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फर्जी दर्जा प्राप्त मंत्री ने 15 लाख रुपये लेकर बना दिया उपाध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jan 2017 12:44 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों ठगी के मामले में नामजद कथित उपाध्यक्ष शिवकुमार दो दिन पूर्व एसपी क्राइम से मिला। शिवकुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी गृह निर्माण संघ में फर्जी दर्जा प्राप्त मंत्री बने कुंवर अरविंद सिंह ने 15 लाख रुपये लेकर उनको उपाध्यक्ष बनाया था। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी नामजद है, उसकी तलाश जारी है।
उत्तर प्रदेश सहकारी गृह निर्माण संघ में फर्जी उपाध्यक्ष बने शिवकुमार गुर्जर निवासी मौरना मवाना ने शुक्रवार को एक नया खुलासा किया है। शिवकुमार ने एसपी क्राइम बुधवार को शिकायती पत्र देकर कहा है वह गांव का प्रधान रहा है तथा राजनीति में सक्रिय रहा है। उनकी जून 2015 में कुंवर अरविंद से मुलाकात हुई। अरविंद ने खुद को गोरखपुर निवासी बताया और खुद को उत्तर प्रदेश सहकारी गृह निर्माण संघ लखनऊ का अध्यक्ष बताया था। इसके साथ ही अर्चना शर्मा से परिचय विनय कुमार वाल्मीकि निवासी गांव ढिकौली एवं मनमोहन निवासी मीवा ने कराया। एसपी क्राइम अजय सहदेव ने ऐसे किसी युवक से न मिलने की बात कही है।
लालबत्ती भी लखनऊ से आई
नामजद आरोपी शिवकुमार ने बताया कि 15 लाख रुपये लेकर अरविंद ने उसको उपाध्यक्ष का नियुक्ति पत्र और लालबत्ती गाड़ी भी लखनऊ से भिजवाई थी। जो आज भी उसके पास है। उसको अब पता चला कि यह संघ फर्जी बनाया हुआ है। कुछ व्यक्ति डायरेक्टर पद पर 10-10 लाख रुपये लेकर बनाए हैं तथा 25-25 हजार अलग लेकर रसीद दीं। जानकारी होने पर उसने अरविंद से पैसा मांगा तो आरोपी ने चैक दिए। जो बाउंस हो गए।
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नेम प्लेट हटाया, बोर्ड भी पुतवाया
आरोपी शिवकुमार का फिलहाल परिवार मवाना के प्रीत विहार में किराए के मकान में रहता है। बताया गया है कि उसने लालबत्ती गाड़ी से उपाध्यक्ष की नेम प्लेट और बत्ती उतार ली। घर के आगे लगे बोर्ड भी पुतवा दिया है।
पहले भी हो चुके मवाना में ऐसे मामले
मवाना में ऐसे पहले भी कई मामले रह चुके है। इससे पहले एक कालोनाइजर मवाना निवासी को भी फर्जी लालबत्ती लेकर लाखों रुपये ठग लिए थे। जिस कारण बाद में उक्त कालोनाइजर ने आत्महत्या कर ली थी। वहीं थाना प्रभारी राजेश चतुर्वेदी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने कहा कि आरोपी शिवकुमार की तलाश जारी है। उसको भी जेल भेजा जाएगा।
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उत्तर प्रदेश सहकारी गृह निर्माण संघ में फर्जी उपाध्यक्ष बने शिवकुमार गुर्जर निवासी मौरना मवाना ने शुक्रवार को एक नया खुलासा किया है। शिवकुमार ने एसपी क्राइम बुधवार को शिकायती पत्र देकर कहा है वह गांव का प्रधान रहा है तथा राजनीति में सक्रिय रहा है। उनकी जून 2015 में कुंवर अरविंद से मुलाकात हुई। अरविंद ने खुद को गोरखपुर निवासी बताया और खुद को उत्तर प्रदेश सहकारी गृह निर्माण संघ लखनऊ का अध्यक्ष बताया था। इसके साथ ही अर्चना शर्मा से परिचय विनय कुमार वाल्मीकि निवासी गांव ढिकौली एवं मनमोहन निवासी मीवा ने कराया। एसपी क्राइम अजय सहदेव ने ऐसे किसी युवक से न मिलने की बात कही है।
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लालबत्ती भी लखनऊ से आई
नामजद आरोपी शिवकुमार ने बताया कि 15 लाख रुपये लेकर अरविंद ने उसको उपाध्यक्ष का नियुक्ति पत्र और लालबत्ती गाड़ी भी लखनऊ से भिजवाई थी। जो आज भी उसके पास है। उसको अब पता चला कि यह संघ फर्जी बनाया हुआ है। कुछ व्यक्ति डायरेक्टर पद पर 10-10 लाख रुपये लेकर बनाए हैं तथा 25-25 हजार अलग लेकर रसीद दीं। जानकारी होने पर उसने अरविंद से पैसा मांगा तो आरोपी ने चैक दिए। जो बाउंस हो गए।
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नेम प्लेट हटाया, बोर्ड भी पुतवाया
आरोपी शिवकुमार का फिलहाल परिवार मवाना के प्रीत विहार में किराए के मकान में रहता है। बताया गया है कि उसने लालबत्ती गाड़ी से उपाध्यक्ष की नेम प्लेट और बत्ती उतार ली। घर के आगे लगे बोर्ड भी पुतवा दिया है।
पहले भी हो चुके मवाना में ऐसे मामले
मवाना में ऐसे पहले भी कई मामले रह चुके है। इससे पहले एक कालोनाइजर मवाना निवासी को भी फर्जी लालबत्ती लेकर लाखों रुपये ठग लिए थे। जिस कारण बाद में उक्त कालोनाइजर ने आत्महत्या कर ली थी। वहीं थाना प्रभारी राजेश चतुर्वेदी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने कहा कि आरोपी शिवकुमार की तलाश जारी है। उसको भी जेल भेजा जाएगा।