{"_id":"5b22d7d54f1c1bfd6e8b7c12","slug":"11529010133-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अग्निकांड की जांच में इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज दोषी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अग्निकांड की जांच में इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज दोषी
Updated Fri, 15 Jun 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। जानी थाना क्षेत्र के सिवालखास में एक जून को हुए अग्निकांड की जांच रिपोर्ट सीओ सरधना ने एसपी देहात को सौंप दी है। नौ पेज की रिपोर्ट में इंस्पेक्टर जानी और सिवालखास चौकी इंचार्ज को दोषी माना गया है।
जानी के सिवालखास में बाबू व उसके परिवार द्वारा घर में साल्वेंट केमिकल मिलाकर पेट्रोल-डीजल बेचने का धंधा चल रहा था। बाबू के घर में करीब 15-20 ड्रम साल्वेंट केमिकल रखा हुआ था। एक जून को केमिकल के ड्रम फटने से आग पूरे मकान में फैल गई थी। पुलिस ने जेसीबी से घर की पिछली दीवार तोड़कर परिवार के लोगों को निकाला था। हादसे में बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हुई थी। जबकि दो फायरकर्मियों दीपक और सतपाल समेत एक दर्जन लोग झुलसे थे। इस अग्निकांड की जांच सीओ सरधना संतोष कुमार सिंह को सौंपी गई थी।
सीओ ने यह दी जांच रिपोर्ट
सीओ की जांच रिपोर्ट में सिपाहियों से लेकर दरोगा, चौकी इंचार्ज, पूर्व चौकी इंचार्ज, जानी थाने के इंस्पेक्टर और ग्रामीणों समेत 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए। घटनास्थल से जो खाली व भरे हुए ड्रम मिले, उनकी जांच में सामने आया कि साल्वेंट व डीजल के ड्रमों से स्पष्ट है कि इतनी अधिक मात्रा में अवैध तेल एक दिन में एकत्र नहीं किया गया। काफी लंबे समय से वहां तेल रखा हुआ था। बाबू बाल्मीकि के मकान में आने-जाने के कई रास्ते हैं। कुछ रास्ते जंगल की तरफ जा रहे हैं। जब से दरोगा प्रबल कुमार सिवालखास चौकी पर तैनात हुए हैं। तभी से अवैध तेल का कारोबार हो रहा था। पूर्व चौकी प्रभारी धनवीर सिंह व दूसरे दरोगा के बीच लंबे समय से मतभेद था।
विज्ञापन
बयानों में उलझी इंस्पेक्टर की भूमिका
इंस्पेक्टर जानी प्रेमचंद शर्मा ने अपने बयानों में कहा था कि मैं आग की घटना पर फोर्स के साथ पहुंचा और जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई। समाचार पत्रों में पुलिस के नकारात्मक समाचार प्रकाशित किए गए। मीडिया कर्मियों द्वारा पुलिस पर दबाव बनाने के लिए समाचार प्रकाशित किए गए। थाना प्रभारी के रूप में तैनाती के दौरान मेरे द्वारा व पुलिसकर्मियों द्वारा तेल तस्करों के खिलाफ पूर्व में कड़ी कार्रवाई की गई। वहीं, सीओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा अवैध तेल की कोई जानकारी न होना संदेह में है। तेल के अवैध कारोबार में प्रथम दृष्टया चौकी इंचार्ज प्रबल कुमार पंकज और प्रभारी निरीक्षक प्रेमचंद शर्मा दोषी परिलक्षित होते हैं।
खास बातें:
एक जून को सिवालखास में घर में लगी थी आग
बच्ची समेत तीन की हुई थी मौत, सीओ सरधना कर रहे थे जांच
पुलिस की मिलीभगत से चौकी के पास घर में बेचा जा रहा था डीजल, पेट्रोल
विज्ञापन
जानी के सिवालखास में बाबू व उसके परिवार द्वारा घर में साल्वेंट केमिकल मिलाकर पेट्रोल-डीजल बेचने का धंधा चल रहा था। बाबू के घर में करीब 15-20 ड्रम साल्वेंट केमिकल रखा हुआ था। एक जून को केमिकल के ड्रम फटने से आग पूरे मकान में फैल गई थी। पुलिस ने जेसीबी से घर की पिछली दीवार तोड़कर परिवार के लोगों को निकाला था। हादसे में बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हुई थी। जबकि दो फायरकर्मियों दीपक और सतपाल समेत एक दर्जन लोग झुलसे थे। इस अग्निकांड की जांच सीओ सरधना संतोष कुमार सिंह को सौंपी गई थी।
विज्ञापन
सीओ ने यह दी जांच रिपोर्ट
सीओ की जांच रिपोर्ट में सिपाहियों से लेकर दरोगा, चौकी इंचार्ज, पूर्व चौकी इंचार्ज, जानी थाने के इंस्पेक्टर और ग्रामीणों समेत 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए। घटनास्थल से जो खाली व भरे हुए ड्रम मिले, उनकी जांच में सामने आया कि साल्वेंट व डीजल के ड्रमों से स्पष्ट है कि इतनी अधिक मात्रा में अवैध तेल एक दिन में एकत्र नहीं किया गया। काफी लंबे समय से वहां तेल रखा हुआ था। बाबू बाल्मीकि के मकान में आने-जाने के कई रास्ते हैं। कुछ रास्ते जंगल की तरफ जा रहे हैं। जब से दरोगा प्रबल कुमार सिवालखास चौकी पर तैनात हुए हैं। तभी से अवैध तेल का कारोबार हो रहा था। पूर्व चौकी प्रभारी धनवीर सिंह व दूसरे दरोगा के बीच लंबे समय से मतभेद था।
विज्ञापन
बयानों में उलझी इंस्पेक्टर की भूमिका
इंस्पेक्टर जानी प्रेमचंद शर्मा ने अपने बयानों में कहा था कि मैं आग की घटना पर फोर्स के साथ पहुंचा और जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई। समाचार पत्रों में पुलिस के नकारात्मक समाचार प्रकाशित किए गए। मीडिया कर्मियों द्वारा पुलिस पर दबाव बनाने के लिए समाचार प्रकाशित किए गए। थाना प्रभारी के रूप में तैनाती के दौरान मेरे द्वारा व पुलिसकर्मियों द्वारा तेल तस्करों के खिलाफ पूर्व में कड़ी कार्रवाई की गई। वहीं, सीओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा अवैध तेल की कोई जानकारी न होना संदेह में है। तेल के अवैध कारोबार में प्रथम दृष्टया चौकी इंचार्ज प्रबल कुमार पंकज और प्रभारी निरीक्षक प्रेमचंद शर्मा दोषी परिलक्षित होते हैं।
खास बातें:
एक जून को सिवालखास में घर में लगी थी आग
बच्ची समेत तीन की हुई थी मौत, सीओ सरधना कर रहे थे जांच
पुलिस की मिलीभगत से चौकी के पास घर में बेचा जा रहा था डीजल, पेट्रोल