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हिस्ट्रीशीटर के गोदाम में मिलीं यूनानी दवाईयां
Updated Sun, 27 Aug 2017 02:08 AM IST
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मेरठ। कैंटोनमेंट अस्पताल के सामने एक गोदाम में दवाईयों की जांच को लेकर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने छापा मारा। पड़ताल में दवाईयां यूनानी डॉक्टर की थीं, जो सही पाई गईं। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने दवाईयों को गोदाम में ही सील कर दिया।
इंस्पेक्टर सदर बाजार प्रशांत कपिल ने बताया कि यूनानी डॉक्टर ताहिर सेंट्रल की परमिशन पर कैंटोनमेंट अस्पताल में भी बैठते हैं। तीन साल से वह कैंटोनमेंट अस्पताल में दवाईयों को रखने की जगह मांगने के लिए पत्र लिख रहे हैं। लेकिन उन्हें दवाई रखने की जगह नहीं मिली अस्पताल प्रशासन ने दवाई रखने से मना कर दिया। जिसके बाद डॉक्टर ने सोतीगंज में किराए पर दो दुकानों को लेकर उनमें दवाईयां रख दीं। शुक्रवार रात किसी ने सूचना दी कि अवैध तरीके से दवाईयां रखी हैं। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएम सदर ज्ञान प्रकाश पुलिस के साथ पहुंचे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जिस गोदाम में दवाईयां रखी मिलीं, वह गोदाम हिस्ट्रीशीटर यूनुस का है। ऐसे में ड्रग्स विभाग की टीम ने गोदाम को सील कर दिया। दवाईयां सही हैं। लेकिन फिर भी जांच के लिए दिल्ली से टीम आएगी।
- सिटी मजिस्ट्रेट ने इंस्पेक्टर सदर बाजार के साथ मारा था छापा
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इंस्पेक्टर सदर बाजार प्रशांत कपिल ने बताया कि यूनानी डॉक्टर ताहिर सेंट्रल की परमिशन पर कैंटोनमेंट अस्पताल में भी बैठते हैं। तीन साल से वह कैंटोनमेंट अस्पताल में दवाईयों को रखने की जगह मांगने के लिए पत्र लिख रहे हैं। लेकिन उन्हें दवाई रखने की जगह नहीं मिली अस्पताल प्रशासन ने दवाई रखने से मना कर दिया। जिसके बाद डॉक्टर ने सोतीगंज में किराए पर दो दुकानों को लेकर उनमें दवाईयां रख दीं। शुक्रवार रात किसी ने सूचना दी कि अवैध तरीके से दवाईयां रखी हैं। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएम सदर ज्ञान प्रकाश पुलिस के साथ पहुंचे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जिस गोदाम में दवाईयां रखी मिलीं, वह गोदाम हिस्ट्रीशीटर यूनुस का है। ऐसे में ड्रग्स विभाग की टीम ने गोदाम को सील कर दिया। दवाईयां सही हैं। लेकिन फिर भी जांच के लिए दिल्ली से टीम आएगी।
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- सिटी मजिस्ट्रेट ने इंस्पेक्टर सदर बाजार के साथ मारा था छापा