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कार्रवाई के भय से पीडीतो को समझौते के लिए मोटी रकम की पेशकश

Sun, 19 Nov 2017 02:34 AM IST
Updated Sun, 19 Nov 2017 02:34 AM IST
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कार्रवाई के भय से  पीडीतो  को समझौते के लिए मोटी रकम की पेशकश
- छेड़छाड़ की झूठी तहरीर तैयार कराने का मामला
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- एसएसपी ने मामले में खुद भी तथ्य जुटाये

मेरठ/किठौर।
150 रुपये के लिये थाने में थर्ड डिग्री देने और महिला से झूठी तहरीर तैयार कराने के मामले में एसओ किठौर राजेंद्र त्यागी की जांच एसपी देहात करेंगे। एसएसपी का दावा है कि एसओ के खिलाफ कई सुबूत उनको मिले है। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तय की जायेगी। उधर, किठौर में पुलिस ने पीड़ितों पर समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

इस मामले में एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार और एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने एसएसपी मेरठ से रिपोर्ट मांग ली है। एसएसपी ने इस मामले में तथ्य जुटाए हैं। उनका कहना है कि एसओ ने पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का काम किया है। एसएसपी ने एसओ किठौर को अपने आवास पर तलब किया और उसका पक्ष जाना।
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पीड़ितों पर समझौते का दबाव
अखबार बाटने वाले सतीश ने बताया कि एसओ उनको फंसाने की साजिश रच चुके थे। भंडाफोड़ होने पर अब एसओ कई नेताओं को उनके घर भेजकर समझौते का दबाव बना रहे हैं। उनके नाबालिग बेटे प्रदीप को एसओ और सिपाहियों ने पेड़ से बांधकर पीटा है। एसओ पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह पुलिस अधिकारियों के यहां पर आक्रोश जतायेंगे। स्थानीय लोगों में भी एसओ के प्रति गुस्सा है।
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किठौर इलाके में दिनभर चर्चाएं
एसओ अपनी एक गलती को छुपाने के लिए बेकसूरों पर झूठा मुकदमा लिखवाना चाहते थे। एसओ की हरकत की शनिवार दिनभर किठौर इलाके में चर्चा रही। पीड़ित सतीश का कहना है कि अगर एसओ का भंडाफोड़ नहीं होता तो उनके बेकसूर बेटे जेल में बंद होते।


एसओ का विवादों से पुराना नाता
एसओ किठौर इससे पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। दीपावली पर किठौर में मेला लगवाने की अनुमति को लेकर बखेड़ा खड़ा करा दिया था। मेला लगाने को लेकर एसओ व भाजपाइयों में काफी तनातनी भी रही थी। यह मामला भी लखनऊ तक गूंजा था। एसएसपी व डीएम को खुद इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा था।
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