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दुष्कर्मी को 20 साल का कठोर कारावास
Updated Tue, 25 Jul 2017 07:06 PM IST
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मेरठ। किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-8 विनय कुमार द्विवेदी ने 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। घटना परतापुर थाना क्षेत्र में घटी थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़ित पक्ष ने सात नवंबर 2013 को थाना परतापुर में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसकी किशोरी पुत्री जंगल में गई थी। इस दौरान परतापुर क्षेत्र निवासी आरोपी नदीम पुत्र मुन्ना उसका बहला फुसलाकर अपहरण कर ईख के खेत में ले गया था। जहां एक और व्यक्ति मौजूद था, जिसने अपने मुंह को कपड़े से छुपा रखा था। आरोप था कि इन दोनों व्यक्तियों ने उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया था। साथ ही धमकी दी थी कि यदि इस घटना के संबंध में किसी को बताया तो किशोरी को जान से मार देंगे।
पीड़ित किशोरी ने घटना के बाद घर पहुंचकर इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में विवेचना के बाद आरोपी नदीम और आबिद उर्फ कल्लू के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष से मुकेश कुमार मित्तल एडीजीसी और विशेष लोक अभियोजक रियासत हुसैन ने पांच गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त आबिद को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि नदीम को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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खास बात
- किशोरी से परतापुर क्षेत्र में हुई थी चार साल पहले गैंगरेप की घटना
- एक आरोपी संदेह के लाभ में बरी, कोर्ट ने लगाया 25 हजार रुपये जुर्माना
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अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़ित पक्ष ने सात नवंबर 2013 को थाना परतापुर में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसकी किशोरी पुत्री जंगल में गई थी। इस दौरान परतापुर क्षेत्र निवासी आरोपी नदीम पुत्र मुन्ना उसका बहला फुसलाकर अपहरण कर ईख के खेत में ले गया था। जहां एक और व्यक्ति मौजूद था, जिसने अपने मुंह को कपड़े से छुपा रखा था। आरोप था कि इन दोनों व्यक्तियों ने उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया था। साथ ही धमकी दी थी कि यदि इस घटना के संबंध में किसी को बताया तो किशोरी को जान से मार देंगे।
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पीड़ित किशोरी ने घटना के बाद घर पहुंचकर इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में विवेचना के बाद आरोपी नदीम और आबिद उर्फ कल्लू के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष से मुकेश कुमार मित्तल एडीजीसी और विशेष लोक अभियोजक रियासत हुसैन ने पांच गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त आबिद को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि नदीम को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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खास बात
- किशोरी से परतापुर क्षेत्र में हुई थी चार साल पहले गैंगरेप की घटना
- एक आरोपी संदेह के लाभ में बरी, कोर्ट ने लगाया 25 हजार रुपये जुर्माना