बताया कि इदरीश को एसओ गजेंद्र सिंह व दो अन्य पुलिसकर्मी पीटते हुए जीप में डालकर कहीं ले गए थे। उसके पिता के पास उनका मोबाइल फोन था, जिस पर हमारी बात उनसे पुलिस वालों ने नहीं होने दी।
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तत्कालीन पुलिस अधीक्षक देहात के निर्देश पर एसओ गजेंद्र सिंह व तीन अन्य के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर मुकदमा समाप्त कर दिया। कोर्ट में दाखिल फाइनल रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि इदरीश की मृत्यु पुलिस की पिटाई से होना नही पायी गयी। बल्कि हार्ट अटैक से होना प्रतीत होता है। इस पर वादी द्वारा अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करने के लिए प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की गई। जिसकी सुनवाई सीजेएम न्यायालय द्वारा की गई।
सीजेएम कोर्ट ने एडीजे-11 कोर्ट की निगरानी में पारित किए गए आदेश पर वादी पक्ष को सुना और सुनने के बाद आदेश किया कि प्रोटेस्ट पिटीशन को आंशिक रूप से स्वीकार किया जाता है। पुलिस द्वारा लगायी अंतिम आख्या निरस्त की जाती है तथा अन्य आरोपी सिपाहियों महेंद्र सिंह, सुरेश तथा विष्णुदत्त के संबंध में अंतिम आख्या स्वीकार की जाती है। सीजेएम ने हत्या और उससे संबंधित धारा के अपराध के विचारण के लिए एसओ को तलब करते हुए यह मामला पुलिस रिपोर्ट पर दर्ज मामले की तरह चलने के आदेश दिए।
- भावनपुर में पुलिस कस्टडी में मौत होने का था आरोप
- सीजेएम कोर्ट ने दाखिल फाइनल रिपोर्ट निरस्त की
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कोतवाली निवासी इदरीश ने भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव जई के जंगल में बाग किराये पर लिया हुआ था। आरोप था कि दो लोगोें की हत्या के शक में 21 मई 2005 को पुलिस इदरीश को उठाकर ले गई थी। इदरीश के बेटे जावेद ने तत्कालीन एसओ भावनपुर गजेंद्र सिंह व तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। आशंका जताई थी कि बाग से उठाकर ले जाने वाले एक दरोगा के हाथ की अंगुली कटी हुई थी। इदरीश अपनी बाइक पर बसरूद्दीन निवासी दरियागंज थाना कोतवाली को भी भावनपुर थाने ले गया था।
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आरोप था कि वहां से पुलिस वालों ने बसरूद्दीन को वापस भेज दिया था, जबकि इदरीश की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। जानकारी पर परिजन थाने पहुंचे थे, जहां पर इदरीश की बाइक खड़ी थी। हाजी आबिद व जावेद ने आरोप लगाते हुए बताया कि इदरीश को एसओ गजेंद्र सिंह व दो अन्य पुलिसकर्मी पीटते हुए जीप में डालकर कहीं ले गए थे। उसके पिता के पास उनका मोबाइल फोन था, जिस पर हमारी बात उनसे पुलिस वालों ने नहीं होने दी।
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तत्कालीन पुलिस अधीक्षक देहात के निर्देश पर एसओ गजेंद्र सिंह व तीन अन्य के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर मुकदमा समाप्त कर दिया। कोर्ट में दाखिल फाइनल रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि इदरीश की मृत्यु पुलिस की पिटाई से होना नही पायी गयी। बल्कि हार्ट अटैक से होना प्रतीत होता है। इस पर वादी द्वारा अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करने के लिए प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की गई। जिसकी सुनवाई सीजेएम न्यायालय द्वारा की गई।
सीजेएम कोर्ट ने एडीजे-11 कोर्ट की निगरानी में पारित किए गए आदेश पर वादी पक्ष को सुना और सुनने के बाद आदेश किया कि प्रोटेस्ट पिटीशन को आंशिक रूप से स्वीकार किया जाता है। पुलिस द्वारा लगायी अंतिम आख्या निरस्त की जाती है तथा अन्य आरोपी सिपाहियों महेंद्र सिंह, सुरेश तथा विष्णुदत्त के संबंध में अंतिम आख्या स्वीकार की जाती है। सीजेएम ने हत्या और उससे संबंधित धारा के अपराध के विचारण के लिए एसओ को तलब करते हुए यह मामला पुलिस रिपोर्ट पर दर्ज मामले की तरह चलने के आदेश दिए।
- भावनपुर में पुलिस कस्टडी में मौत होने का था आरोप
- सीजेएम कोर्ट ने दाखिल फाइनल रिपोर्ट निरस्त की