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48 घंटे में गुंडागर्दी के बीच शहर में दूसरी हत्या
Updated Fri, 02 Mar 2018 02:08 AM IST
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मेरठ। 48 घंटे में गुंडागर्दी के बीच शहर में बृहस्पतिवार सरेआम दूसरी हत्या हो गई। एक बेकसूर राहगीर हिस्ट्रीशीटर के बेटे और साथियों द्वारा खुलेआम की जा रही फायरिंग में बेवजह मारा गया। यह प्रकरण अभी सुर्खियों में ही था कि दूसरी सनसनीखेज वारदात में पीएसी के दरोगा की पत्नी की गुंडा टैक्स न देने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। शहर में गुंडाराज कायम है और पुलिस के इकबाल पर सवाल सवाल उठ रहे हैं। किसी को न तो पुलिस का खौफ रह गया है और न कानून का। अपनी धमक कायम रखने के बजाय पुलिस हर मामले को मैनेज करने में जुट जाती है।
जली कोठी स्थित पटेलनगर में मंगलवार को दो पक्षों में विवाद हो रहा था। जिसमें हाजी गल्ला का बेटा शादाब और पुलिस वालों के बेटे मोहित उर्फ गोलू, निखिल और आमिर समेत दर्जनों लोग खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे थे। जिसमें एक बेकसूर अजय उर्फ रिंकू की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मजबूत कार्रवाई नहीं की। सेटिंग से तीन आरोपी जेल भेजकर वारदात पर पर्दा डाल दिया। जबकि इस वारदात में सांप्रदायिक बवाल भी होने से बाल-बाल बचा। पुलिस की इस लापरवाही के चलते बृहस्पतिवार फिर सरेशाम शास्त्रीनगर में दरोगा की बेकसूर पत्नी सुमन की गुंडागर्दी के चलते हत्या हो गई। दरोगा का बेटा कविंद्र जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। व्यापारियों और लोगों से गुंडा टैक्स वसूलने वाला हत्यारोपी अर्जुन राणा, शिवा और शक्ति अभी हत्थे नहीं चढ़े। बस थपथपा लो अपनी पीठ
देहात में गवाहों की तो शहर में गुंडाराज के बीच लोगों की सरेआम हत्याएं हो रही हैं और पुलिस तमाशबीन बनी है। पुलिस का तो कोई खौफ ही नहीं है। बदमाश मौके से फरार हो जाते हैं और फिर पुलिस का मैनेजमेंट चलता है। एक दो आरोपियों को जेल भेजकर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती है और फिर कोई वारदात हो जाती है।
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सेटिंग छोड़ो, बदमाश पर शिकंजा कसो
लोगों का कहना है कि जब तक पुलिस सेटिंग से बदमाशोें को गिरफ्तार करना बंद नहीं करेंगी, तब तक शहर में बदमाशों का कहर रहेगा। बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस को सख्त तरीका अपनाना होगा। इस बात पर पुलिस अफसरों ने आश्वासन दिया कि अब सेटिंग नहीं, बदमाशों को सबक सिखाया जाएगा।
कैसे भाग जाते हैं बदमाश
सरेआम वारदात के बाद बदमाश आसानी से फरार हो जाते हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश तक नहीं देती। खानापूर्ति करती है और बदमाशों के करीबियों से संपर्क में रहती है। बड़ा सवाल है कि पुलिस सख्ती से कार्रवाई करे तो भला अपराध कैसे काबू में नहीं आएगा।
अब जाकर किया चौकी इंचार्ज सस्पेंड
एसएसपी मंजिल सैनी ने दरोगा की पत्नी की हत्या के मामले में नौचंदी थाना क्षेत्र की के ब्लॉक चौकी के इंचार्ज दिनेश मलिक को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने कुख्यात अर्जुन राणा के गुंडा टैक्स की शिकायत की थी। इसके बावजूद चौकी इंचार्ज ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते अर्जुन पर शिकंजा कसा जाता तो एक बेकसूर महिला की जान न जाती और व्यापारियों को भी राहत मिलती। वहीं, एसएसपी ने एसओ नौचंदी संजय तोमर पर भी जांच बैठा दी है।
खास बातें:
- किसी को नहीं इस शहर में पुलिस और कानून का खौफ
- शहर में गुंडाराज, पुलिस के इकबाल पर उठ रहे सवाल
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जली कोठी स्थित पटेलनगर में मंगलवार को दो पक्षों में विवाद हो रहा था। जिसमें हाजी गल्ला का बेटा शादाब और पुलिस वालों के बेटे मोहित उर्फ गोलू, निखिल और आमिर समेत दर्जनों लोग खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे थे। जिसमें एक बेकसूर अजय उर्फ रिंकू की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मजबूत कार्रवाई नहीं की। सेटिंग से तीन आरोपी जेल भेजकर वारदात पर पर्दा डाल दिया। जबकि इस वारदात में सांप्रदायिक बवाल भी होने से बाल-बाल बचा। पुलिस की इस लापरवाही के चलते बृहस्पतिवार फिर सरेशाम शास्त्रीनगर में दरोगा की बेकसूर पत्नी सुमन की गुंडागर्दी के चलते हत्या हो गई। दरोगा का बेटा कविंद्र जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। व्यापारियों और लोगों से गुंडा टैक्स वसूलने वाला हत्यारोपी अर्जुन राणा, शिवा और शक्ति अभी हत्थे नहीं चढ़े। बस थपथपा लो अपनी पीठ
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देहात में गवाहों की तो शहर में गुंडाराज के बीच लोगों की सरेआम हत्याएं हो रही हैं और पुलिस तमाशबीन बनी है। पुलिस का तो कोई खौफ ही नहीं है। बदमाश मौके से फरार हो जाते हैं और फिर पुलिस का मैनेजमेंट चलता है। एक दो आरोपियों को जेल भेजकर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती है और फिर कोई वारदात हो जाती है।
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सेटिंग छोड़ो, बदमाश पर शिकंजा कसो
लोगों का कहना है कि जब तक पुलिस सेटिंग से बदमाशोें को गिरफ्तार करना बंद नहीं करेंगी, तब तक शहर में बदमाशों का कहर रहेगा। बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस को सख्त तरीका अपनाना होगा। इस बात पर पुलिस अफसरों ने आश्वासन दिया कि अब सेटिंग नहीं, बदमाशों को सबक सिखाया जाएगा।
कैसे भाग जाते हैं बदमाश
सरेआम वारदात के बाद बदमाश आसानी से फरार हो जाते हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश तक नहीं देती। खानापूर्ति करती है और बदमाशों के करीबियों से संपर्क में रहती है। बड़ा सवाल है कि पुलिस सख्ती से कार्रवाई करे तो भला अपराध कैसे काबू में नहीं आएगा।
अब जाकर किया चौकी इंचार्ज सस्पेंड
एसएसपी मंजिल सैनी ने दरोगा की पत्नी की हत्या के मामले में नौचंदी थाना क्षेत्र की के ब्लॉक चौकी के इंचार्ज दिनेश मलिक को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने कुख्यात अर्जुन राणा के गुंडा टैक्स की शिकायत की थी। इसके बावजूद चौकी इंचार्ज ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते अर्जुन पर शिकंजा कसा जाता तो एक बेकसूर महिला की जान न जाती और व्यापारियों को भी राहत मिलती। वहीं, एसएसपी ने एसओ नौचंदी संजय तोमर पर भी जांच बैठा दी है।
खास बातें:
- किसी को नहीं इस शहर में पुलिस और कानून का खौफ
- शहर में गुंडाराज, पुलिस के इकबाल पर उठ रहे सवाल