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वायरल वीडियो खोलेंगी 4000 उपद्रवियों के नाम
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:55 AM IST
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मेरठ। शहर में सोमवार को हुए उपद्रव की वायरल वीडियो और फोटो 4000 से ज्यादा अज्ञात बवालियों के नाम खोलेंगी। पुलिस और क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने इस तमाम वीडियो और फोटो को एकत्र कर स्थानीय लोगों, मुखबिरों और एसपीओ की मदद से इनकी पहचान करने का काम शुरू कर दिया है। पुष्टि के बाद इन उपद्रवियों के नाम मुकदमों में खोलकर उनकी गिरफ्तारी होगी।
प्रदर्शनकारियों ने शहर की सड़कों पर जिस तरह अराजकता फैलाई, पुलिस ने भी उतनी ही संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं। सिविल लाइन, नौचंदी, कंकरखेड़ा, जानी, मेडिकल, परतापुर सहित विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों में करीब 350 आरोपी नामजद किए गए हैं। इनमें पूर्व विधायक योगेश वर्मा सहित कई पूर्व पार्षद और बसपा से जुडे़ लोग शामिल हैं। करीब चार हजार लोगों को अज्ञात अभियुक्त दिखाया गया है। इन अज्ञात लोगों की पहचान के लिए अब पुलिस उपद्रव से संबंधित वायरल हुई वीडियो और फोटो की मदद ले रही है। पुलिस ने अलग अलग स्थानों पर हुए बवाल की करीब 100 से ज्यादा वीडियो और फोटो जुटाए हैं।
व्हाट्स एप ग्रुप रडार पर
बवाल से दो-तीन दिन पहले के ऐसे वायरल वीडियो और फोटो की भी जांच की जा रही है, जिनके जरिये माहौल खराब करने की भूमिका बनाई गई। साइबर सेल द्वारा ऐसे मेसेज और वीडियो ट्रेस किए जा रहे हैं। विवादित और भड़काने वाले मेसेज भेजने वाले व्हाट्स ग्रुप की जांच की जा रही है। एसएसपी मंजिल सैनी भी कह चुकी हैं कि माहौल खराब करने वालों को हर हाल में सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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बख्शा नहीं जाएगा
वायरल वीडियो और फोटो के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पहचान होते ही इनके नाम मुकदमों में खोलकर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। शहर का माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। -मान सिंह चौहान एसपी सिटी
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प्रदर्शनकारियों ने शहर की सड़कों पर जिस तरह अराजकता फैलाई, पुलिस ने भी उतनी ही संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं। सिविल लाइन, नौचंदी, कंकरखेड़ा, जानी, मेडिकल, परतापुर सहित विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों में करीब 350 आरोपी नामजद किए गए हैं। इनमें पूर्व विधायक योगेश वर्मा सहित कई पूर्व पार्षद और बसपा से जुडे़ लोग शामिल हैं। करीब चार हजार लोगों को अज्ञात अभियुक्त दिखाया गया है। इन अज्ञात लोगों की पहचान के लिए अब पुलिस उपद्रव से संबंधित वायरल हुई वीडियो और फोटो की मदद ले रही है। पुलिस ने अलग अलग स्थानों पर हुए बवाल की करीब 100 से ज्यादा वीडियो और फोटो जुटाए हैं।
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व्हाट्स एप ग्रुप रडार पर
बवाल से दो-तीन दिन पहले के ऐसे वायरल वीडियो और फोटो की भी जांच की जा रही है, जिनके जरिये माहौल खराब करने की भूमिका बनाई गई। साइबर सेल द्वारा ऐसे मेसेज और वीडियो ट्रेस किए जा रहे हैं। विवादित और भड़काने वाले मेसेज भेजने वाले व्हाट्स ग्रुप की जांच की जा रही है। एसएसपी मंजिल सैनी भी कह चुकी हैं कि माहौल खराब करने वालों को हर हाल में सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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बख्शा नहीं जाएगा
वायरल वीडियो और फोटो के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पहचान होते ही इनके नाम मुकदमों में खोलकर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। शहर का माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। -मान सिंह चौहान एसपी सिटी